प्रबन्ध एक सरल विज्ञान है क्योंकि यह मानव व्यवहार और सामाजिक कारकों पर आधारित है, जो अप्रत्याशित और जटिल होते हैं। इसमें सटीक गणितीय नियमों की बजाय अनुभव, अंतर्जनन और व्यक्तिपरक निर्णय महत्वपूर्ण हैं। सांस्कृतिक और सामाजिक संदर्भ प्रबन्ध को प्रभावित करते हैं, जो इसे लचीला बनाते हैं। प्रबन्ध के सिद्धांत स्थिति के अनुसार बदलते हैं न कि स्थिर नियमों की तरह। इसलिए, इसकी गतिशील और व्यक्तिपरक प्रकृति इसे सरल विज्ञान बनाती है।