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Question 12 Marks
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उपरोक्त अभिक्रिया अनुक्रम में x वy के रासायनिक सूत्र लिखकर IUPAC नाम लिखिए।
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Question 22 Marks
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उपरोक्त अभिक्रिया अनुक्रम में x वy के रासायनिक सूत्र लिखकर नाम लिखिए।
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Question 32 Marks
ऐसीटोन से निम्नलिखित यौगिकों को किस प्रकार प्राप्त किया जाता है?
(i) मेसिटिल ऑक्साइड (ii) फोरोन (iii) मेसिटिलीन।
Answer

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(i) शुष्क HCI की उपस्थिति में ऐसीटोन को गरम करने पर मेसिटिल ऑक्साइड तथा फोरोन का मिश्रण प्राप्त होता है।
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(ii) सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल की उपस्थिति में ऐसीटोन को गरम करने पर संघनन तृतीयकरण द्वारा समचक्रीय एरोमैटिक यौगिक मेसिटिलीन प्राप्त होता है।
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Question 42 Marks
$(i)$ अपचायक के प्रयोग के बिना फॉर्मेल्डिहाइड से मेथेनॉल किस प्रकार बनाया जा सकता है$?$
$(ii)$ फेलिंग विलयन में रोशेल लवण क्यों मिलाया जाता है$?$
Answer
$(i)$ फॉर्मेल्डिहाइड $\text{(HCHO)}$ की सान्द्र $\text{NaOH}$ के साथ अभिक्रिया से केनिजारो अभिक्रिया होकर मेथेनॉल $(CH_3OH)$ तथा सोडियम फॉर्मेट बनता है। इस अभिक्रिया में प्रयुक्त $\text{NaOH}$ अपचायक नहीं है।
$\ce{2 HCHO + NaOH \longrightarrow CH _3 OH + HCOONa}$
$\qquad\qquad$ सान्द्र
$(ii)$ फेलिंग विलयन में क्षारीय माध्यम होता है तथा क्षारीय माध्यम में $Cu ^{2+}$ आयन $Cu ( OH )_2$ के रूप में अवक्षेपित हो जाते हैं। अतः रोशेल लवण मिलाने पर $Cu ^{2+}$ तथा रोशेल लवण के मध्य संकुल बन जाता है जिससे $Cu ^{2+}$ अवक्षेप के रूप में न रहकर विलयन में आ जाते हैं अन्यथा परीक्षण में बाधा उत्पन्न होगी।
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Question 52 Marks
(i) वह सरलतम मोनो कार्बोक्सिलिक अम्ल कौनसा है जो प्रकाशिक समावयवता दर्शाता है तथा क्यों?
(ii) प्रोपेनोइक अम्ल तथा एथिल मेथेनॉएट के युग्म में कौनसी समावयवता पायी जाती है तथा क्यों?
Answer
(i) 2-मेथिलब्यूटेनोइक अम्ल एक सरलतम मोनो कार्बोक्सिलिक अम्ल है जो प्रकाशिक समावयवता दर्शाता है क्योंकि इसमें एक असममित कार्बन उपस्थित है।
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(ii) प्रोपेनोइक अम्ल तथा एथिल मेथेनॉएट एक-दूसरे के क्रियात्मक समूह समावयवी हैं क्योंकि इनमें भिन्न-भिन्न क्रियात्मक समूह उपस्थित हैं।
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Question 62 Marks
कार्बोक्सिलिक अम्ल तथा इनके व्युत्पन्नों में कार्बोनिल समूह पाया जाता है, फिर भी ये कार्बोनिल समूह के गुण नहीं दर्शाते, क्यों
Answer
कार्बोक्सिलिक अम्ल तथा इनके व्युत्पन्नों में कार्बोनिल समूह $(> C = O )$ पाया जाता है लेकिन इन यौगिकों में अनुनाद होता है जिससे कार्बोनिल समूह के कार्बन-ऑक्सीजन द्विबन्ध में एकल बन्ध के गुण आ जाते हैं अतः यह वास्तविक कार्बोनिल समूह नहीं रह पाता है इसी कारण ये यौगिक कार्बोनिल समूह के गुण जैसे ऑक्सिम बनाना इत्यादि नहीं दर्शाते ।
अम्ल तथा इसके व्युत्पन्नों की अनुनादी संरचनाएँ निम्नलिखित हैं-
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Z = OH तो कार्बोक्सिलिक अम्ल तथा Z = विभिन्न समूह होने पर ये अम्ल के व्युत्पन्न होंगे।
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Question 72 Marks
ऐसिटैल्डिहाइड के त्रिलकीकरण तथा चतुष्टयीकरण के समीकरण लिखिए।
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Question 82 Marks
पोपाफ का नियम क्या होता है? उदाहरण सहित समझाइए ।
Answer
जब किसी असममित कीटोन के ऑक्सीकरण से दो असमान कार्बोक्सिलिक अम्ल प्राप्त होते हैं तो $> C = O$ समूह छोटे ऐल्किल समूह की तरफ जाता है।
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Question 92 Marks
(a) कार्बोनिल यौगिकों में $\alpha$-हाइड्रोजन अम्लीय होते हैं, क्यों?
