आग्नेय चट्टानों की विशेषताएँ निम्न प्रकार हैं-
(1) इन चट्टानों में परतों का अभाव रहता है अर्थात् ये स्तरहीन होती हैं।
(2) ये क्रिस्टलीय होती हैं परन्तु क्रिस्टलों की संख्या एवं स्वरूप अनिश्चित होता है।
(3) इनमें गोल कणों का अभाव रहता है परन्तु अपक्षय के दौरान टूटने से गोलकण का निर्माण होता है।
(4) ये चट्टानें सघन, अति कठोर एवं संगठित होती हैं।
आग्नेय चट्टार्नी के उदाहरण
(1) ग्रेनाइट - पे चट्टानें कठोर, क्रिस्टलीय, मोटे दाने वाली, अम्लीय तथा संपुजित होती हैं। इनका रंग हल्का होता है। इनके दाने चमकदार होते हैं। ये अम्लीय प्रवृत्ति की होती हैं। ये फेल्सपार, माइका, क्वार्ज, हॉर्नब्लैंड एवं आर्थोक्लेज चट्टानों से बनती हैं।
(2) बेसाल्ट - ये चट्टानें सूक्ष्म, क्रिस्टलीय होती हैं। इनका रंग गहरा होता है एवं अधिक गहरे रंगों में गहरे हरे से लेकर काले रंग में पाई जाती हैं। सामान्यतः इसका रंग गहरा भूरा या काला होता है। कुछ हरे, भूरे एवं नीले रंग में भी पाई जाती हैं। बेसाल्ट कठोर तथा दानेदार होती हैं। ये भास्मिक प्रवृत्ति की होती हैं।