Question
किरणें नाभिक के स्थायित्व के लिए-

Answer

A

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

प्रकाश किस प्रकार के कंपनों से बनती है?
त्रिज्या $1 \mathrm{~cm}$ के दो चालक गोले $1 \mathrm{~m}$ से वियुक्त हैं। दोनों पर समान आवेश $1 \mu \mathrm{C}$ दिया गया है। एक गोले का विभव $v 0$ है। अनंत पर विभव शून्य है। दूरी से सम्पर्क में लाने में किया गया कार्य
किसी चालक की प्रतिरोधकता व चालकता का गुणनफल निर्भर करता है-
$\mathrm{P}$-प्रकार एवं $\mathrm{N}$-प्रकार का अर्द्धचालक :
दिखाये गये परिपथ में, यदि बिन्दु $A$ पर विभव को शून्य माना जाये तो बिन्दु B पर विभव होगा:

यदि ${ }_{13}^{27} Al$ के नाभिक की नाभिकीय त्रिज्या लगभग $3.6 fm$ हो तो $\frac{125}{32} Te$ की त्रिज्या लगभग होगी-
डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य है
एक कॉंमन एमीटर सक्किट में यदि $\frac{ I _{ C }}{ I _{ e }}=0.98$ हो तो धारा लाभ होगा
घरेलू विद्युत्-आपूर्ति की आवृत्ति 50 हर्ट्ज है। धारा का मान शून्य होने की आवृत्ति होगी
एक ट्रांजिस्टर का प्रचालन $V _{ C }=2 V$ पर उभयनिष्ठ उत्सर्जक विन्यास में करने पर, आधार-धारा में $100 \mu A$ से $300 \mu A$ परिवर्तन से संग्राहक-धारा में परिवर्तन $10 mA$ से $20 mA$ हो जाता है, तो धारा लब्बि है: