Question
विज्ञान-वरदान या अभिशाप

Answer

आधुनिक युग विज्ञान का युग कहलाता है। विज्ञान ने अनेक चमत्कारिक आविष्कार किए हैं। इसने मनुष्य के व्यक्तिगत, सामाजिक तथा आर्थिक जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन ला दिए हैं। आज मनुष्य चंद्रमा और अन्य ग्रहों-उपग्रहों तक पहुँचकर अपनी कीर्ति-पताका फहरा रहा है। यह सब विज्ञान की ही देन है।

आज विज्ञान ने यातायात के ऐसे द्रुतगामी साधन दिए हैं कि यह दुनिया के किसी भी कोने में थोड़े समय में पहुँच सकता है। टेलीफ़ोन, बेतार के तार, टेलीप्रिंटर सैल्यूलर फ़ोन, सेटलाइट फ़ोन जैसी अनेक सुविधाएँ प्रदान की हैं जिससे संचार माध्यमों में क्रांति आ गई है। मनोरंजन के क्षेत्र में दूरदर्शन, विडियो, चित्रपट जैसे साधन देकर विज्ञान ने मानव को उपकृत किया है।

चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान की उपलब्धियाँ अत्यंत चौका देने वाली हैं। कल तक जो बीमारियाँ असाध्य समझी जाती थीं, उनकाउपचार आज संभव है। आज तो मानव शरीर के अंगों का प्रत्यारोपण, अल्ट्रासाउंड, शल्प चिकित्सा, टेस्ट ट्यूब बेबी, स्कैनिंग जैसे अत्याधुनिक सुविधाओं ने अनेक असाध्य रोगों पर विजय प्राप्त कर ली है। इसके अतिरिक्त कृषि, शिक्षा, आवास, उद्योग, मुद्रण कला जैसे अनेक क्षेत्रों में भी विज्ञानों के वरदानों ने चमत्कारिक प्रगति की है।

आज इतनी उपलब्धियों के बावजूद विज्ञान एक अभिशाप भी है। ऐसे-ऐसे अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण हुआ है जो एक ही प्रहार में पूरे शहर को नष्ट कर देने की क्षमता रखते हैं। न्यूट्रान बम सारे जीवित प्राणियों को मार डालता है और संपत्ति बच जाती है। आपसी होड़ के कारण, रूस, अमेरिका, फ्रांस, चीन, इंग्लैंड आदि देशों ने हथियारों का इतना भयानक भंडार बना लिया है कि यदि कभी विश्वयुद्ध छिड़ गया तो आधी दुनिया तत्काल समाप्त हो जाएगी।

सच तो यह है कि विज्ञान अपने आप में एक महान शक्ति है। मनुष्य इसका जैसा चाहे वैसा उपयोग कर सकता है। अणु-शक्ति के प्रयोग से बड़े-बड़े बिजली घर भी बन सकते हैं और पलक झपकते लाखों लोगों की जान भी ले सकते हैं। यह तो हमारी विवेक-बुद्धि पर निर्भर करता है कि इसका किस प्रकार उपयोग करें।

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