Question
युवा छात्रों में बढ़ता असन्तोष

Answer

1. प्रस्तावना - हमारा देश वर्तमान में संक्रमण काल से गुजर रहा है। इस समय राष्ट्र के हर क्षेत्र में असंतोष फैला हुआ है। गरीबी के कारण आर्थिक असंतोष बढ़ता जा रहा है। समाज की दो पीढ़ियों में सामंजस्य न होने के कारण सामाजिक असन्तोष पनप रहा है। बेरोजगार युवाओं में असंतोष के दृश्य आये दिन सामने आते रहते हैं। आज नवयुवकों और छात्रों में ऐसा असंतोष अधिक दिखाई देता है।

2. असन्तोष के कारण - छात्रों और नवयुवकों में व्याप्त असंतोष के कई कारण हैं - 

  1. सबसे बड़ा कारण है बेरोजगारी। शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी युवक - युवतियों को अर्से तक बेकार रहना पड़ता है। 
  2. शिक्षा प्रणाली भी असंतोषजनक है। विश्वविद्यालय की डिग्री को ही युवकों के भविष्य का निर्णायक मान लिया जाता है। 
  3. शासन व्यवस्था में भ्रष्टाचार के कारण असंतोष पनप रहा है। देशव्यापी महँगाई, भ्रष्टाचार व लालफीताशाही से सभी परेशान हैं।
  4. युवाओं और बुजुर्गों के मध्य वैचारिक वैषम्य अधिक है। 
  5. आर्थिक असमानता भी एक प्रमुख कारण है। प्रत्येक युवा वांछित भौतिक सुख - सुविधा नहीं जुटा पाने से असन्तुष्ट है। ऐसे ही अन्य कई कारणों से नवयुवकों में असंतोष व्याप्त है। 

3. असन्तोष के परिणाम - छात्रों एवं युवाओं में व्याप्त इस असन्तोष के कारण ही हड़ताल, आगजनी व तोड़ - फोड़ की घटनाएं होती रहती हैं। विद्यालयों में अनुशासन बिगड़ता है। समाज में अशान्ति फैलती रहती है। असन्तोष से मनुष्य अपना मानसिक सन्तुलन खोने लगता है। अपराधों के पनपने में भी यही कारण है। राष्ट्र को युवाशक्ति का पूरा सहयोग नहीं मिलता है, जिससे राष्ट्रीय प्रगति अवरुद्ध होती है। अतः असन्तुष्ट युवागण किसी भी जिम्मेदारी का सम्यक् पालन नहीं करते हैं। 

4. असन्तोष को दूर करने के उपाय - नवयुवकों में व्याप्त असन्तोष को दूर करना जरूरी है। इसके लिए असन्तोष के कारणों को दूर करना आवश्यक है। युवकों को यथासम्भव रोजगार उपलब्ध कराया जाए। शिक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए। शिक्षा को व्यावसायिक एवं स्वरोजगारोन्मुख बनाया जाये। इसी भांति शासन व्यवस्था में सुधार करके भ्रष्टाचार व स्वार्थपरता की रोकथाम भी आवश्यक है। बुजुर्गों को भी चाहिए कि वे समय के अनुसार स्वयं को थोड़ा बदलें और युवकों को नयी हवा के अनुरूप तथा उचित मार्ग - दर्शन प्रदान करें। 
 
5. उपसंहार - इन सुधारों के आधार पर नवयुवकों के अच्छे भविष्य की आशा की जा सकती है अन्यथा यह असन्तोष युवा पीढ़ी का पतन कर देगा। वैसे भी युवा - शक्ति का समुचित उपयोग जरूरी है। नवयुवक ही हमारे राष्ट्र के भावी सुनागरिक हैं। अतः उसका असंतोष हर सम्भव तरीके से दूर किया जाना चाहिए।

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