Question
आवेश और द्रव्यमान में दो अन्तर लिखिए।

Answer

स्वप्रयत्न

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वैधुत विभव के मात्रक की परिभाषा दीजिए।
किसी मेज के ऊपरी पृष्ठ पर जड़ी एक छोटी पिन को 50 सेमी. ऊँचाई से देखा जाता है। 15 सेमी. मोटे आयताकार काँच के गुटके को मेज के पृष्ठ के समान्तर पिन व नेत्र के बीच रखकर उसी बिंदु से देखने पर पिन नेत्र से कितनी दूर दिखाई देगी? काँच का अपवर्तनांक 1.5 है। क्या उत्तर गुटके की अवरिथति पर निर्भर करता है?
एक इलेक्ट्रॉन 0.30 m व्यास के वृत्ताकार पथ पर अनन्तरेखीय आवेश के चारों ओर चक्कर लगा रहा है। यदि रेखीय आवेश घनत्व $10^{-6}$ $\mathrm{C} / \mathrm{m}$ हो तो इलेक्ट्रॉन की चाल ज्ञात कीजिए $\mathrm{I}\left(\mathrm{m}_{\mathrm{e}}=9.0 \times 10^{-31}\right.$ $\mathrm{kg}, \mathrm{e}=1.6 \times 10^{-19} \mathrm{C}$ )
समस्थानिक किसे कहते हैं? हाइड्रोजन के कोई दो समस्थानिक लिखिए।
क्लासिकी रूप में किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर किसी भी कक्षा में हो सकता है। तब प्रारूपी परमाण्वीय साइज किससे निर्धारित होता है? परमाणु अपने प्ररूपी साइज की अपेक्षा दस हजार गुना बड़ा क्यों नहीं है? इस प्रश्न ने बोर को अपने प्रसिद्ध परमाणु मॉडल, जो अपने पाठ्य-पुस्तक में पढ़ा है, तक पहुँचने से पहले बहुत उलझन में डाला था। अपनी खोज से पूर्व उन्होंने क्या किया होगा, इसका अनुकरण करने के लिए हम मूल नियतांकों की प्रकृति के साथ निम्न गतिविधि करके देखें कि क्या हमें लम्बाई की विमा वाली कोई राशि प्राप्त होती है, जिसका साइज, लगभग परमाणु के ज्ञात साइज $\left(\sim 10^{-10} \mathrm{~m}\right)$के बराबर है।
  1. मूल नियतांकों e, me, और c से लम्बाई की विमा वाली राशि की रचना कीजिए। उसका संख्यात्मक मान भी निर्धारित कीजिए।
  2. आप पायेंगे कि (a) में प्राप्त लम्बाई परमाण्वीय विमाओं के परिमाण की कोटि से काफी छोटी है। इसके अतिरिक्त इसमें c सम्मिलित है। परन्तु परमाणुओं की ऊर्जा अधिकतर अनापेक्षिकीय क्षेत्र (nonrelativistic domain) में है जहाँ c की कोई अपेक्षित भूमिका नहीं है। इसी तर्क नले बोर को c का परित्याग कर सही परमाण्वीय साइज को प्राप्त करने के लिए 'कुछ अन्य' देखने के लिए प्रेरित किया। इस समय प्लांक नियतांक h का कहीं और पहले ही आविर्भाव हो चुका था। बोर की सूक्ष्मदृष्टि ने पहचाना कि h, me, और e के प्रयोग से ही सही परमाणु साइज प्राप्त होगा। अतः h, me} और e से ही लम्बाई की विमा वाली किसी राशि की रचना कीजिए और पुष्टि कीजिए कि इसका संख्यात्मक मान, वास्तव में सही परिमाण की कोटि का है।
पास-पास रखे कुण्डलियों के एक युग्म का अन्योन्य प्रेरकत्व 1.5 H है। यदि एक कुण्डली में 0.5 s में धारा 0 से 20 A तक परिवर्तित हो, तो दूसरी कुण्डली की फ्लक्स बंधता में कितना परिवर्तन होगा?
एक परीक्षण आवेश q को एक वैधुत द्विध्रुव की मध्यवर्ती अक्ष (equitorial axis) के अनुदिश एक सेमी. ले जाने में कितना कार्य करना होगा?
हाइड्रोजन परमाणु में अन्तरतम इलेक्ट्रॉन कक्षा की त्रिज्या $5.3 \times 10^{-11} \mathrm{~m}$ है। कक्षा $\mathrm{n}=2$ तथा $\mathrm{n}=3$ की त्रिज्यायें ज्ञात कीजिए।
किसी परिपथ में 0.1 s में धारा 5.0 A से 0.0 A तक गिरती है। यदि औसत प्रेरित विद्युत वाहक बल 200 V है तो परिपथ में स्वप्रेरकत्व का आकलन कीजिए।