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3 अंक प्रश्न

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Question 13 Marks
विद्युत चुम्बकीय तरंगों में विद्युत क्षेत्र $E$ एवम चुम्बकीय क्षेत्र के मध्य (अ)कोण एवम (ब)कलान्तर का मान लिखिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 23 Marks
एक आवेषित कण अपनी साम्यावस्था के दोनों और 100 MHz आवृति से दोलन करता है।दोलक द्वारा उत्पन्न विद्युत चुम्बकीय तरंगों की आवृति क्या होगी?
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 33 Marks
विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के उन विकिरणों के नाम लिखिए जो
(a) वातावरण में ओजोन परत द्वारा अवषोषित किये जाते है।
(b) उच्च वेग वाले इलेक्ट्रॉन की धातु लक्ष्य पर बमबारी से उत्पन्न होते है।
(c) संचार उपग्रह में प्रयुक्त होते है।
(d) लगभग 400 nm से 700 nm तरंगदैर्ध्य परास रखते है।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 43 Marks
x-अक्ष के अनुदिश प्रगामी एक प्रकाश पुंज को  विघुत क्षेत्र $E_y=600 Vm ^{-1} \sin \omega\left(t-\frac{x}{c}\right)$ से व्यक्त करते हैं। ५-अक्ष के अनुदिश $3.0 \times 10^7 ms^{-1}$ चाल से प्रगामी एक आवेश q = Ze पर वैद्युत एवं चुम्बकीय क्षेत्रों के अधिकतम बल का आकलन कीजिए जहीं $e =1.6 \times 10^{-19} C$ है।
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Question 53 Marks
संधारित्र की प्लेटों के बीच क्षेत्र में  विघुत क्षेत्र परिवर्तन की दर $1.5 \times 10^{12} Vm ^{-1} s^{-1}$ है। यदि संधारित्र की वृत्तीय प्लेट की त्रिज्या 55 mm है, विस्थापन धारा कितनी होगी?
Answer
r = 55 mm = 55 $\times 10^{-3} m$
= 5.5 $\times 10^{-2} m$
$\therefore$ $A =\pi r ^2=\frac{22}{7} \times\left(5.5 \times 10^{-2}\right)^2$
$=\frac{22}{7} \times 5.5 \times 5.5 \times 10^{-4}$
$=95.07 \times 10^{-4} m^2$
और $\frac{ dE }{ dt }=1.5 \times 10^{ I } Vm ^{-1} s^{-1}$
विस्थापन धारा $I_d=?$
हम जानते हैं-
विस्थापन धारा $I_d=E_0 \frac{d}{d t}\left(\phi_E\right)$
लेकिन $\phi_E=E A$
$\therefore$ $I_d=\epsilon_0 \frac{d}{d t}(E A)$
$=\epsilon_0 A \frac{ dE }{ dt }$
मान रखने पर $=8.85 \times 10^{-12} \times 95.07 \times 10^{-4}$ $\times 1.5 \times 10^{12}$
$=8.85 \times 95.07 \times 1.5 \times 10^{-4}$
$=1262.05 \times 10^{-}$
$=126.205 \times 10^{-3} A$
= 126 mA उत्तर
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Question 63 Marks
निर्वात के लिये $\frac{1}{4 \pi \epsilon_0}$ तथा $\frac{\mu_0}{4 \pi}$ के मान क्रमशः $9 \times 10^9$ न्यूटन/मी. ${ }^2$ तथा $10^{-7}$ वेबर ऐम्पियर भी होते हैं। निर्वात में विद्युत-चुम्बकीय तरंग का वेग ज्ञात कीजिये।
Answer
हल-प्रश्नानुसार-$\frac{1}{4 \pi \epsilon_0}=9 \times 10^9$
$\therefore$ $\epsilon_0=\frac{1}{4 \pi \times 9 \times 10^9}=\frac{1}{36 \pi \times 10^9}$
तथा $\frac{\mu_0}{4 \pi}=10^{-7}$ $\therefore \mu_0=4 \pi \times 10^{-7}$
किसी माध्यम में  विघुत-चुम्बकीय तरंग का वेग $V=\frac{1}{\sqrt{\mu \epsilon}}$
निर्वात में  विघुत-चुम्बकीय तरंग के वेग के लिये V = C, $\mu=\mu_0$ तथा $\epsilon=\epsilon_0$
