Questions

दो-तीन वाक्यों में लिखिए।

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13 questions · self-marked practice — reveal the answer and mark yourself.

Question 12 Marks
गाद' से आप क्या समझते हैं?
Answer
गाद नदी तलों (आधारों) में निक्षेप के रूप में पाई जाती है। गाद कणों का आमाप (साइज) बालू और चिकनी मिट्टी के आमापों के बीच का होता है।
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Question 22 Marks
धान के रोपण के लिए किस प्रकार की मृदा सबसे उपयुक्त होगी? ऐसी मृदा, जिसकी अंतःस्रवण दर अधिक हो अथवा जिसमें यह दर कम हो?
Answer
धान के रोपण के लिए मृत्तिका एवं जैव पदार्थ से समृद्ध ऐसी मृदा सबसे उपयुक्त होगी जिसकी अन्तः स्रवण दर कम होगी।
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Question 32 Marks
क्या कारण है कि उत्तरी भारत की कृषि उपज भारत की लगभग आधी जनसंख्या को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है?
Answer
उत्तर भारत की अनेक नदियाँ हिमालय क्षेत्र से निकलकर मैदानी क्षेत्र की ओर बहती हैं। ये नदियाँ अपने साथ अनेक प्रकार के पदार्थ लाती हैं, जिनमें गाद, मृत्तिका (चिकनी मिट्टी), बालू और बजरी सम्मिलित हैं। इन पदार्थों के मिश्रण को जलोढ़ मृदा कहते हैं। उत्तर भारत के मैदानों में नदियाँ अपने साथ लाई गई जलोढ़ मृदा को निक्षेपित कर देती हैं। यह मृदा बहुत उर्वर होती है। इसी कारण इस क्षेत्र की कृषि उपज भारत की लगभग आधी जनसंख्या को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है।
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Question 42 Marks
सुराही और मटके बनाने वाली मृदा में घोड़े की लीद क्यों मिलायी जाती है?
Answer
सुराही और मटकों को शुष्क वायु में सुखाने के बाद उच्च ताप पर भट्टी में पकाया जाता है। पकाने के प्रक्रम में घोड़े की लीद जल जाती है, जिससे मृदा के पात्रों में सूक्ष्म छिद्र रह जाते हैं। इसी कारण मटकों और सुराही में से जल अंत:स्रावित होकर उनकी बाहरी सतह तक आ पाता है। वहाँ से यह वाष्पित हो जाता है, जिससे घड़े या सुराही में रखा जल ठंडा हो जाता है।
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Question 52 Marks
किसी क्षेत्र विशेष में उगने वाली वनस्पति तथा फसलों की किस्मों का निर्धारण किसके द्वारा किया जाता है? लिखिए।
Answer
जलवायवी अर्थात् जलवायु सम्बन्धी कारक, जैसेपवन, वर्षा, तापमान, प्रकाश और आर्द्रता, तथा मृदा के घटक सम्मिलित रूप से किसी क्षेत्र विशेष में उगने वाली वनस्पति तथा फसलों की किस्मों का निर्धारण करते हैं।
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Question 62 Marks
ग्रीष्मकाल में दिन के समय किसी खेत अथवा खुले मैदान से गुजरते वक्त हमें जमीन के ऊपर की वायु कंपदीप्त प्रतीत क्यों होती है?
Answer
ग्रीष्मकाल के गर्म दिनों में मृदा से जल के वाष्पन के कारण ऊपर उठती जलवाष्प वायु को अपेक्षाकृत सघन बना देती है। इससे सूर्य के प्रकाश के परावर्तन के कारण मृदा के ऊपर की वायु हमें कंपदीप्त (Shimmering) प्रतीत होती है।
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Question 72 Marks
बलुई मृदा किस कारण से हल्की, सुवातित और शुष्क होती है? 
Answer