(b) एथेनैल की एल्डोल संघनन अभिक्रिया की व्याख्या कीजिए।
Answer
(a) कार्बोनिल यौगिकों (ऐल्डिहाइड तथा कीटोन) में $\alpha$ - हाइड्रोजन अम्लीय होते हैं क्योंकि कार्बोनिल समूह - I प्रभाव (इलेक्ट्रॉन आकर्षी प्रभाव) दर्शाता है तथा हाइड्रोजन आयन $( H ^{+})$ के निकलने से प्राप्त संयुग्मी क्षार, अनुनाद के कारण स्थायी हो जाता है।
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(b) एथेनैल में $\alpha$ - हाइड्रोजन उपस्थित होते हैं अतः तनु क्षार की उपस्थिति में इसके दो अणु क्रिया करके 3-हाइड्रॉक्सी-ब्यूटेनैल बनाते हैं जिसे गर्म करने पर ब्यूट-2-ईनैल बनता है। इस अभिक्रिया को एल्डोल संघनन कहते हैं।
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Question 102 Marks
टॉलुइन से बेन्जैल्डिहाइड बनाने की विभिन्न विधियाँ बताइए।
Answer
सूर्य के प्रकाश में टॉलुईन की क्रिया क्लोरीन से कराने पर पहले बेन्जल क्लोराइड बनता है जिसके जल अपघटन से बेन्जैल्डिहाइड प्राप्त होता है। बेन्जैल्डिहाइड बनाने की यह एक औद्योगिक विधि है।
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Question 112 Marks
कार्बोनिल यौगिक नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं, क्यों?
Answer
कार्बोनिल यौगिकों में प्रथम पद में, नाभिकस्नेही के आक्रमण से बना ऐल्कॉक्साइड आयन, इलेक्ट्रॉनस्नेही के आक्रमण से बने कार्बोकेटायन की तुलना में अधिक स्थायी होता है। इसी कारण कार्बोनिल यौगिक नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं।
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Question 122 Marks
(i) ऐल्कीनो के कार्बोनिलीकरण से कार्बोक्सिलिक अम्ल बनाने की एक अभिक्रिया लिखिए।
(ii) आर्ट आइसटर्ट अभिक्रिया की व्याख्या कीजिए।
Answer

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आर्ण्ट आइसटर्ट अभिक्रिया से (From Arndt Eistert Reaction)-ऐसिड हैलाइड की क्रिया डाइऐजोमेथेन से कराने पर प्राप्त उत्पाद का जल अपघटन करने से कार्बोंक्सिलिक अम्ल प्राप्त होते हैं जिनमें ऐसिड हैलाइड की तुलना में एक कार्बन अधिक होता है। इस विधि को आर्ण्ट आइसटर्ट अभिक्रिया कहते हैं। इस विधि द्वारा न्यूनतम तीन कार्बन का अम्ल बनाया जा सकता है। अत: यह विधि HCOOH तथा $CH _3 COOH$ बनाने के लिए उपयुक्त नहीं है।
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इस विधि के लिए आवश्यक ऐसिड हैलाइड, कार्बोक्सिलिक अम्लों से ही प्राप्त होता है अत: इस अभिक्रिया को एक सजातीय श्रेणी में आरोहण के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है।
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Question 132 Marks
(i) ऐसी दो विधियाँ बताइए जिनसे $> C = O$ समूह $> CH _2$ में परिवर्तित हो जाता है।
(ii) ऐल्डिहाइडों के शोधन में सोडियम बाइसल्फाइट का प्रयोग क्यों किया जाता है?
