प्रबन्ध एक प्रक्रिया है-कुछ प्रबन्ध जगत् के विद्वान प्रबन्ध को एक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित करते हैं। इस अवधारणा के अनुसार प्रबन्धकीय कार्य विभिन्न चरणों में पूरा होता है। प्रबन्ध प्रक्रिया में संस्था के पूर्व निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रबन्ध के विभिन्न कार्यों जैसे नियोजन, संगठन, नियुक्तिकरण, निर्देशन तथा नियंत्रण आदि को एक निर्धारित क्रम में पूरा किया जाता है। जो व्यक्ति इन प्रबन्धकीय कार्यों को करते हैं उनको प्रबन्धक या प्रबन्ध वर्ग का सदस्य अथवा अधिशासी कहा जाता है। संगठन में प्रबन्धकीय कार्यों की यह प्रक्रिया निरन्तर चलती रहती है। इस प्रबन्ध प्रक्रिया द्वारा संस्था के संसाधनों यथा सामग्री, पूँजी, मशीन, मानव तथा विधियों आदि का अधिकतम एवं अनुकूलतम उपयोग किया जाता है और संगठन के पूर्व निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है।