रंगनाथ राव महोदय के अनुसार हड़प्पा सभ्यता का विस्तार पूर्व से पश्चिम तक 1600 किमी. एवं उत्तर से दक्षिण तक 1100 किमी. है परन्तु उत्तर में सरायखेला आदि स्थलों की प्राप्ति से यह सीमा और बढ़ गई है। यह सभ्यता एक त्रिभुजाकार क्षेत्र में विस्तृत है, जिसका क्षेत्रफल कुछ समय पूर्व विद्वानों ने 12,99,600 वर्ग किमी. बताया था। यह सभ्यता उत्तर में जम्मू के अखनूर से लेकर दक्षिण में नर्मदा नदी के तट तक एवं पश्चिम में बलूचिस्तान के मकरान समुद्र तट से लेकर उत्तर पूर्व में मेरठ तक विस्तृत है। इस सभ्यता का क्षेत्रफल मिस्त्र से 20 गुना तथा मिस्र तथा मेसोपोटामिया दोनों के सम्मिलित क्षेत्र से 12 गुना अधिक है।