Answer
(i) क्लीमेन्सन अपचयन तथा वोल्फ किश्नर अपचयन द्वारा $> C = O$ समूह $> CH _2$ में परिवर्तित हो जाता है।
(ii) ऐल्डिहाइड सोडियम बाइ सल्फाइट $( NaHSO _3)$ से क्रिया करते हैं लेकिन अन्य अशुद्धियाँ नहीं, अतः अशुद्ध ऐल्डिहाइड की $NaHSO _3$ से क्रिया द्वारा प्राप्त श्वेत ठोस का जल अपघटन करके शुद्ध ऐल्डिहाइड प्राप्त कर लिया जाता है।
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Question 142 Marks
कार्बोक्सिलिक अम्लों के क्वथनांक समतुल्य अणुभार वाले ऐल्डिहाइडों, कीटोनों तथा ऐल्कोहॉलों से उच्च होते हैं, क्यों?
Answer
समतुल्य अणुभार वाले ऐल्डिहाइडों, कीटोनों तथा ऐल्कोहॉलों की तुलना में कार्बोक्सिलिक अम्लों के क्वथनांक उच्च होते हैं क्योंकि कार्बोक्सिलिक अम्लों में प्रबल अंतराअणुक हाइड्रोजन बन्ध पाया जाता है जिसके कारण इनके अणु आपस में संगुणित हो जाते हैं तथा अधिकांश अम्ल वाष्प अवस्था एवं ऐप्रोटिक विलायकों में द्विलक के रूप में पाए जाते हैं।
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Question 152 Marks
ऐल्डिहाइडों तथा कीटोनों के क्वथनांक समतुल्य आण्विक द्रव्यमान वाले हाइड्रोकार्बनों तथा ईथरों से अधिक होते हैं, लेकिन ऐल्कोहॉलों से कम, क्यों?
Answer
ऐल्डिहाइडों तथा कीटोनों के क्वथनांक समतुल्य आण्विक द्रव्यमान वाले हाइड्रोकार्बनों तथा ईथरों से अधिक होते हैं, क्योंकि ऐल्डिहाइडों तथा कीटोनों में द्विध्रुव - द्विध्रुव आकर्षण बल के कारण आण्विक संगुणन पाया जाता है। लेकिन इनके क्वथनांक समतुल्य आण्विक द्रव्यमान वाले ऐल्कोहॉलों से कम होते हैं क्योंकि ऐल्कोहॉलों में अंतराआण्विक हाइड्रोजन बन्ध पाया जाता है जो कि इनमें नहीं होता।
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Question 162 Marks
बेन्जैल्डिहाइड तथा ऐसिटैल्डिहाइड में किस प्रकार विभेद किया जाता है$?$
Answer
$(i)$ बेन्जैल्डिहाइड $(C_6H_5CHO)$ आयोडोफॉर्म परीक्षण नहीं देता जबकि ऐसिटैल्डिहाइड $(CH_3CHO)$ आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है।
$(ii) C_6H_5CHO$ फेलिंग विलयन से क्रिया नहीं करता जबकि $CH_3CHO,$ फेलिंग विलयन को अपचयित कर देता है।
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Question 172 Marks
कार्बोनिल यौगिकों के सन्दर्भ में निम्नलिखित के उदाहरण दीजिए-
(i) मध्यावयवता
(ii) स्थिति समावयवता
Answer
(i) मध्यावयवता - यह समावयवता बहुसंयोजी समूह युक्त यौगिक कीटोन में होती है जिसमें $> C = O$ से जुड़े ऐल्किल समूहों में भिन्नता होती है।
उदाहरण - पेन्टेन-2- ऑन तथा पेन्टेन 3-ऑन
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(ii) स्थिति समावयवता भी कीटोन में ही होती है। उपरोक्त उदाहरण स्थिति समावयवता का भी है।
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Question 182 Marks
बेन्जोइक अम्ल को ऐनिलीन में किस प्रकार परिवर्तित किया जा सकता है?
