निर्देशन का अर्थ-शाब्दिक अर्थ में निर्देशन का तात्पर्य आदेश-निर्देश देना है, किन्तु प्रबन्धकीय कार्य के रूप में यह एक व्यापक कार्य है, जो निश्चित प्रक्रिया के अन्तर्गत पूरा किया जाता है। वस्तुतः निर्देशन वह प्रक्रिया है जिसमें प्रबन्धक द्वारा न केवल आदेश एवं निर्देश ही प्रसारित किये जाते हैं, बल्कि वह कर्मचारियों से सहयोग प्राप्त करने के लिए उन्हें उचित नेतृत्व प्रदान करता है तथा कार्य करने के लिए अभिप्रेरित भी करता है।
इस प्रकार निर्देशन वह प्रबन्धकीय कार्य है, जिसके अन्तर्गत प्रबन्धक अपने अधीनस्थों को आदेश एवं निर्देश देता है, उनके कार्यों का मार्गदर्शन करता है, उन्हें नेतृत्व प्रदान करता है तथा कार्य करने हेतु अभिप्रेरित करता है ताकि वे (कर्मचारी) संस्था के उद्देश्यों की प्राप्ति में दक्षतापूर्वक एवं प्रभावकारी रूप में योगदान कर सकें।