Question
परमाणु का नाभिक बना होता है

Answer

(B)

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दो कण, एक दूसरे के निकट स्थित, दो समान्तर सरल रेखाओं के अनुदिश, समान आवृति और आयाम से दोलन कर रहे हैं। जब उनका विस्थापन उनके आयाम का आधा $(1 / 2)$ होता है तो वे एक दूसरे से विपरीत दिशा में गति कर रहे होते हैं। दोनों कणों की माध्य स्थिति, उनके मार्गों की लम्बवत् एक सरल रेखा पर स्थित है। तो कलान्तर है :
नियत दाब पर एक एक परमाण्विक आइडियल गैस के एक मोल का ताप $10 K$ बढ़ाने के लिए $207 J$ ऊष्मा की आवश्यकता है। इसी गैस के नियत आयतन पर $10 K$ तापमान वृद्वि के लिए आवश्यक ऊष्मा है $( R = 8.3$ जूल/मोल $K )$
कोई भू$-$स्थायी उपग्रह पृथ्वी की सतह से $5 R$ की ऊँचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है। यहाँ $R$ पृथ्वी की त्रिज्या है। पृथ्वी की सतह से $2 R$ की ऊँचाई पर परिक्रमा कर रहे दूसरे उपग्रह का आवर्त काल घंटा में होगा :
बैण्ड ऊर्जा अन्तराल अधिकतम होता है
$1 keV$ ऊर्जा वाले फोटॉन की तरंगदैर्ध्य $1.24 \times 10^{-9}$ मी है। तो $1 MeV$ फोटॉन की आवृत्ति क्या है?
लोहा, लौहचुम्बकीय है
प्रेरण कुंडली से प्राप्त होता है
परमाणु के नाभिक में अवश्य रहेगा
किसी क्षेत्र में विभव को,$V (x, y, z)=6 x-8 x y-8 y+6 y z$ से, निरूपित किया जाता है, जहां $V$ वोल्ट में तथा $x, y$, $z$ मी में हैं। तो बिन्दु $(1,1,1)$ पर स्थित 2 कूलॉम आवेश द्वारा अनुभव विद्युत बल होगा
निम्न समीकरण में कितने $\alpha-$कण तथा $\beta-$कण निकलेंगे
$ { }^{200} X _{90} \longrightarrow{ }^{168} Y _{80} $