Question
मेरे जीवन का लक्ष्य

Answer

प्रस्तावना-मनुष्य कल्पनाशील प्राणी है। इस कारण वह अनेक प्रकार के स्वप्न देखा करता है। महत्त्वाकांक्षी प्राणी होने के कारण उसकी प्रबल इच्छा होती है कि वह कोई ऐसा काम करे जिससे उसका मान-सम्मान हो तथा नाम हो। इस कारण वह अपने जीवन का कोई न कोई लक्ष्य मन में संजो लेता है और उसकी प्राप्ति हेतु प्रयासरत रहता है। मेरे जीवन का लक्ष्य-मैंने जीवन का लक्ष्य बनाया है कि मैं डॉक्टर बनूँ। वैसे तो कई व्यवसाय हो सकते हैं जिनमें मैं धन कमा सकता हूँ लेकिन डॉक्टर बनकर मैं धन कमाने के साथ-साथ मानवता के प्रति अपने कर्तव्य की पूर्ति भी कर पाऊँगा। ऐसा मेरा मानना है।

लक्ष्य प्राप्ति के प्रयास-डॉक्टर बनने के लिए मुझे बहुत पढ़ना होगा। डॉक्टरी हेतु मुझे प्रवेश परीक्षा भी पास करनी होगी। बहुत धन भी खर्च करना होगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी आराम और सुविधाओं का भी त्याग करना होगा। यह सब मैं अच्छी तरह से जानता हूँ। लेकिन मैं अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़-संकल्प हूँ और उसे पाकर ही रहूँगा।

उपसंहार-मैं मानता हूँ कि यदि मेरी तरह अन्य युवक भी डॉक्टर बनने का लक्ष्य निर्धारित कर लें तो हमारे देश में जो डॉक्टरों की कमी बताई जा रही है, वह सहज ही दूर हो जाएगी और हमारे देश से बीमारियों का प्रकोप समाप्त हो सकेगा। सभी नीरोगी और स्वस्थ रहकर देश की उन्नति में अपनी अहम् भूमिका निभा सकेंगे।

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