$\therefore$ $c=\frac{1}{\sqrt{\mu_0 \epsilon_0}}=\frac{1}{\sqrt{4 \pi \times 10^{-7} \times \frac{1}{36 \pi \times 10^9}}}$
या $c=\sqrt{9 \times 10^{16}}=3 \times 10^8$ मी./से. उत्तर
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Question 73 Marks
वैघुत  चुम्बकीय तरंगों के कुछ गुण लिखिए।
Answer
वैघुत  चुम्बकीय तरंगों के निम्नलिखित गुण होते हैं-
(i) ये प्रकृति में अनुप्रस्थ होती हैं।
(ii) ये तरंगें निर्वात में प्रकाश की चाल $c =3 \times 10^8$ m/s के बराबर चलती हैं।
(iii) नहीं होती है। इनके गमन के लिए किसी द्रव्य माध्यम की आवश्यकता
(iv) ये त्वरित अथवा कम्पनशील आवेश द्वारा उत्पन्न होती हैं।
(v) ये आपस में लम्बवत् परिवर्तनशील वैघुत  एवं चुम्बकीय क्षेत्रों की होती है।
(vi) विघुत चुम्बकीय तरंगों की ऊर्जा वैघुत  एवं चुम्बकीय क्षेत्र सदिशों में समान रूप में बैंटी हुई होती है।
(vii) ये तरंगें अध्यारोपण के सिद्धान्त का पालन करती हैं।
(viii) दोनों $\overrightarrow{ E }$ और $\overrightarrow{ B }$ अधिकतम एवं न्यूनतम मान एक ही स्थान और एक ही समय में प्राप्त होते हैं।
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Question 83 Marks
विघुत-चुम्बकीय तरंग स्पैक्ट्रम को आवृत्ति एवं तरंगदैर्ध्य के रूप में बताइये।
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Question 93 Marks
निम्नलिखित में प्रत्येक के लिए उपयोग की जाने वाली विघुतचुम्बकीय तरंग का नाम और उसका तरंगदैर्ध्य परिसर लिखिए-
(i) FM रेडियो प्रसारण
(ii) अस्थि भंग का संसूचन
(iii) पेशियों के खिंचाव का उपचार
Answer
(i) FM रेडियो प्रसारण-
 विघुत चुम्बकीय तरंग = रेडियो तरंगें
तरंगदैर्ध्य = $1 \times 10^{-1}$ से $10^4 m$तक
(ii) अस्थि भंग का संसूचन-
 विघुत चुम्बकीय तरंग = X-किरणें
तरंगदैर्ध्य = $6 \times 10^{-12}$ से $1 \times 10^{-9} m$तक
(iii) पेशियों के खिंचाव का उपचार-
 विघुत चुम्बकीय तरंग अवरक्त किरणें
तरंगदैर्ध्य = $7.8 \times 10^{-7}$ से $5 \times 10^{-3} m$तक
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Question 103 Marks
विघुत-चुम्बकीय तरंगों की उन विकिरणों के नाम लिखिए जो-
(i) उपग्रह संचार में प्रयुक्त होती हैं। (ii) क्रिस्टल संरचना ज्ञात करने में प्रयुक्त होती हैं। (iii) जो रेडियोऐक्टिव नाभिक के क्षय में उत्पन्न होती हैं। (iv) जिनकी तरंगदैर्ध्य 350 nm तथा 770 nm के बीच होती है। (v) सूर्य के प्रकाश से ओजोन पर्त द्वारा अवशोषित कर ली जाती हैं। (vi) तीव्र ऊष्मीय प्रभाव उत्पन्न करती हैं।
Answer
(i) माइक्रो तरंगें, (ii) X-किरणें, (iii) y-किरणें, (iv) दृश्य प्रकाश, (v) पराबैंगनी विकिरण, (vi) अवरक्त विकिरण।
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Question 113 Marks
एक रेखीय धुवित विघुत चुम्बकीय तरंग का संचरण चित्र बनाइये तथा विघुत चुम्बकीय तरंग के कोई दो गुण लिखिए।
निर्वात में एक वैघुतचुम्बकीय तरंग से सम्बद्ध चुम्बकीय क्षेत्र का आयाम $B_0=50 \times 10^{-8}$ टेसला है। तरंग से सम्बद्ध वैघुत क्षेत्र के आयाम का मान वोल्ट/मीटर में लिखिए।
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Question 123 Marks
चालन धारा को परिभाषित करते हुए समझाइए कि मैक्सवेल ने विस्थापन धारा की संकल्पना क्यों की?
