Gujarat Boardગુજરાતી માધ્યમધોરણ 6हिंदीनिबंध10 Marks
Question
होली
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Answer
होली रंगो का एक शानदार उत्सव है जो भारत में हिंदु धर्म के लोग हर साल बड़ी धूमधाम से मनातें हैं। ये पर्व हर साल वसंत ऋतु के समय फागुन (मार्च) के महीने में आता है। इस दौरान पूरी प्रकृति और वातावरण बेहद सुंदर और रंगीन नज़र आते है। होली का अपना महत्व है साथ ही इस त्योहार को मनाने के पीछे अनेक कहानियाँ भी प्रचलित हैं। एक कथा भक्त प्रहलाद से जुड़ी है। प्रहलाद विष्णु भगवान का भक्त था। उसके पिता हिरण्यकशिपु को यह पसंद नही था की उसका पुत्र विष्णु को भगवान मानकर उनकी पूजा करें । हिरण्यकशिपु अपनी बहन होलीका को आदेश देता है कि वह प्रहलाद को मार डाले। अपने भाई का आदेश मानकर होलीका एक चिता जलाकर उसमें प्रहलाद को लेकर बैठ जाती है। होलीका को यह वरदान मिला था की आग उसे ज़ला नही सकती परंतु जब वह प्रहलाद के साथ चिता पर बैठी तो स्वयं जल गई और प्रहलाद को कुछ नही हुआ। उस दिन प्रहलाद की भक्ति की जीत हुई तभी से हर साल यह दिन होलीका दहन के रूप में मनाया जाता है। होली के त्योहार की तैयारियाँ कई दिनों पहले ही प्रारंभ हो जाती है। दुकानों में तरह-तरह के रंग और पिचकारियाँ मिलने लगती हैं। होली जलाने के लिए लड़के लोगों से पैसे इकट्ठे करते हैं। उन पैसों से लकड़ियाँ और दूसरी ज़रूरी चिजें खरीदी जाती हैं । पूर्णिमा की रात को होली का दहन किया जाता है। सुहागन स्त्रियाँ होली की पूजा करती है। होली के दूसरे दिन घुलेंड़ी मनाई जाती है। इस दिन लोग एक दूसरे को विविध रंगों में रंग देते हैं। सभी लोग हर भेदभाव को भूलकर एक साथ मिलकर घूलेंड़ी मनाते है। होली का त्योहार रंगों का त्योहार है। यह त्योहार हमारे जीवन में खुशियों के अनेक रंग भर देता है। यह त्योहार हमें नया उत्साह और उल्लास देता है।
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