Question
AND गेट के लिए बुलियन व्यंजक है :

Answer

(C)

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स्विच ऑन करने के बाद एक इलेक्ट्रिक बल्ब का ताप
एक रेडियो समस्थानिक का क्षय-नियतांक $\lambda$ है। यदि इसकी समय $t_1$ और $t_2$ पर सक्रियता क्रमशः $A_1$ और $A_2$ हो तो $\left(t_1-t_2\right)$ समयावधि में क्ष्षित नाभिकों की संख्या होगी
एक परिनालिका में i धारा प्रवाह से उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र B है। परिनालिका की लम्बाई व फेरों की संख्या को दुगुना करने पर, वहीं चुम्बकीय क्षेत्र प्राप्त करने के लिए प्रवाहित धारा करनी पड़ेगी -
द्रव्यमान संख्या 40 से 120 तक नाभिक की प्रति न्यूक्लिऑन बन्धन ऊर्जा होती है-
किसी कण का द्रव्यमान $2 kg$ है। इस कण पर $(3 \hat{i}+\hat{j})$ न्यूटन का एकसमान बल लगता है जो उसे उसकी स्थिति $(2 \hat{i}+\hat{k})$ मीटर से मीटर $(4 \hat{i}+3 \hat{j}-\hat{k})$ स्थिति में विस्थापित कर देता हैं इस बल द्वारा किया गया कार्य है:
दो समान गोले जिन पर $+q$ और $-q$ आवेश हैं कुछ दूरी पर रखे हैं। उनके बीच $F$ बल कार्य करता है। अगर दोनों गोलों के बीचोंबीच एकसमान $+q$ आवेश का गोला रखा जाए तो उस पर कार्य करने वाले बल का मान व दिशा होगी
यहाँ परिपथ में एक डायोड $D$ को एक बाइय प्रतिरोध $R$ $=100 \Omega$ तथा $3.5 V$. ई एम.एफ की बैटरी से जोड़ा गया है। यदि डायोड में ( दोनों क्षेत्रों की संधि के आरपार उत्पन्न रोधिका विभव $0.5 V$ है, तो परिपथ में धारा होगी:

विधुत द्विध्रुव के कारण बल आघूर्ण का सूत्र है-
जब एक संधि डायोड को अग्र अभिनत किया जाता है तो
विघुत-चुम्बकीय तरंगों की प्रकृति होती है-