Questions

प्रश्नों के उत्तर लिखिए। (प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का हे)

Take a timed test

11 questions · self-marked practice — reveal the answer and mark yourself.

Question 14 Marks
सिद्ध कीजिए कि 6 + $\sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है।
Answer
इसके विपरीत मान लीजिए कि 6 + $\sqrt{2}$ एक परिमेय संख्या है।
हम किसी भी परिमेय संख्या को $\frac {p}{q}$ के रूप में व्यक्त कर सकते है जहाँ p तथा q दो पूर्णांक है और q $\neq$ 0 है।
इसलिए,
$\frac{p}{q}=6+\sqrt{2}$
और p तथा q को उभयनिष्ठ गुणनखंड से विभाजित कर एक सह-अभाज्य संख्या a तथा b प्राप्त कर सकते हैं।
अत: 6 + $\sqrt{2}=\frac{a}{b}$
या $\sqrt{2}=\frac{a}{b}-6$
या $\sqrt{2}=\frac{a-6 b}{b}$
चूँकि a तथा b पूर्णांक है और 6 भी पूर्णांक है।
इसलिए $\frac{a-6 b}{b}$ एक परिमेय संख्या है जबकि वाया पक्ष $\sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है।
इससे एक विरोधाभासी परिणाम प्राप्त होता है कि $\sqrt{2}$ परिमेय संख्या है।
ऐसा विरोधाभासी परिणाम हमारी गलत कल्पना से प्राप्त हुआ है कि 6 + $\sqrt{2}$
एक परिमेय संख्या है।
अत: 6 + $\sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है।
View full question & answer
Question 24 Marks
सिद्ध कीजिए कि $7 \sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।
Answer
इसके विपरीत मान लीजिए कि $7\sqrt{5}$ एक परिमेय संख्या है।
हम किसी भी परिमेय संख्या को $\frac {p}{q}$ के रूप में व्यक्त कर सकते है जहाँ p तथा q दो पूर्णांक है और q $\neq$ 0 है।
इसलिए,
$\frac{p}{q}=7 \sqrt{5}$
p तथा q को उभयनिण्ठ गुणनखंड से विभाजित करके $7\sqrt{5}$ = $\frac{a}{b}$ प्राप्त कर सकते है जहाँ a और b सहअभाज्य (co-prime) है।
अत: $7 \sqrt{5}=\frac{a}{b}$
या $7 \sqrt{5}$ b = a
या $\frac{a}{7 b}=\sqrt{5}$
चूँकि a तथा b पूर्णांक है और 7 भी पूर्णांक है।
इसलिए $\frac{a}{7 b}$ एक परिमेय संख्या है जबकि दांया पक्ष $\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।
इससे एक विरोधाभासी परिणाम प्राप्त होता है कि $\sqrt{5}$ परिमेय संख्या है।
ऐसा विरोधाभासी परिणाम हमारी गलत कल्पना से प्राप्त हुआ है कि $7 \sqrt{5}$ एक परिमेय संख्या है।
अत: $7\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।
View full question & answer
Question 34 Marks
सिद्ध कीजिए कि $\frac{1}{\sqrt{2}}$ एक अपरिमेय संख्या है।
Answer
सिद्ध कीजिए कि $\frac{1}{\sqrt{2}}$ अपरिमेय संख्या हैं।
इसके विपरीत मान लीजिए कि $\frac{1}{\sqrt{2}}$ एक परिमेय संख्या है।
हम किसी भी परिमेय संख्या को $\frac {p}{q}$ के रूप में व्यक्त कर सकते है जहाँ $p$ तथा $q $ दो पूर्णांक है और $q \neq 0$ है।