Answer
चालन धारा-किसी परिपथ में जोड़ने वाले तारों द्वारा परिपथ में प्रवाहित धारा को चालन धारा कहते हैं। एक बैटरी द्वारा I धारा से एक संधारित्र को आवेशित हुआ लेते हैं। चित्र से यह स्पष्ट है कि आवेशन के समय चालन धारा संधारित्र की प्लेटों के बाहर चित्रानुसार बाएँ ओर से दाईं ओर प्रवाहित हो रही है और संधारित्र की प्लेटों के बीच कोई चालन धारा I प्रवाहित नहीं है।
Image
इस विरोधाभास को दूर करने के लिए मैक्सवेल ने एक नई संकल्पना विस्थापन धारा $\left(I_D\right)$को लगाया और इसका उद्गम संधारित्र की पट्टिकाओं अर्थात् प्लेटों के बीच परिवर्ती विद्युत क्षेत्र को बताया। इसको यह दिखाने के लिए लगाया गया है कि संधारित्र के बाहर प्रवाहित धारा $\left(I_C\right)$ सदैव संधारित्र में से प्रवाहित धारा $I_D$ के तुल्य होती है। मैक्सवेल की शर्त के अनुसार चालन धारा $I_C$ संधारित्र की बार्थी प्लेट में प्रवाहित होती है और विस्थापन धारा $\left(I_D\right)$ संधारित्र के भीतर दाहिनी प्लेट की ओर प्रवाहित होती है|
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Question 133 Marks
किसी आवृत्ति से कम्पन करता हुआ कोई आवेश किस प्रकार विघुत-चुम्बकीय तरंगें उत्पन्न करता है? Z-अक्ष के अनुदिश संचरित विघुत-चुम्बकीय तरंग के लिए वैद्युत तथा चुम्बकीय क्षेत्र दर्शाते हुए एक व्यवस्थित आरेख (schematic diagram) बनाइए।
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Question 143 Marks
सिद्ध कीजिए कि $I_D=\epsilon_0 \frac{ d }{ d t }\left(\phi_E\right)$ जबकि चिन्हों के सामान्य अर्थ हैं।
Answer
हम जानते हैं- $I _{ D }= I$ ..... (1)
और $I=\frac{d q}{d t}$ ......(2)
गाउस के नियमानुसार $E=\frac{q}{\epsilon_0 \Lambda}$
या $q=E \epsilon_0 \Lambda$ .....(3)
समीकरण (2) में मान रखने पर
$I=\frac{d}{d t}\left(E \epsilon_0 \Lambda\right)$
समीकरण (1) से $I = I _{ D }$
$\therefore$ $I_D=\epsilon_0 A \frac{d}{d t}(E)$
$=\epsilon_0 A \frac{ d }{ dt }\left(\frac{\phi_{ F }}{ A }\right)$ $\because \phi_{ E }= EA$
$=\frac{\epsilon_0 \Lambda}{A} \frac{d \phi_E}{d t}$
या $I_D=\epsilon_0 \frac{d}{d t}\left(\phi_E\right)$ इतिसिद्धम्
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Question 153 Marks
एक समान्तर बद्ध संधारित्र की प्लेटों का क्षेत्रफल A तथा इनके बीच की दूरी d है। इसको स्थिर धारा I द्वारा आवेशित किया गया है। एक A/2 क्षेत्रफल का कोई तत्व इसकी प्लेटों के ठीक बीच में समरूपता से प्लेटों के समान्तर रखा गया है। इस क्षेत्रफल से प्रवाहित धारा क्या होगी?
