गोस्वामी तुलसीदास हिंदी साहित्य के सबसे महान कवियों में से एक हैं। वे रामभक्ति शाखा के प्रतिनिधि कवि थे। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र को लोकभाषा में प्रस्तुत कर जनमानस को भक्ति, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
उनकी अमर रचना रामचरितमानस हिंदी साहित्य की कालजयी कृति मानी जाती है। इसके अतिरिक्त विनय पत्रिका, कवितावली, दोहावली, हनुमान चालीसा आदि भी प्रसिद्ध रचनाएँ हैं।
तुलसीदास की भाषा अवधी और ब्रज की मिश्रित शैली में है, जो अत्यंत सहज, प्रभावशाली और सरस है। उन्होंने साहित्य को धर्म, नीति और भक्ति से समृद्ध किया।