मोमबत्ती की स्थिति = 12.0 cm
उत्तल लेंस की स्थिति = 50.0 cm
पर्दे की स्थिति = 88.0 cm
- उत्तल लेंस की फोकस दूरी क्या है?
- यदि वह मोमबत्ती को 30.0 cm पर स्थानांतरित कर दे, तो प्रतिबिम्ब कहाँ बनेगा?
- यदि वह मोमबत्ती को लेंस की ओर और अधिक स्थानांतरित कर दे, तो बनने वाले प्रतिबिंब की प्रकृति क्या होगी?
- उपरोक्त प्रकरण (iii) में प्रतिबिंब बनना दर्शाने के लिए प्रकाश किरण आरेख खींचिए।
मोमबत्ती (बिम्ब) की दूरी = उत्तल लेन्स की स्थिति - मोमबत्ती की स्थिति
= 50 - 12 = 38 cm
अब, चिन्ह परिपाटी के अनुसार, मोमबत्ती के प्रतिबिम्ब की दूरी
v = +38 cm
- लेन्स सूत्र द्वारा,
$\frac{1}{v}-\frac{1}{u}=\frac{1}{f}$
$\frac{1}{f}=\frac{1}{38}-\frac{3}{-38}$
= $\frac{1}{19}$
$\therefore$ f = 19 cm
उत्तल लेन्स की फोकस दूरी 19 cm है। - जब मोमबत्ती को लेन्स की ओर 31.0 cm पर स्थानांतरित किया जाता है तब बिम्ब की नई दूरी
= उत्तल लेन्स की स्थिति - मोमबत्ती की स्थिति = 50 - 31 = 19
चिन्ह परिपाटी के अनुसार, u = -19 cm
अब उत्तल लेन्स की फोकस दूरी = 19 cm
इसका अर्थ यह है कि मोमबत्ती उत्तल लेन्स के फोकस पर रखी जाती है। अतः इसका प्रतिबिम्ब अनन्त पर बना है। - जब वह मोमबत्ती को लेन्स की ओर स्थानान्तरित करता है तब इसका अर्थ यह है कि मोमबत्ती उत्तल लेन्स के प्रकाशिक केन्द्र तथा फोकस के मध्य रखी जाती है। अतः मोमबत्ती का आवर्धित, आभासी तथा सीधा प्रतिबिम्ब बनेगा।
- प्रतिबिम्ब के बनने का किरण-आरेख नीचे दिया गया है-