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Question 202 Marks
फ्लुओरीन की विद्युतऋणता, क्लोरीन की विद्युतऋणता से अधिक होती है फिर भी p-क्लोरोबेन्जोइक अम्ल की अम्लीय प्रबलता p-फ्लुओरोबेन्जोइक अम्ल से अधिक होती है क्यों?
Answer
हैलोजन, +M तथा -I दोनों प्रभाव दर्शाते हैं लेकिन फ्लुओरीन तथा कार्बन का परमाणु आकार लगभग समान होता है अतः p-फ्लुओरो बेन्जोइक अम्ल में +M प्रभाव p-क्लोरो बेन्जोइक अम्ल की तुलना में अधिक होता है। इसलिए इसमें -I प्रभाव कम प्रभावी रह जाता है इस कारण p-क्लोरोबेन्जोइक अम्ल की अम्लीय प्रबलता, p- फ्लुओरोबेन्जोइक अम्ल से अधिक होती है।
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Question 212 Marks
फार्मिक अम्ल की निम्नलिखित के साथ अभिक्रियाएँ दीजिए$- (i)$ सान्द्र $H_2SO_4 \ (ii)$ जलीय $Cl_2$​​​​​​​
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Question 222 Marks
ऐसिल क्लोराइड तथा ऐसिड ऐन्हाइड्राइड के जल अपघटन से कार्बोक्सिलिक अम्ल बनाने के उदाहरण दीजिए।
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Question 232 Marks
पिनेकॉल अपचयन पर टिप्पणी लिखिए।
Answer
पिनेकॉल अपचयन - यह अभिक्रिया मुख्यतः ऐसीटोन के लिए होती है।
ऐसीटोन का अपचयन मैग्नीशियम अमलगम (Mg/Hg) द्वारा बेन्जीन में कराने पर पहले एक संकुल बनता है जिसके जल अपघटन से पिनेकॉल प्राप्त होता है। इसी कारण इसे पिनेकॉल अपचयन कहते हैं। इस अभिक्रिया में ऐसीटोन के दो अणु प्रयुक्त होते हैं, अतः इसे द्विअणुक अपचयन भी कहते हैं।
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Question 242 Marks
ऐसीटोन की निम्नलिखित के साथ अभिक्रियाओं के समीकरण दीजिए$-$
$(i)$ नाइट्स अम्ल $(ii)$ सोडामाइड।
Answer
$(i)$ नाइट्रस अम्ल के साथ अभिक्रिया $-$ ऐसीटोन की क्रिया नाइट्रस अम्ल $(HNO_2)$ के साथ कराने पर ऑक्सिमीनोऐसीटोन तथा जल बनता है।
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$(ii)$ सोडामाइड या सोडियम के साथ अभिक्रिया $-$ ऐसीटोन की क्रिया सोडियम या सोडामाइड के साथ ईथरी विलयन में कराने पर सोडियम ऐसीटोनेट प्राप्त होता है।
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Question 252 Marks
ऐल्डॉल संघनन की क्रियाविधि समझाइए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 262 Marks
यद्यपि फ़ीनॉक्साइड आयन की अनुनादी संरचनाएँ कार्बोक्सिलेट आयन की तुलना में अधिक हैं परन्तु कार्बोक्सिलिक अम्ल फ़ीनॉल की अपेक्षा प्रबल अम्ल है। क्यों?