Answer
माना किसी क्षण । पर प्लेटों पर आवेश १ है। प्लेटों के बीच  विघुत क्षेत्र
$E=\frac{\sigma}{\epsilon_0}=\frac{q}{\epsilon_0 A}$
प्लेटों के बीच स्थित क्षेत्रफल A/2 से गुजरने वाला वैघुत पलक्स
$\phi_E=E \times A / 2=\frac{q}{\epsilon_0 A} \times \frac{A}{2}$
$=\frac{q}{2 \epsilon_0}$
$\therefore$ इस तल से गुजरने वाली विस्थापन धारा
$I_d=\epsilon_0 \frac{d}{d t}\left(\phi_E\right)$
$=\epsilon_0 \frac{d}{d t}\left(\frac{q}{2 \epsilon_0}\right)=\frac{1}{2} \frac{d q}{d t}$
$=\frac{I}{2}$ उत्तर
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Question 163 Marks
एक समतल e.m. तरंग में  विघुत क्षेत्र $2 \times 10^{10} s^{-1}$ आवृत्ति और $40 Vm ^{-1}$ आयाम से दोलन करता है। तरंग का तरंगदैर्ध्य का आकलन कीजिए।
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Question 173 Marks
6 $\mu F$ घारिता के संधारित्र की पट्टिकाओं के बीच आप 6A की विस्थापन धारा कैसे स्थापित करेंगे?
Answer
$C =6 \mu F =6 \times 10^{-6} F$
$I_d=6 A$
हम जानते है $I _{ d }=\epsilon_0 A \frac{ dE }{ dt }$
$=\epsilon_0 A \frac{d}{d t}\left(\frac{y}{d}\right)$ $\because E=\frac{V}{d}$
$=\frac{\epsilon_0 A}{ d } \cdot \frac{ dV }{ dt }$
$I_d=C \cdot \frac{d V}{d t}$
$\therefore$ $\frac{d V}{d t}=\frac{I_d}{C}=\frac{6}{6 \times 10^{-6}}$
$=10^6 Vs ^{-1}$ उत्तर
अतः संधारित्र की पट्टिकाओं पर विभवान्तर को $10^6 Vs ^{-1}$ की दर से परिवर्तित करके उसकी पट्टिकाओं पर 6A की विस्थापन धारा
स्थापित की जा सकती है।
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Question 183 Marks
एक संधारित्र की पट्टिकाओं पर आयेषण धारा 0.5A है। इसकी प्लेटों पर विस्थापन धारा का मान ज्ञात कीजिए।
Answer
I = 0.5 A
$I _{ d }=$ ?
हम जानते हैं- $I _4=\epsilon_0 \frac{d p_{ t }}{ dt }$
लेकिन, $\phi_{ E }= EA$
$\therefore$ $L _4=\epsilon_0 \frac{ d }{ dt }( EA )$
$=\epsilon_0 \wedge \frac{ de }{d t}$
लेकिन $E=\frac{q}{\epsilon_0 \lambda}$
$\therefore$ $I_d=\epsilon_0 \Lambda \frac{d}{d t}\left(\frac{q}{\epsilon_0 \Lambda}\right)$
$=\frac{\epsilon_0 A}{\epsilon_0 \Lambda} \frac{d q}{d t}=\frac{d q}{d t}$
= 0.5A उतर $\left(\because \frac{d q}{d t}= I =0.5 A\right)$
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