Question
जो डरता है, वह खोता है।
देश के डरपोक लोगों ने यहाँ के क्रांतिकारियों का साथ नहीं दिया। इसीलिए हमारा देश सदियों तक गुलामी की जंजीरों में जकड़ा रहा। कहते हैं कि इस धरती के सुख तो वीरपुरुष ही भोगते हैं, लक्ष्मी कायरों का वरण नहीं करती। डरपोक व्यक्ति तो भूत के भय से रात के अंधेरे में सो भी नहीं पाते ! दिन में तरह-तरह की शंकाएँ-कुशंकाएँ उन्हें चैन नहीं लेने देतीं। इस प्रकार जो डरते हैं, उनके भाग्य में खोने के सिवाय और कुछ नहीं होता।
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