मृदा के कणों के आमाप का उसके गुणों पर बहुत महत्त्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। बालू के कण अपेक्षाकृत बड़े होते हैं। ये आसानी से एक - दूसरे से जुड़ नहीं पाते। इस कारण इनके बीच में काफी रिक्त स्थान होते हैं। ये स्थान वायु से भरे होते हैं। बालू के कणों के बीच के स्थानों में से जल की निकासी भी तेजी से हो जाती है। अतः हम कह सकते हैं कि बलुई मृदा हल्की, सुवातित और शुष्क होती है।
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Question 82 Marks
मृदा को उसमें पाए जाने वाले विभिन्न आमाप (साइज) के कणों के अनुपात के आधार पर कितने वर्गों में वर्गीकृत किया जा सकता है?
Answer
मृदा को कणों के अनुपात के आधार पर तीन वर्गों में वर्गीकृत कर सकते हैं, जो निम्न प्रकार से हैं।
1.बलुई मृदा: जब मृदा में बड़े कणों का अनुपात अधिक होता है, तो वह बलुई मृदा कहलाती है।
2.मृण्मय मृदा: यदि मृदा में बारीक (सूक्ष्म) कणों का अनुपात अधिक होता है, तो वह मृण्मय मृदा कहलाती है।
3.दुमटी मृदा: जब मृदा में बड़े एवं छोटे कणों की मात्रा लगभग समान होती है, तो वह दुमटी मृदा कहलाती है।
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Question 92 Marks
शीर्ष मृदा पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer
शीर्ष मृदा: यह मृदा की सबसे ऊपर वाली संस्तर-स्थिति होती है। यह सामान्यत: गहरे रंग की होती हैं, क्योंकि यह ह्यूमस और खनिजों से समृद्ध होती हैं। ह्यूमस, मृदा को उर्वर बनाता है और पादपों को पोषण प्रदान करता है। यह परत सामान्यतः मृदु, संरंध्र और अधिक जल को धारण करने वाली होती है। इसे A संस्तर - स्थिति भी कहते हैं। यह कृमियों, कुंतकों, छछंदरों और भृगुओं जैसे अनेक जीवों को आश्रय प्रदान करती है। छोटे पादपों की जड़ें पूरी तरह से शीर्षमृदा में ही रहती हैं।
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Question 102 Marks
मृदा की प्रकृति किस पर निर्भर करती है? लिखिए।
Answer
किसी मृदा की प्रकृति उन शैलों पर निर्भर करती है, जिनसे उसका निर्माण हुआ है। इसके साथ ही यह उन वनस्पतियों की किस्मों पर भी निर्भर करती है, जो इसमें उगते हैं।
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Question 112 Marks
अपक्षय की परिभाषा लिखिए।
Answer
अपक्षय: पवन, जल और जलवायु की क्रिया से शैलों (चट्टानों) के टूटने पर मृदा का निर्माण होता है। मृदा निर्माण का यह प्रक्रम ही 'अपक्षय' कहलाता है
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Question 122 Marks
पॉलीथीन की थैलियों और प्लास्टिक की वस्तुओं के उपयोग पर प्रतिबंध की माँग क्यों की जा रही है? कारण लिखिए
Answer
पॉलीथीन की थैलियाँ और प्लास्टिक की वस्तुएँ, मृदा को प्रदूषित करती हैं। ये मृदा में रहने वाले जीवों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए पॉलीथीन की थैलियों और प्लास्टिक की वस्तुओं के उपयोग पर प्रतिबंध की माँग की जा रही है।
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Question 132 Marks
मृदा का महत्त्व बतलाइये।
Answer
मृदा का महत्त्व:
1.मृदा पादपों की जड़ों को दृढ़ता से थामे रखकर तथा उन्हें जल और पोषक तत्त्वों की आपूर्ति करके उनकी वृद्धि में सहायता करती है।
2.यह अनेक जीवों को आश्रय देती है।
3.कृषि के लिए मृदा अनिवार्य है।
4.यह भवनों को सहारा देती है।
5.इससे बर्तन, खिलौने और मूर्तियाँ आदि बनाये जाते हैं। उपर्युक्त के अलावा अन्य बहुत से कार्यों में मृदा का उपयोग किया जाता है।
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