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तरंग-प्रकाशिकी question types

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तरंग-प्रकाशिकी questions

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समतल ध्रुवित प्रकाश में वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता सदिश के कंपन होते
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एक ऐसी परिघटना जो यह प्रदर्शित करती है कि कोई तरंग अनुप्रस्थ है, वह है:
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जैसा कि आप मूल पाठ में जान चुके हैं कि विवर्तन तथा व्यतिकरण पैटर्न में तीव्रता का वितरण समझने का आधारभूत सिद्धांत तरंगों का रेखीय प्रत्यारोपण है। इस सिद्धांत की तर्कसंगति क्या है?
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जब कम ऊँचाई पर उड़ने वाला वायुयान ऊपर से गुजरता है तो हम कभी-कभी टेलीविजन के परदे पर चित्र को हिलते हुए पाते हैं। एक संभावित स्पष्टीकरण सुझाइए।
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किरण प्रकाशिकी प्रकाश के सीधी रेखा में गति करने की संकल्पना पर आधारित है। विवर्तन प्रभाव जब प्रकाश का संचरण एक द्वारक झिरी या वस्तु के चारों ओर प्रेक्षित किया जाए) इस संकल्पना को नकारता है। तथापि किरण प्रकाशिकी की संकल्पना प्रकाशकीय यंत्र में प्रतिबिम्बों को स्थिति तथा उनके दूसरे अनेक गुणों को समझने के लिए सामान्यत: उपयोग में लायी जाती है। इसका क्या औचित्य है?
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5000 $\overset oA$ तरंगदैर्घ्य का प्रकाश एक समतल परावर्तक सतह पर आपतित होता है। परावर्तित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य एवं आवृत्ति क्या है? आपतन कोण के किस मान के लिए परावर्तित किरण आपतित किरण के लम्बवत् होगी?
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एक द्विझिरी प्रयोग में एक मीटर दूर रखे परदे पर एक फ्रिंज की कोणीय चौड़ाई $0.2^{\circ}$ पाई गई। उपयोग किए गए प्रकाश की तरंगदैर्घ्य $600 \mathrm{~nm}$है। यदि पूरा प्रायोगिक उपकरण जल में डुबो दिया जाए तो फ्रिंज की कोणीय चौड़ाई क्या होगी? जल का अपवर्तनांक 4/3 लीजिए।
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यंग के द्विझिरी प्रयोग में व्यतिकरण फ्रेजो को प्राप्त करन क लिए, 650 nm तथा 520 $\mathrm{~nm}$ तरंगदैर्घ्यों के प्रकाश-पुंज का उपयोग किया गया।
  1. 650 nm तरंगदैर्घ्य के लिए परदे पर तीसरे दीप्त फ्रिंज की केंद्रीय उच्चिष्ठ से दूरी ज्ञात कीजिए।
  2. केंद्रीय उच्चिष्ठ से उस न्यूनतम दूरी को ज्ञात कीजिए जहाँ दोनों तरंगदैर्घ्यों के कारण दीप्त फ्रिंज संपाती (coincide) होते हैं।
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यंग के द्विझिरी प्रयोग में, $ \lambda$ तरंगदैर्घ्य का एकवर्णीय प्रकाश उपयोग करने पर, परदे के एक बिन्दु पर जहाँ पथांतर $ \lambda$है, प्रकाश की तीव्रता K इकाई है। उस बिन्दु पर प्रकाश की तीव्रता कितनी होगी जहाँ पथांतर $ \lambda$/3 है?
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  1. काँच का अपवर्तनांक 1.5 है। काँच में प्रकाश की चाल क्या होगी?
    (निर्वात में प्रकाश की चाल $3.0 \times 10^{8} \mathrm{~ms}^{-1}$ है।)
  2. क्या काँच में प्रकाश की चाल, प्रकाश के रंग पर निर्भर करती है?
    यदि हाँ, तो लाल तथा बैंगनी में से कौन-सा रंग काँच के प्रिज्म में धीमा चलता है?
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यंग के द्विशिरी प्रयोग में झिरियों के बीच की दूरी 0.28 मिमी. है तथा परदा 1.4 मी. की दूरी पर रखा गया है। केंद्रीय दीप्त फ्रिंज एवं चतुर्थ दीप्त फ्रिंज के बीच की दूरी 1.2 सेमी मापी गई है। प्रयोग में उपयोग किए गए प्रकाश की तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए।
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एकल झिरी विवर्तन प्रयोग में, झिरी की चौड़ाई मूल चौड़ाई से दोगुनी कर दी गई है। यह केंद्रीय विवर्तन बैंड के साइज तथा तीव्रता को कैसे प्रभावित करेगी?
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उस दूरी का आकलन कीजिए जिसके लिए किसी 4 मिमी के आकार के द्वारक तथा 400 मिमी. तरंगदैर्घ्य के प्रकाश के लिए किरण प्रकाशिकी सन्निकट रूप से लागू होती है।
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