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3 अंक प्रश्न

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Question 13 Marks
मानव शरीर की कोशिकाओं द्वारा प्रदर्शित विभिन्न गतियाँ कौनसी हैं?
Answer
मानव शरीर की कोशिकाएँ मुख्यतः तीन प्रकार की गति दर्शाती हैं-
(i) अमीबीय गति (Amoeboid Movement) - हमारे शरीर के श्वेताणु जैसे- महाभक्षकाणु (Macrophages) न्यूट्रोफिल कोशिकाओं में यह गति पाई जाती है जो कि कोशिका भक्षण में सहायक होती है।
यह क्रिया जीवद्रव्य की प्रवाही गति द्वारा कूट पाद (Pseudopodia) बनाकर की जाती है, जैसे-अमीबा के सदृश । कोशिका कंकाल तन्त्र जैसे- सूक्ष्म तंतु भी अमीबीय गति में सहयोगी होते हैं।
(ii) पक्ष्माभी गति (Ciliary Movement) - हमारे अधिकांश नलिकाकार अंगों में जो पक्ष्माभ उपभित्ति से आस्तरित होते हैं पक्ष्माभ गति होती है। श्वास नली में पक्ष्माभों की समन्वित गति से वायुमंडलीय वायु के साथ प्रवेश करने वाले धूल कणों एवं बाह्य पदार्थों को हटाने में मदद मिलती है।
इसी प्रकार मादा प्रजनन मार्ग में डिंब का परिवहन पक्ष्माभ गति की सहायता से ही होता है।
(iii) पेशीय गति (Muscular Movement) - हमारे पादों, जबड़ों, जिह्वा आदि में पायी जाने वाली गति पेशीय गति ही है। मनुष्य में चलन पेशियों की संकुचनशीलता के कारण होता है। चलन में प्रयुक्त होने वाली पेशियां अस्थियों से संलग्न होती हैं। पेशीय संकुचन के कारण उपांगों की अस्थियों में गति उत्पन्न होती है। अस्थियों, पेशियों एवं तन्त्रिका तन्त्र की समन्वित क्रिया के फलस्वरूप चलन सम्भव होता है।
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Question 23 Marks
इनके बीच अन्तर बताएँ-
अंस एवं श्रोणि मेखला।
Answer
अंस और श्रोणि मेखला में अन्तर (Differences between Pectoral Girdle and Pelvic Girdle)-
क्र.सं.अंस मेखला (Pectoral Girdle)श्रोणि मेखला (Pelvic Girdle)
1.यह कंधों (Shoulders) का निर्माण करती है।जबकि श्रोणि मेखला कूल्हे (Hips) का निर्माण करती है।
2.अंस मेखला के प्रत्येक अर्धभाग में एक क्लेविकल एवं स्कैपुला होती है।जबकि श्रोणि मेखला का प्रत्येक अर्धभाग तीन अस्थियों से मिलकर बना होता है, जिन्हें क्रमशः इलियम इस्थिसीयम एवं प्यूबिस कहते हैं।
3.अंस मेखला में पाई जाने वाली गुहा को ग्लीनॉइड गुहा (Glenoid Cavity) कहते हैं।जबकि श्रोणि मेखला में पाई जाने वाली गुहा को एसिटैबुलम (Acetabulum) कहते हैं।
4.ग्लीनॉइड गुहा में ह्यूमरस अस्थि का सिर फिट रहता है।जबकि एसिटैबुलम गुहा में फीमर का सिर फिट रहता है।
5.यह हृदय एवं फेफड़ों की रक्षा करती है।यह पश्च भाग के कोमल अंतरांगों की सुरक्षा करती है।
6.यह पेशियों से जुड़ने के लिए आधार बनाती है।जबकि इसकी चपटी अस्थियों से पेशियाँ जुड़ी रहती हैं।
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Question 33 Marks
इनके बीच अन्तर बताएँ-
एक्टिन और मायोसिन
Answer
एक्टिन और मायोसिन में अंतर (Differences between Actin and Myosin)-
क्र.संएक्टिन (Actin)मायोसिन (Myosin)
1.ये पतले तन्तु (Filaments) होते हैं।जबकि ये मोटे तन्तु होते हैं।
2.एक्टिन कम अणुभार वाला तन्तुमय प्रोटीन है। (आणविक भार 60000)इसका अणुभार अधिक होता है। (अणुभार 500000)
3.एक्टिन का अणु गोलाकार G प्रोटीन के रूप में होता है।मायोसिन अणु की आकृति टेडपोल के समान होती है।
4.लवण व ATP की उपस्थिति में G-एक्टिन के अणु एक-दूसरे के साथ मिलकर F-एक्टिन (Fibrous actin) में परिवर्तित हो जाते हैं।मायोसिन अणु प्रोटीन अपघटनीय एन्जाइम ट्रिप्सिन (Trypsin) द्वारा दो भागों में विभक्त हो जाता है- (i) भारी मेरोमायोसिन, (ii) हल्का मेरोमायोसिन ।
5.एक्टिन तन्तु में कैल्सियम एक्टिनेट (Calcium Actinate) के रूप में पाया जाता है, जिसके एक अणु में चार Cat होते हैं।मायोसिन तन्तु में मायोसिन प्रोटीन मैग्नेशियम मायोसिनेट (Magnesium Myosinate) के रूप में पाया जाता है, जिसके एक अणु में एक Mg++ होता है।
