(1) एजोला एक जलीय फर्न है जो एजोलेसी कुल में आता है। भारत में एजोला पिन्नेटा पाया जाता है।
(2) यह अपने भीतर नील हरित शैवाल को समेटे रखने वाला जलीय पौधा है, जो कि प्रायः झीलों, तालाबों, नहरों तथा कहीं-कहीं धान के खेत में जल की सतह पर तैरता हुआ मिलता है।
(3) एजोला एनाबीना एजोली के साथ सहजीवन क्रिया के द्वारा धान के खेतों में स्थिरीकरण करता है।
(4) एजोला धान की फसल में लगभग 40-50 किग्रा. नाइट्रोजन प्रति हैक्टेयर प्रति फसल प्रदान करता है।
(5) एजोला को धान की फसल में हरी खाद के रूप में देने से धान की उपज 3-38 प्रतिशत बढ़ जाती है।
(6) एजोला प्रतिदिन 1.0-1.5 किग्रा. प्रति हैक्टेयर तक नाइट्रोजन जमा करने की क्षमता रखता है।
(7) 20-25 दिन के भीतर इससे प्रति हैक्टेयर औसतन 20-40 किग्रा. नाइट्रोजन प्राप्त हो जाता है।
(8) एजोला सहजीवी नाइट्रोजन स्थिरीकरण द्वारा 150 से 200 किग्रा. प्रति हैक्टेयर नाइट्रोजन स्थिरीकृत करता है।