Question
कर्म करना श्रेयस्कर है।

Answer

जीवन में कर्म का बड़ा महत्त्व है। सच तो यह है कि कर्म करने के लिए ही हमें यह जीवन मिला है। कर्म करके ही व्यक्ति को आजीविका प्राप्त होती है और वह अपने परिवार का पालन करता है। कर्म करने से समय का सदुपयोग होता है और व्यक्ति जीवन में ऊँचा उठ सकता है। अपनी-अपनी योग्यता के अनुसार कर्म करके ही कोई उद्योगपति, कोई वैज्ञानिक, कोई नेता, कोई कलाकार या साहित्यकार बनता है। असाधारण कर्म करके राम, कृष्ण, ईसा आदि देवत्व को प्राप्त हुए। महान कर्म करके ही तिलक, गांधी, लिंकन आदि पुरुष महापुरुष बने। कर्मयोगी व्यक्ति ही समाज के लिए आदरणीय बनते हैं। इतिहास के पृष्ठों पर उन्हीं की गौरवगाथा लिखी जाती है। इसलिए जीवन में कर्म करना श्रेयस्कर है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free