Answer
फ़ीनॉक्साइड आयन में ऋणात्मक आवेश केवल एक ऑक्सीजन परमाणु तथा कम विद्युतऋणी कार्बन पर वितरित होता है, जबकि कार्बोक्सिलेट आयन में ऋणात्मक आवेश दो ऑक्सीजन परमाणुओं पर वितरित होता है, अतः इसमें ऋणात्मक आवेश का विस्थानीकरण, फ़ीनॉक्साइड आयन में अधिक होता है इसलिए इसका अनुनाद स्थायीकरण अधिक होता है। इसलिए कार्बोक्सिलिक अम्ल, फ़ीनॉल की अपेक्षा प्रबल अम्ल है।
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Question 272 Marks
पदों (शब्दों) से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
शिफ-क्षारक ।
Answer
शिफ-क्षारक कार्बोनिल यौगिकों की प्राथमिक ऐमीन से क्रिया द्वारा बने उत्पाद प्रतिस्थापित इमीन होते हैं, इन्हें शिफ-क्षारक कहते हैं।
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Question 282 Marks
पदों (शब्दों) से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
इमीन
Answer
इमीन-कार्बोनिल यौगिक NH, के साथ अभिक्रिया करके इमीन बनाते हैं।
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Question 292 Marks
पदों (शब्दों) से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
कीटैल
Answer
कीटैल-शुष्क HCI की उपस्थिति में कीटोन, एथिलीन ग्लाइकॉल के साथ अभिक्रिया करके चक्रीय उत्पाद बनाते हैं जिसे एथिलीन ग्लाइकॉल कीटैल कहते हैं।
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Question 302 Marks
पदों (शब्दों) से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
ऑक्सिम
Answer
ऑक्सिम-कार्बोनिल यौगिकों की हाइड्रॉक्सिल एमीन से क्रिया कराने से बने उत्पाद ऑक्सिम कहलाते हैं।
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Question 312 Marks
पदों (शब्दों) से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
हेमीऐसीटेल
Answer
हेमीऐसीटेल-शुष्क HCI की उपस्थिति में ऐल्डिहाइड की मोनोहाइड्रिक ऐल्कोहॉल के एक मोल के साथ अभिक्रिया कराने पर ऐल्कॉक्सी ऐल्कोहॉल बनते हैं, इन्हें हेमीऐसीटेल कहते हैं।
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Question 322 Marks
पदों (शब्दों) से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
2,4-DNP व्युत्पन्न
Answer
2,4-DNP व्युत्पन्न ऐल्डिहाइड तथा कीटोन 2,4-डाई नाइट्रो फेनिल हाइड्रेजीन (2.4-DNP) से क्रिया करके 2,4-डाईनाइट्रोफेनिल हाइड्रेजोन बनाते हैं, इन्हें 2,4-DNP व्युत्पन्न कहते हैं।
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Question 332 Marks
पदों (शब्दों) से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
ऐल्डोल
Answer
ऐल्डोल-a-H युक्त ऐल्डिहाइडों का तनु क्षार की उपस्थिति में संघनन करने से बना उत्पाद ऐल्डोल कहलाता है।
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Question 342 Marks
पदों (शब्दों) से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
सेमीकार्बेजोन
Answer
सेमीकार्बेजोन- कार्बोनिल यौगिकों की सेमीकार्बेजाइड से अभिक्रिया कराने पर बने यौगिकों को सेमीकार्बेजोन कहते हैं। जैसे-
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Question 352 Marks
पदों (शब्दों) से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
ऐसीटेल
Answer
ऐसीटेल-ऐल्डिहाइड की दो मोल मोनोहाइड्रिक ऐल्कोहॉल से क्रिया कराने पर प्राप्त यौगिकों को ऐसीटेल कहते हैं।
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Question 362 Marks
पदों (शब्दों) से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
सायनोहाइड्रिन
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Question 372 Marks