इसलिए,
$\frac{p}{q}=\frac{1}{\sqrt{2}}$
$p$ तथा $q$ को उभयनिष्ठ गुणनखंड से विभाजित करके $\frac{1}{\sqrt{2}}=\frac{a}{b}$ प्राप्त कर सकते है जहाँ $a$ और $b$ सहअभाज्य $($co-prime$)$ है।
अत: $\frac{1}{\sqrt{2}}=\frac{a}{b}$
$$या $b = a\sqrt{2}$
दोनों तरफ वर्ग करने पर
$b^2 = 2a^2$
या $a^2 = \frac{b^{2}}{2}$
यहाँ $2b^2$ को विभाजित करता है अत: $2, b$ को भी विभाजित करेगा। $...(1)$
अत: $b = 2c$ माना [क्योंकि a 5 द्वारा विभाजित होता है।]
$b^2= 2a^2$ में $b = 2c$ रखने पर
$\Rightarrow (2c)^2 = 2a^2$
$\Rightarrow 4c^2 = 2a^2$
$\Rightarrow 2c^2 = a^2$
$\Rightarrow c^2 = \frac{a^{2}}{2}$
यहाँ $2a^2$ को विभाजित करता है अत: $2a$ को भी विभाजित करेगा। $...(2)$
समीकरण $(1)$ तथा $(2)$ से हम पाते है कि $2a$ तथा $b$ दोनों को विभाजित करता है जिसमें $2$ एक उभयनिष्ठ गुणनखंड है।
इससे हमारी इस तथ्य का विरोधाभास प्राप्त होता है कि $a$ तथा $b$ में $1$ के अतिरिक्त कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है, क्योंकि हमने a तथा b को सह-अभाज्य प्राप्त किया था।
यह विरोधाभासी परिणाम हमारी गलत कल्पना से प्राप्त हुआ है,
अत: $\frac{1}{\sqrt{2}}$ एक अपरिमेय संख्या है।
View full question & answer
Question 44 Marks
सिद्ध कीजिए कि 3 + $2\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।
Answer
इसके विपरीत मान लीजिए कि 3 + $2 \sqrt{5}$ एक परिमेय संख्या है।
हम किसी भी परिमेय संख्या को $\frac {p}{q}$ के रूप में व्यक्त कर सकते है जहाँ p तथा q दो पूर्णांक है और q $\neq$ 0 है।
इसलिए,
$\frac{b}{d}$ = 3 + $2 \sqrt{5}$
और p तथा q को उभयनिष्ठ गुणनखंड से विभाजित कर एक सह-अभाज्य संख्या a तथा b प्राप्त कर सकते हैं।
अत: $3+2 \sqrt{5}=\frac{a}{b}$
या $2 \sqrt{5}=\frac{a}{b}-3$
या $2 \sqrt{5}=\frac{a-3 b}{b}$
या $\sqrt{5}=\frac{a-3 b}{2 b}$
चूँकि a तथा b पूर्णांक है और 2 तथा 3 भी पूर्णांक है।
इसलिए $\frac{a-3 b}{2 b}$ एक परिमेय संख्या है जबकि वाया पक्ष $\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।
इससे एक विरोधाभासी परिणाम प्राप्त होता है कि $\sqrt{5}$ परिमेय संख्या है।
ऐसा विरोधाभासी परिणाम हमारी गलत कल्पना से प्राप्त हुआ है कि 3 + $2 \sqrt{5}$ एक परिमेय संख्या है। अत: 3 + $2 \sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।
अत: 3 + $2\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।
View full question & answer
Question 54 Marks
सिद्ध कीजिए कि $ \sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।
Answer
इसके विपरीत मान लीजिए कि $\sqrt{5}$ एक परिमेय संख्या है।
