Question
मृदा निर्माण की प्रक्रिया को स्पष्ट कीजिए।

Answer

किसी स्थान के मृदा के निर्माण में वहाँ उपस्थित मौलिक चट्टान, क्षेत्र की जलवायु, वनस्पति, सूक्ष्म जीवाणु, क्षेत्र की ऊँचाई, ढाल तथा समय का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है । मृदा निर्माण प्रक्रिया में सबसे पहले मौलिक चट्टानें टूटती हैं । टूटे हुए कणों के और महीन होने की प्रक्रिया अनवरत चलती रहती है । हजारों लाखों वर्षों बाद वही चट्टानी टुकड़ा भौतिक, रासायनिक एवं जैविक ऋतुक्षरण से महीन कणों में बदल जाता है, जो ‘मृदा’ कहलाता है। सामान्यत: यह एक सेंटीमीटर मोटी सतहवाली मृदा के निर्माण में सैकड़ों हजारों वर्ष लग जाते हैं।

मृदा निर्माण की प्रक्रिया काफी लंबी अवधि में पूरी होती है । इस दौरान मृदा के तीन स्तर तैयार हो जाते हैं। इन्हें ऊपर से नीचे की ओर क्रमशः ‘अ’ स्तर, ‘ब’ स्तर, एवं ‘स’ स्तर कहा जाता है । ऊपरी स्तर ‘अ’ में ह्यूमस की अधिकता होती है । ‘ब’ स्तर में बालू एवं पंक की प्रधानता होती है। ‘स’ स्तर में ऋतुक्षरण से प्राप्त चट्टानी कण मिला करते हैं। जबकि सबसे निचले स्तर में मूल चट्टानें होती हैं

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

भारत में ऊर्जा के परम्परागत ऊर्जा स्रोत पर टिप्पणी लिखिए।
इस्पात निर्माण की प्रक्रिया को स्पष्ट कीजिए।
उद्योग को परिभाषित कीजिए तथा इसका विस्तृत वर्गीकरण प्रस्तुत कीजिए।
मृदा अपरदन के कारकों का उल्लेख कर इसके बचाव हेतु उपयुक्त सुझाव दीजिए।
ऊर्जा संसाधन पर टिप्पणी लिखिए।
भारत में जल परिवहन की स्थिति का विवरण दीजिए।
टिस्को लौह इस्पात केन्द्र को मिलने वाली सुविधाओं का विस्तृत विवरण दीजिए।
जल संकट क्या है ? जल संकट के लिए जिम्मेवार कारकों का उल्लेख कर इसे दूर करने के उपायों का विवरण दीजिए।
एशिया के महत्त्वपूर्ण देशों की विशेषता लिखिए।
संसाधन को परिभाषित कर उनका वर्गीकरण प्रस्तुत करें।