Question
शठ सुधरहिं सत्संगति पाए।
हत्यारे अंगुलिमाल को भगवान बुद्ध का सत्संग प्राप्त हुआ तो वह बौद्ध भिक्षु बन गया। सत्संग के प्रभाव से कितने शराबियों ने शराब छोड़ दी, कितने चोरों ने चोरी से तोबा कर ली। सत्संग ने कितनों को धूम्रपान से मुक्ति दिला दी, कितनों ने मांसाहार छोड़कर शाकाहार अपना लिया। इस प्रकार तुलसीदासजी ने ठीक ही कहा है- शठ सुधरहिं सत्संगति पाए। पारस परसि कुधातु सुहाए।
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