हम किसी भी परिमेय संख्या को $\frac {p}{q}$ के रूप में व्यक्त कर सकते है जहाँ $p$ तथा $q$ दो पूर्णांक है और $q \neq 0$ है।
इसलिए,
$\frac{p}{q}=\sqrt{5}$
यदि $p$ तथा $q$ को उभयनिष्ठ गुणनखंड से विभाजित करके $\sqrt{5} = \frac{a}{b}$ प्राप्त कर सकते है जहाँ $a$ और $b$ सहअभाज्य (co-prime) है।
अत:
$\sqrt{5}=\frac{a}{b}$
या $\sqrt{5} b = a$
दोनों तरफ वर्ग करने पर
$5b^2 = a^2$ 
या $b^2 = \frac{a^{2}}{5}$
यहाँ $5a^2 $ को विभाजित करता है अत: 5a को भी विभाजित करेगा। $ ...(1)$
अत: $a = 5c$ माना [क्योंकि a5 द्वारा विभाजित होता है अर्थात a का 5 कोई गुणनखंड है।]
$5b^2= a^2$ में $a = 5c$ रखने पर
$\Rightarrow 5b^2 = (5c)^2$
$\Rightarrow 5b^2 = 25c^2$
$\Rightarrow b^2 = 5c^2$
$\Rightarrow c^2 = \frac{b^{2}}{5}$
यहाँ $5b^2 $ को विभाजित करता है अत: $5b$ को भी विभाजित करेगा।$ ...(2)$
समीकरण $(1)$ तथा $(2)$ से हम पाते है कि $5a$ तथा $b$ दोनों को विभाजित करता है जिसमें $5$ एक उभयनिष्ठ गुणनखंड है।
इससे हमारी इस तथ्य का विरोधाभास प्राप्त होता है कि $a$ तथा $b$ में $1$ के अतिरिक्त कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है।
यह विरोधाभासी परिणाम हमारी गलत कल्पना से प्राप्त हुआ है।
अत: $\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।
View full question & answer
Question 64 Marks
व्याख्या कीजिए कि 7 $\times$ 11 $\times$ 13 + 13 और 7 $\times$ 6 $\times$ 5 $\times$ 4 $\times$ 3 $\times$ 2 $\times$ 1 + 5 भाज्य संख्याएँ क्यों हैं।
Answer
माना A = 7 $\times$ 11 $\times$ 13 + 13
= 13(17 $\times$ 11 + 1)
= 13(77 + 1)
= 13 $\times$ 78
अत: यह एक भाज्य संख्या है क्योंकि इसके अभाज्य गुणनखंड में 1 को छोड़कर अन्य दो गुणनखंड हैं।
इसी प्रकार,
माना B = 7 $\times$ 6 $\times$ 5 $\times$ 4 $\times$ 3 $\times$ 1 + 5
= 5(7 $\times$ 6 $\times$ 4 $\times$ 3 $\times$ 2 $\times$ 1 + 1)
= 5 $\times$ (1008 + 1)
= 5 $\times$ 1009
अतः यह भी एक भाज्य संख्या है क्योंकि इसके भी अभाज्य गुणनखंड में 1 को छोड़कर अन्य दो गुणनखंड हैं।
View full question & answer
Question 74 Marks
यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग करके दर्शाइए कि किसी धनात्मक पूर्णांक का घन $9m, 9m + 1$ या $9m + 8$ के रूप का होता है।
Answer
माना, a कोई धनात्मक पूर्णांक है;
युकिल्ड विभाजन प्रमेयिका के प्रयोग से;
$a = bq + r$ जहाँ; $0 \leq r < b$
$b = 9$ रखने पर
$a = 9q + $r जहाँ; $0 \leq r < 9$
जब $r = 0$ हो;
$a = 9q + 0 = 9q$
$a^3= (9q)^3= 9(81 q^3)$ या $9m$ जहाँ $m = 81q^3$ 
जब $r = 1$ हो
$a = 9q + 1$
$a^3= (9q + 1)^3= 9(81q^3+ 27q^2+ 3q) + 1$
