जीवन में हर व्यक्ति का एक सपना होता है। जब मैं छोटा था, शाम को अकसर आकाश में चाँद सितारों को देखा करता था और सोचा करता था कि काश मैं उन तक पहुँच पाता।
पिछले कई वर्षों में अंतरिक्ष विज्ञान में सराहनीय प्रगति हुई है। पहले अंतरिक्ष यात्रा कल्पना से अधिक कुछ नहीं थी लेकिन अब तो ऐसा लगता है कि कभी-न-कभी हमको भी अंतरिक्ष में जाने का मौका मिल सकता है।
यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो जिस आसमान को दूर से देखा करता हूँ, उसकी खूब सैर करता। अंतरिक्ष से अपनी सुंदर धरती को देखता। अपने प्यारे भारत को देखता। चाँद, तारों को, आकाश गंगा को निकट से देखता। जगमगाती, सुंदर पृथ्वी को अंतरिक्ष से देखकर मैं मंत्रमुग्ध हो जाता।
यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो मैं चंद्रमा के सौंदर्य का और ग्रहों-उपग्रहों के नित्य बदलते स्वरूप का निरीक्षण और अध्ययन कर पाता। अंतरिक्ष के उन गुप्त रहस्यों को उजागर करता, जो हम पृथ्वीवासियों के लिए असाधारण हैं तथा गहन अध्ययन का विषय हैं।
यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो स्पेस वॉक करता। वहाँ फैली शांति को अनुभव करता। सौरमंडल के सबसे सुंदर ग्रह शनि और उसके वलयों को देखता। उनके जितना निकट जा सकता, अवश्य जाता। मैं अपने देश के लिए, देश के भविष्य के लिए कुछ रिपाता विशेष खोज कर पाता।
जब में अंतरिक्ष यात्रा पर जाता, तो लोग मेरी प्रशंसा करते, मुझे सम्मान की दृष्टि से देखते। जब मैं अंतरिक्ष में उड़ता, तो मुझे बहुत ही खुशी का अनुभव होता।