Question
मन का गुलाम, सबका गुलाम ।

Answer

मन बड़ा चंचल होता है। उसे नियंत्रण में रखना सरल कार्य नहीं है। चंचल और कमजोर मन को केवल ज्ञानेन्द्रियाँ ही नहीं नचाती, अन्य लोग भी नचाते हैं। दुर्बल मनवाले व्यक्ति में स्वाभिमान नहीं होता। वह जरा$-$सी विपत्ति आने पर घबरा जाता है। जरा$-$सा लोभ उसे अपने जाल में फांस लेता है। उसकी इस कमजोरी का लाभ उठानेवालों की कमी नहीं है।जिनके पास शक्ति है, संपन्नता है, वे ऐसे लोगों से मनचाहा काम लेते हैं और उन्हें अपने अधीन बनाए रखते हैं। परिवार के सदस्य ही नहीं, पड़ोसी भी उससे अपने मन के मुताबिक काम करा लेते हैं। कायर, डरपोक और आत्मसम्मान रहित व्यक्ति सबके गुलाम होते हैं। आत्मविश्वास और स्वाभिमान का अभाव उन्हें दूसरों की गुलामी करने के लिए विवश कर देता है।

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