$= 9m + 1$ जहाँ $m =81q^3+ 27q^2+ 3 q$
जब r = 2 हो तो
$a = 9q + 2$
$a^3= (9q + 2)^3= 9(81q^3+ 54q^2+ 12q) + 8$
$= 9m + 2$ जहाँ $m = 81 q^3+ 54 q^2+ 12 q$
अत: किसी धनात्मक पूर्णांक का घन $9m, 9m + 1$ या $9m + 8$ के रूप का होता है।
View full question & answer
Question 84 Marks
यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग करके दर्शाइए कि किसी धनात्मक पूर्णांक का वर्ग, किसी पूर्णांक $m$ के लिए 3m या $3m + 1$ के रूप का होता है।
Answer
दर्शाना है: $a^2 = 3m$ or $3m + 1$
$a = bq + r$
माना कि $a$ कोई धनात्मक पूर्णांक है जहाँ $b = 3$ और $r = 0, 1, 2$ क्योंकि $0 \leq r < 3$
तब $a = 3q + r$ कुछ पूर्णांक के लिए $q \geq 0$
इसलिए, $a = 3q + 0$ or $3q + 1$ or $3q + 2$
अब हम पाते हैं
$\Rightarrow a^2= (3q + 0)^2$ or $(3q + 1)^2$ or $(3q + 2)^2$
$\Rightarrow a^2= 9q^2$ or $9q^2+ 6q + 1$ or $9q^2+ 12q + 4$
$\Rightarrow a^2= 9q^2$ or $9q^2+ 6q + 1$ or $9q^2+ 12q + 3 + 1$
$\Rightarrow a^2= 3(3q^2)$ or $3(3q^2+ 2q) + 1$ or $3(3q^2+ 4q + 1) + 1$
यदि $m = (3q^2)$ or $(3q^2+ 2q)$ or $(3q^2+ 4q + 1)$ हो तो
हम पाते हैं कि;
$a^2 = 3m$ or $3m + 1$ or $3m + 1$
View full question & answer
Question 94 Marks
$\sqrt{3}$ एक अपरिमेय संख्या है।
Answer
आइए हम इसके विपरीत यह मान लें कि $\sqrt{3}$ एक परिमेय संख्या है। अर्थात्, हम ऐसे दो पूर्णांक $a$ और $b(\neq 0)$ प्राप्त कर सकते हैं कि $\sqrt{3} = \frac{a}{b}$ है। यदि $a$ और $b$ में, $1$ के अतिरिक्त कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड हो, तो हम उस उभयनिष्ठ गुणनखंड से भाग देकर $a$ और $b$ को सहअभाज्य बना सकते हैं।
अतः $b \sqrt{3} = a$ है।
दोनों पक्षों का वर्ग करने तथा पुनर्व्यवस्थित करने पर, हमें $3b^2= a^2$ प्राप्त होता है। अतः $a^2, 3$ से विभाजित है। इसलिए, प्रमेय $1.3$ द्वारा $3, a$ को भी विभाजित करेगा।
अतः हम $a = 3c$ लिख सकते हैं, जहाँ $c$ एक पूर्णांक है।
$a$ के इस मान को $3b^2= a^2$ में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है:
$3b^2= 9c^2$ अर्थात् $b^2= 3c^2$
इसका अर्थ है कि $b^2, 3$ से विभाजित हो जाता है। इसलिए प्रमेय $1.3$ द्वारा $b$ भी $3$ से विभाजित होगा।
अतः $a$ और $b$ में कम से कम एक उभयनिष्ठ गुणनखंड $3$ है।
परंतु इससे इस तथ्य का विरोधाभास प्राप्त होता है कि $a$ और $b$ सहअभाज्य हैं।
हमें यह विरोधाभास अपनी त्रुटिपूर्ण कल्पना के कारण प्राप्त हुआ है कि $\sqrt{3}$ एक परिमेय
संख्या है। अतः हम निष्कर्ष निकालते हैं कि $\sqrt{3}$ एक अपरिमेय संख्या है।
View full question & answer
Question 104 Marks
