प्राकृतिक रूप से कपूर इसके पौधे की लकड़ी से आसवन विधि द्वारा प्राप्त किया जाता है। परन्तु इसे संश्लेषण विधि द्वारा भी बनाया जाता है। यह रंगहीन, पारदर्शक, विशेष गन्धयुक्त, ज्वलनशील, हल्का ठोस पदार्थ है जो वायु में खुला रखने पर वाष्पीकृत हो जाता है। कपूर स्वाद में कड़वा है परन्तु बाद में ठण्डा लगता है। यह एल्कोहल, ईथर व क्लोरोफार्म में शीघ्र घुल जाता है। इसे उत्तेजक, जीवाणुरोधक, ज्वररोधी, कीटनाशी तथा गैसहर के रूप में उपयोग किया जाता है।