सम्भावित कारण दीजिए-
कार्बोक्सिलिक अम्ल एवं ऐल्कोहॉल से, अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में एस्टर के विरचन के समय जल अथवा एस्टर जैसे ही निर्मित होता है उसको निकाल दिया जाना चाहिए।
Answer
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कार्बोक्सिलिक अम्ल की ऐल्कोहॉल से क्रिया द्वारा एस्टर बनने की अभिक्रिया उत्क्रमणीय होती है अतः एस्टर बनते ही वह वापस जल से क्रिया करके अम्ल तथा ऐल्कोहॉल बना देता है। अतः अभिकारकों एवं उत्पादों के मध्य साम्य स्थापित हो जाता है इसलिए जल या एस्टर को बनते ही अभिक्रिया मिश्रण से निकाल देने पर साम्य अग्र दिशा में विस्थापित हो जाता है जिससे एस्टर अधिक मात्रा में बनता है।

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Question 382 Marks
सम्भावित कारण दीजिए-
सेमीकार्बेज़ाइड में दो-NH2 समूह होते हैं, परन्तु केवल एक -NH2 समूह ही सेमीकार्बेज़ोन विरचन में प्रयुक्त होता है।
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Question 392 Marks
सम्भावित कारण दीजिए-
साइक्लोहेक्सेनोन अच्छी लब्धि में सायनोहाइड्रिन बनाता है। परन्तु 2, 2, 6-ट्राइमेथिलसाइक्लोहेक्सेनोन ऐसा नहीं करता।
Answer
साइक्लोहेक्सेनोन का कार्बोनिल समूह ध्रुवीय होता है। अतः इस पर HCN का नाभिकस्नेही संकलन आसानी से होकर अच्छी लब्धि में सायनोहाइड्रिन बन जाता है।
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लेकिन 2,2,6-ट्राइमेथिलसाइक्लोहेक्सेनोन में उपस्थित तीन मेथिल समूहों के +I प्रभाव (इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षी प्रभाव) के कारण कार्बोनिल समूह की ध्रुवता कम हो जाती है तथा इन तीन मेथिल समूहों की त्रिविम विन्यासी बाधा के कारण नाभिकस्नेही (CN) का आक्रमण मुश्किल होता है। अतः इस पर HCN के योग से प्राप्त सायनोहाइड्रिन की लब्धि बहुत कम होती है।
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Question 402 Marks
पद (शब्द) का वर्णन करो-
विकार्बोक्सिलन (विकार्बोक्सिलीकरण)
Answer
विकार्बोक्सिलन-कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम लवणों को सोडालाइम (NaOH तथा CaO, (3:1) का मिश्रण) के साथ गरम करने पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है एवं हाइड्रोकार्बन प्राप्त होते हैं। यह अभिक्रिया विकार्बोक्सिलन या विकार्बोक्सिलीकरण कहलाती है।
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Question 412 Marks
पद (शब्द) का वर्णन करो-
ऐसीटिलिन (ऐसीटिलीकरण)
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Question 422 Marks
यौगिक युगल में विभेद करने के लिए सरल रासायनिक परीक्षणों को दीजिए-
बेन्नैल्डिहाइड एवं एसीटोफ़ीनॉन
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Question 432 Marks
यौगिक युगल में विभेद करने के लिए सरल रासायनिक परीक्षणों को दीजिए-
पेन्टेन-2-ऑन एवं पेन्टेन-3-ऑन
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Question 442 Marks
यौगिक युगल में विभेद करने के लिए सरल रासायनिक परीक्षणों को दीजिए-
बेन्जोइक अम्ल एवं एथिलबेन्जोएट
Answer
बेन्जोइक अम्ल एवं एथिलबेन्जोएट में विभेद-
(1) बेन्ज़ोइक अम्ल (C6H5COOH) अम्लीय है। अतः यह नीले लिटमस को लाल करता है जबकि एथिल बेन्ज़ोएट (C6H5COOC2H5) एक एस्टर है अतः यह नीले लिटमस से कोई क्रिया नहीं करता।
(2) बेन्ज़ोइक अम्ल NaHCO3 विलयन के साथ क्रिया करके CO2 गैस की बुदबुदाहट देता है जबकि एथिल बेन्ज़ोएट की NaHCO3 विलयन के साथ कोई क्रिया नहीं होती।
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