दर्शाइए कि 5 - $\sqrt{3}$ एक अपरिमेय संख्या है।
Answer
आइए इसके विपरीत मान लें कि 5 - $\sqrt{3}$ एक परिमेय संख्या है। अर्थात् हम सहअभाज्य ऐसी संख्याएँ a और b(b $\neq$ 0) ज्ञात कर सकते हैं कि 5 - $\sqrt{3}$ = $\frac{a}{b}$ हो।
अत: 5 - $\frac{a}{b}$ = $\sqrt{3}$ है।
इस समीकरण को पुनर्व्यवस्थित करने पर हमें प्राप्त होता है:
$\sqrt{3}$ = 5 - $\frac{a}{b}$
चूँक a और b पूर्णांक हैं, इसलिए 5 - $\frac{a}{b}$ एक परिमेय संख्या है अर्थात् $\sqrt{3}$ एक परिमेय संख्या है। परंतु इससे इस तथ्य का विरोधाभास प्राप्त होता है कि $\sqrt{3}$ एक अपरिमेय संख्या है।
हमें यह विरोधाभास अपनी गलत कल्पना के कारण प्राप्त हुआ है कि 5 - $\sqrt{3}$ एक परिमेय संख्या है।
अतः हम निष्कर्ष निकालते हैं कि 5 - $\sqrt{3}$ एक अपरिमेय संख्या है।
View full question & answer
Question 114 Marks
4052 और 12576 का HCF यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म का प्रयोग करके ज्ञात कीजिए।
Answer
चरण 1: यहाँ 12576 > 4052 है। हम 12576 और 4052 पर यूक्लिड प्रमेयिका का प्रयोग करने पर, प्राप्त करते हैं:
12576 = 4052 $\times$ 3 + 420
चरण 2: क्योंकि शेषफल 420 $\neq$ 0 है, इसलिए हम 4052 और 420 के लिए यूक्लिड प्रमेयिका का प्रयोग करके निम्नलिखित प्राप्त करते हैं:
4052 = 420 $\times$ 9 + 272
चरण 3: हम नए भाजक 420 और नए शेषफल 272 को लेकर यूक्लिड प्रमेयिका का प्रयोग करके, निम्नलिखित प्राप्त करते हैं:
420 = 272 $\times$ 1 + 148
अब, हम नए भाजक 272 और नए शेषफल 148 पर यूक्लिड प्रमेयिका का प्रयोग करके प्राप्त करते हैं:
272 = 148 $\times$ 1 + 124
अब, हम नए भाजक 148 और नए शेषफल 124 पर यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग करके प्राप्त करते हैं:
148 = 124 $\times$ 1 + 24
अब, हम नए भाजक 124 और नए शेषफल 24 पर यूक्लिड प्रमेयिका लगा कर, प्राप्त करते हैं:
124 = 24 $\times$ 5 + 4
अब, हम नए भाजक 24 और नए शेषफल 4 को लेकर यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग करके, प्राप्त करते हैं:
24 = 4 $\times$ 6 + 0
यहाँ शेषफल 0 प्राप्त हो गया है। इसलिए प्रक्रिया यहाँ समाप्त हो जाती है। चूँकि इस स्थिति में भाजक 4 है, इसलिए 12576 और 4052 का HCF 4 है।
धयान दीजिए कि HCF(24, 4) = HCF(124, 24) = HCF(148, 124) = HCF(272,148) = HCF(420, 272) = HCF(4052, 420) = HCF(12576, 4052) है।
यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म न केवल बड़ी संख्याओं के HCF परिकलित करने में उपयोगी है, अपित यह इसलिए भी महत्वपुर्ण है कि यह उन एल्गोरिथ्मों में से एक है, जिनका कंप्यूटर में एक प्रोग्राम के रूप में सबसे पहले प्रयोग किया गया।
View full question & answer