सम्प्रेषण का अर्थ-सम्प्रेषण को एक ऐसी प्रक्रिया के रूप में लिया जाता है जिसके द्वारा भाव, विचार, तथ्य, अनुभव इत्यादि का आदान-प्रदान होता है, जिसका उद्देश्य दो व्यक्तियों के मध्य या आपस में समझ पैदा करना है।
लुईस ए. ऐलन के अनुसार, "सम्प्रेषण से अभिप्राय उन सभी क्रियाओं से है जो एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को अपनी बात समझाने के लिए करता है। इसमें एक व्यवस्थित तथा निरन्तर चलने वाली कहने, सुनने तथा समझने की प्रक्रिया सम्मिलित है।"
हैराल्ड कन्ट्ज एवं हैनिज वैहरिच के अनुसार, "सम्प्रेषण सूचनाओं का प्रेषक के द्वारा प्राप्तकर्ता को स्थानान्तरण है ताकि वह उन सूचनाओं को उसी रूप में समझ सके।"
निष्कर्ष-सम्प्रेषण दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच (समान) पारस्परिक समझ बनाने के लिए, सूचनाओं के आदान-प्रदान की एक प्रक्रिया है।