6.प्रत्येक एक्टिन सूत्र 3 मायोसिन सूत्रों से घिरा होता है।प्रत्येक मायोसिन सूत्र 6 एक्टिन सूत्रों से घिरा होता है।
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Question 43 Marks
(i) श्रोणि मेखला हमारे शरीर के किस भाग का निर्माण करती है? श्रोणि मेखला के कोई चार कार्य लिखिए।
(ii) दायीं श्रोणि अस्थि एवं पश्च पाद अस्थियों का नामांकित चित्र बनाइए।
Answer
(i) श्रोणि मेखला हमारे कूल्हे (Heeps) का निर्माण करती है।
श्रोणि मेखला के कार्य निम्न हैं-
(a) यह पैरों की अस्थियों को जुड़ने के लिए स्थान प्रदान करती है।
(b) यह उदरीय विसरा को सहारा एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक कटोरे के समान संरचना बनाती है।
(c) यह शरीर के भाग को पैरों पर स्थान्तरित करती है।
(d) यह मेरूदण्ड (वर्टीबल कॉलम) को सहारा देती है।
(ii) दायीं श्रोणि अस्थि एवं पश्च पाद अस्थियों का नामांकित चित्र-
Image
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Question 53 Marks
स्नायु एवं कंडरा में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer
स्नायु एवं कंडरा में अन्तर
(Differences between Ligament and Tendon)
क्र.सं.स्नायू (Ligament)कंडरा (Tendon)
1.यह लचीले होते हैं।यह लचकरहित होते हैं।
2.पेशीय अस्थि से अस्थि को जोड़ने वाली रचना को स्नायु कहते हैं।पेशियों को अस्थि से जोड़ने वाली रचना को कंडरा कहते हैं।
3.स्नायु में पीले तन्तु होते हैं।कंडरा (Tendon) में श्वेत तन्तु होते हैं।
4.यह अस्थियों को अपने स्थान से हटने को रोकता है।जबकि कंडरा गति में सहायक होता है।
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Question 63 Marks
रेखित तथा अरेखित पेशियों में चार अन्तर लिखो।
Answer
रेखित तथा अरेखित पेशियों में अन्तर
क्र.सं.लक्षणरेखितअरेखित
1.स्थितिकंकाल से जुड़ी होती हैआंतरांगों की दीवार
2.तन्तु की आकृतिलम्बे बेलनाकार सिरों पर कुन्दलम्बे तर्कुरूपी, सिरे नोकदार
3.संकुचन की दरसबसे अधिकसबसे कम
4.नियंत्रणऐच्छिकअनैच्छिक
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Question 73 Marks
अस्थियों के क्या कार्य हैं?
Answer
अस्थियों के कार्य -
(1) अस्थियाँ शरीर को दृढ़ता प्रदान करती हैं।
(2) अस्थियों में उपस्थित अस्थि मज्जा में R.B.C. का निर्माण होता है।
(3) अस्थियाँ पेशियों को जुड़ने के लिए आधार देती हैं।
(4) अस्थियाँ शरीर को निश्चित आकृति प्रदान करती हैं।
(5) अस्थियाँ शरीर के कोमल अंगों को बाह्य आघातों से सुरक्षा प्रदान करती हैं, जैसे- अस्थियों से बनी वक्षीय कोटर में हृदय, फेफड़े एवं करोटि में मस्तिष्क सुरक्षित रहता है।
(6) श्रवणांगों में स्थित कुछ छोटी हड्डियां सुनने में सहायता करती हैं।
(7) कंकाल तंत्र गति, चलन, उठने-बैठने आदि क्रियाओं में सहायक होता है।
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Question 83 Marks
निम्न पर टिप्पणियाँ लिखिए -
(i) माइस्थेनिया ग्रेविस (ii) पेशीय दुष्पोषण (iii) अपतानिका (iv) अस्थि सुषिरता।
Answer
(i) माइस्थेनिया ग्रेविस (Myasthenia gravis) - एक स्वप्रतिरक्षा विकार जो तंत्रिका पेशी संधि को प्रभावित करता है। इससे कमजोरी और कंकाली पेशियों का पक्षाघात होता है।
(ii) पेशीय दुष्पोषण (Muscular dystrophy) - विकारों के कारण कंकाल पेशी का अनुक्रमित अपह्रासन ।
(iii) अपतानिका - शरीर में कैल्सियम आयनों की कमी से पेशी में तीव्र ऐंठन।
(iv) अस्थि सुषिरता (Osteoporosis) - यह उम्र सम्बन्धित विकार है जिसमें अस्थि के पदार्थों में कमी से अस्थि भंग की प्रबल सम्भावना है। एस्ट्रोजन स्तर में कमी इसका सामान्य कारक है।
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