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लघु उत्तरीय प्रश्न [2M] - जीव विज्ञान

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Question 12 Marks
ओजोन क्या है तथा यह किसी पारितंत्र को किस प्रकार प्रभावित करती है?###ओजोन परत हमारे लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?###ओजोन परत लाभदायक है या हानिकारक ? व्याख्या कीजिए।
Answer
ओजोन ऑक्सीजन का एक अपररूप है। इसका एक अणु ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर बना होता है। इसका अणुसूत्र $O _3$ है। यह ऑक्सीजन के तीन अणुओं की सूर्य के प्रकाश (UV rays) की उपस्थिति में अभिक्रिया द्वारा बनती है।
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ओजोन पृथ्वी की सतह पर एक आवरण बनाती है जो पराबैंगनी विकिरणों से बचाती है। यह पराबैंगनी विकिरण हमारे लिए बहुत हानिकारक है। इस प्रकार यह पारितन्त्र को नष्ट होने से बचाती है।
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Question 22 Marks
आहार श्रृंखला में ऊर्जा स्थानांतरण की जानकारी के साथ, मनुष्य स्वयं के लिए आहार श्रृंखला में एक लाभदायक स्थान प्राप्त कर सकता है। स्पष्ट कीजिए।
Answer
मनुष्य जब स्वयं को उत्पादकों के निकट रखता है, तो वह अधिक ऊर्जा प्राप्त करता है। उत्पादक स्तर से अधिक दूरी अर्थात् ऊर्जा की कम कैलोरी प्राप्त करना। यह इस कारण है कि प्रत्येक पोषी स्तर पर 90% ऊर्जा पर्यावरण में विलुप्त हो जाती है। उदाहरण-
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Question 32 Marks
अपमार्जक और उनकी पारितन्त्र में भूमिका पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer
अपमार्जक सिंथेटिक रसायन होते हैं जो सफाई में काम आते हैं। ये जल स्रोतों में जाकर जल प्रदूषण का कारण बनते हैं।
1. ये जलीय जीवों के लिए हानिकारक होते हैं।
2. जल में झाग उत्पन्न कर ऑक्सीजन की उपलब्धता कम कर देते हैं।
3. पारिस्थितिक तंत्र में जैव संतुलन को बिगाड़ सकते हैं।
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Question 42 Marks
पोषी स्तर पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer
पोषी स्तर
पौषी स्तर (Trophic level) किसी खाद्य श्रृंखला में जीवों की उस स्थिति को कहते हैं जहाँ वै पोषण प्राप्त करते हैं। प्रत्येक पोषी स्तर पर जीव अपने से पहले वाले स्तर से ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
बाघ श्रृंखला का पहला पौषीस्तरः उत्पादकों का होता है; जैसे-हरे पौधे, जो सूर्य के प्रकाश की सहायता से भोजन बनाते हैं। इसके बाद आते हैं शाकाहारी उपभोक्ता, जो पौधों को खाते हैं। इन्हें प्राथमिक उपभोक्ता कहा जाता है। फिर आते हैं, मांसाहारी, जो शाकाहारी जीवों को खाते हैं- थे दिती -जो द्वितीयक या तृतीयक उपभोक्ता हो सकते है।
प्रत्येक पोषी स्तर पर केवल लगभग $10 \%$ ऊर्जा अगले स्तर को स्थानांतरित होती है, शेष ऊर्जा जैव क्रियाओं में खर्च हो जाती है। इसलिए वाषी स्तर की संख्या सीमित होती है।
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Question 52 Marks
उत्पादक तथा उपभोक्ता में चार अन्तर लिखिए।
Answer
क्र०सं०उत्पादकउपभोक्ता
1.उत्पादक वे जीव है जो भौतिक पर्यावरण से अपना भोजन स्वयं बना लेते हैं।उपभोक्ता ऐसे जीव हैं जो अपने भोजन के लिए दूसरे जीवों पर आश्रित रहते हैं।-
2.इन्हें स्वपोषित जीव कहते हैं।इन्हें परपोषित जीव कहा जाता है।
3.इसके अंतर्गत हरे पौधे तथा जीवाणु आदि महत्त्वपूर्ण होते हैं।इसके अन्तर्गत प्राणी, पशु-पक्षी और अपघटक आदि सम्मिलित होते हैं।
4.उत्पादक सौर ऊर्जा की सहायता से अजैव पदार्थों को जैव पदार्थों में परिणत कर देते हैं।उपभोक्ता शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही प्रकार के होते है।
