Question
यदि मैं प्रधानमंत्री होता

Answer

पिका यदि मैं भारत का प्रधानमंत्री बना दिया जाऊँ-यह कल्पना करते ही मेरे कंधों पर दायित्वों का भार आ जाता है। मेरी आँखों के सामने विशाल योजनाएँ आने लगती हैं। जिन प्रश्नों और समस्याओं के बारे में मैं कभी सोचता भी नहीं, वे भी मेरे सम्मुख प्रकट हो जाती हैं।
सुरक्ष- व्यवस्था-
प्रधानमंत्री बनते ही सबसे पहले मैं भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के कड़े प्रबंध करूँगा। पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान की ओर से होने वाली घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों को पूरी ईमानदारी और शक्ति से कुचल दूंगा। मैं जानता हूँ कि विदेशी आतंकवादियों का जाल पूरे भारत में फैल चुका है। भारत की संसद तक सुरक्षित नहीं है। मैं अपने निर्देशन में एक ऐसा खुफिया तंत्र विकसित करूंगा जिससे गुपचुप होने वाले षड्यंत्रों का ज्ञान होता रहे और समय रहते उन्हें कुचला जा सके। भाव प्रधानमंत्री बनते ही मैं जाति, धर्म, भाषा या प्रांत के नाम पर चल रहे भेदभाव को कम करने का भरसक प्रयत्न करूंगा। मंदिर-मसजिद या गिरजाघर को लड़ने नहीं दूंगा।
शिक्षा में परिवर्तन प्रधानमंत्री बनकर मैं शिक्षा-क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन करूंगा। मैं पूरे देश को साक्षर बनाने का प्रयत्न करूँगा। जो बच्चे मजबूरी के कारण विद्यालय नहीं जा पाते, उन्हें ऐसी सुविधाएँ दूंगा कि वे पढ़ सकें। मैं शिक्षा को रोजगार के साथ जोदूँगा। ऐसी व्यवस्था करूँगा कि छात्र पढ़ने के बाद आजीविका कमा सकें।
बेरोजगारी का समाधान मैं बेरोजगारी दूर करने के लिए उचित कदम उठाऊँगा। बेरोजगार नवयुवकों को निजी व्यवसाय खोलने के लिए प्रशिक्षण, ऋण, बाजार, मार्गदर्शन-सब उपलब्ध कराऊंगा।
आर्थिक विकास भारत आर्थिक दृष्टि से विकास के पथ पर अग्रसर है। मैं प्रयास करूंगा कि भारतीय उद्योगों को फलने-फूलने का भपूर अवसर मिले। भारतीय उद्यमी न केवल भारत में, अपितु विश्व-बाजार में अपने उत्पाद तथा सेवाएँ बेचें।।
वैज्ञानिक विकास भारत में विज्ञान के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में भारत ने अपनी शक्ति सिद्ध कर दी है। हमारे देश में योग्य इंजीनियरों, डॉक्टरों तथा तकनीशियनों का भंडार है। अभी तक भारतीय मेधा संसार-भर में सेवा कार्य करने में व्यस्त रही है। मैं चाहूँगा कि भारत वैज्ञानिक विकास के क्षेत्र में भी अग्रणी देश बने।
भष्टाचार का विनाश – भारत के आर्थिक विकास को भ्रष्टाचार की दीमकें खाए जा रही हैं। प्रधानमंत्री बनते ही मैं सख्ती से भ्रष्टाचार का उन्मूलन करूँगा। इसके लिए मैं पहले स्वयं ईमानदार बनूंगा। भ्रष्ट मंत्रियों को सरकार से निकाल दूंगा। परिणामस्वरूप सरकारी अफसरों को भी भ्रष्टाचार पर लगाम लगानी पड़ेगी।

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