पूँजी संरचना के उद्देश्य-
व्यावसायिक संस्था के लिए न्यूनतम लागत पर पूँजी प्राप्त करना।
व्यावसायिक जोखिमों जैसे प्रतिस्पर्धा, कुप्रबन्ध, व्यापार चक्र, ब्याज की दर में वृद्धि आदि में व्यवसाय की रक्षा करना।
अंशधारियों एवं ऋणपत्रधारियों के हितों की रक्षा करना एवं उनमें सुरक्षा की भावना जागृत करना।
कम्पनी प्रबन्ध में समता अंशधारियों का अधिकतम नियन्त्रण स्थापित करना।
संस्था की वित्तीय समस्याओं जैसे भारी ब्याज, अति पूँजीकरण, अल्प पूँजीकरण आदि से मुक्ति दिलाना।
संस्था में वित्तीय सन्तुलन बनाकर भावी विकास एवं विस्तार हेतु अतिरिक्त पूँजी प्राप्त करने हेतु अनुकूल वातावरण बनाना।
पूँजी संरचना को सरल एवं लोचपूर्ण बनाना।