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Question 62 Marks
अम्ल वर्षा को उदाहरण सहित समझाइए।
Answer
अम्ल वर्षा अम्ल वर्षा वायु में उपस्थित नाइट्रोजन तथा सल्फर के ऑक्साइड के कारण होती है। ये गैसीय ऑक्साइड वर्षा के जल के साथ मिलकर क्रमशः नाइट्रिक अम्ल तथा सल्फ्यूरिक अम्ल बनाते हैं। वर्षा के साथ ये अम्ल भी पृथ्वी पर नीचे आ जाते हैं। इसे ही अम्ल वर्षा या अम्लीय वर्षा (acid rain) कहते हैं। इसके कारण अनेक ऐतिहासिक भवनों, स्मारकों, मूर्तियों का संक्षारण हो जाता है जिससे उन्हें काफी नुकसान पहुँचता है। अम्लीय वर्षा के कारण, मृदा भी अम्लीय हो जाती है जिससे धीरे-धीरे उसकी उर्वरता कम हो जाती है। इस कारण वन तथा कृषि उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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Question 72 Marks
अपशिष्ट उत्पाद क्या है? इनके निम्नीकरण के विविध उपायों का उल्लेख कीजिए।###कचरा प्रबन्धन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer
किसी भी प्रक्रम है अन्त में बनने वाले अनुपयोगी पदार्थ या उत्पाद अपशिष्ट कहलाते हैं। ये गैस, द्रव या गैसीय प्रवृत्तिके होते हैं। सामान्य भाषा में इन्हें कचरा कहते हैं।
अपशिष्ट उत्पाद (कचरा) के मिम्नीकरण के उपाय
1. जैव निम्नीकरणीय एवं अजैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट पदार्थों को अलग-अलग करके समाप्त करना चाहिए।
2. अजैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट पदार्थों का पुनःचक्रमण (reuse) के बाद पुनः उपयोग (recycling) करना चाहिए, जैसे-प्लास्टिक, धातुएँ आदि।
3. जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट पदार्थों जैसे- रसोई की बैंकार सामग्री, खाना बनाने के बाद बची सामग्री, पत्तियाँ आदि को जमीन में गड्‌दा खोदकर इन्हें दबाकर खाद तैयार किया जा सकता है। जिससे पौधों को उच्च कोटि की खाद उपलब्ध हो सके।
4. कचरे से बायो गैस का उत्पादन करके कचरा निपटान की समस्या को कम किया जा सकता है।
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Question 82 Marks
ग्रीन हाउस प्रभाव पर टिप्पणी लिखिए।###पृथ्वी ऊष्मायन पर टिप्पणी लिखिए।
Answer

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$CO _2$ की बढ़ती सान्द्रता ग्रीन हाउस प्रभाव डालती है। आमतौर पर जब $CO _2$ की सान्द्रता सामान्य हो तब पृथ्वी का ताप तथा ऊर्जा का सन्तुलन बनाए रखने के लिए ऊष्मा पृथ्वी से परावर्तित हो जाती है, परन्तु $CO _2$ की अधिक सान्द्रता पृथ्वी से लौटने वाली ऊष्मा को परावर्तित होने से रोकती है जिससे पृथ्वी के तापमान में वृद्धि होने लगती है, इसको ग्रीन हाउस प्रभाव (green house effect) कहते हैं। इसके अलावा कुछ ऊष्मा पर्यावरण में उपस्थित पानी की भाप से भी रुकती है। लगभग 100 वर्ष पहले $CO _2$ की पर्यावरण में सान्द्रता लगभग 110 ppm थी, परन्तु अब बढ़कर लगभग 350 ppm तक पहुँच गई है। आज से करीब 40 वर्ष बाद यह सान्द्रता 450 ppm तक पहुँच जाने की सम्भावना है। इससे पृथ्वी के ऊष्मायन में वृद्धि हो सकती है।
पृथ्वी के ऊष्मायन का प्रभाव ध्रुवों पर सबसे अधिक होगा, इनकी बर्फ पिघलने लगेगी। एक अनुमान के अनुसार सन् 2050 तक पृथ्वी का ताप $5^{\circ} C$ तक बढ़ सकता है जिससे समुद्र के निकटवर्ती क्षेत्र शंघाई, सेन फ्रान्सिस्को आदि शहर प्रभावित होंगे। उत्तरी अमेरिका सूखा तथा गर्म प्रदेश बन सकता है। विश्वभर का मौसम बदल जाएगा। भारत में मानसून के समाप्त होने की सम्भावना है। विश्वभर में अनाज के उत्पादन पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। फल, सब्जी आदि के उत्पादन भी प्रभावित होंगे। बढ़ते ताप से पादप तथा जीव-जन्तुओं की जीवन क्रियाएँ भी प्रभावित होंगी।
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