त्योहारों के देश भारत में समय-समय पर अनेक त्योहार मनाए जाते हैं, जो व्यक्ति को अपनी संस्कृति से जोड़े रखते हैं तथा जीवन में उल्लास एवं उत्साह भर देते हैं। दीपावली भी भारतीयों द्वारा मनाया जाने वाला एक महत्त्वपूर्ण त्योहार है। दीपावली दो शब्दों से मिलकर बना है-दीप + अवली अर्थात दीपों की पंक्ति। इस दिन दीप जलाने का विशेष महत्त्व है इसलिए इस दिन रात को दीपक जलाकर प्रकाश किया जाता है। अतः दीपावली प्रकाश पर्व है।
दीपावली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। दीपावली मनाने के विषय में अनेक मत हैं। कुछ लोगों का विचार है कि जब श्री रामचंद्र जी लंका पर विजय प्राप्त कर अयोध्या लौटे तब उनके स्वागत की खुशी में लोगों ने घी के दीए जलाए थे, तभी से यह त्योहार मनाया जाता है। आर्यसमाज के संस्थापक स्वामी दयानंद और जैन धर्म के प्रवर्तक महावीर स्वामी को दीपावली के दिन ही मोक्ष प्राप्त हुआ था। सिक्खों के छठे गुरु हरगोविंद सिंह इसी दिन मुगलों के कारागार से मुक्त हुए थे। दीपावली सफ़ाई और स्वच्छता का संदेश लेकर आती है। कुछ दिन पहले से ही लोग अपने घरों की सफ़ाई करने में जुट जाते हैं। उस दिन बाजार में दुकानें मिठाइयों, पटाखों और सजावट के सामान से विशेष रूप से सजी रहती है।
दीपावली के साथ पाँच त्योहार जुड़े हैं–धनतेरस, नरक चतुर्दशी, गोवर्धन पूजा और भैयादूज।
धनतेरस के दिन सोने-चाँदी के आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। छोटी दीपावली के दिन नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। दीपावली । के दिन रात में लोग अपने-अपने घरों पर दीपकों तथा मोमबत्तियों का प्रकाश किया करते हैं। लक्ष्मीपूजन किया जाता है। बच्चे आतिशबाजी करते हैं। लोग अपने मित्रों एवं संबंधियों के घर मिठाई के साथ शुभकामनाओं तथा उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं। दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है और उसके अगले दिन भैया-दूजे का त्योहार मनाया जाता है। हमें इस दिन जुआ। खेलने तथा शराब से दूर रहना चाहिए। दीपावली हमें आनंद एवं प्रकाश देती है, इसलिए हमें यह त्योहार सदैव मिल-जुलकर एवं सद्भावना से मनाना चाहिए।