Question
रैयत नील की खेती से क्यों कतरा रहे थे?

Answer

रैयत नील की खेती करने से निम्नलिखित कारणों से कतरा रहे थे-
(1) रैयतों को नील की खेती के लिए अग्रिम ऋण दिया जाता था किंतु, फसल कटने पर बहुत कम कीमत पर अपनी फसल बेचने के लिए मजबूर कर दिया जाता था। इस कीमत से वे अपना ऋण नहीं चुका पाते थे। फलतः वे कभी न खत्म होने म वाले कर्ज के चक्र में फँस जाते थे।
(2) नील की खेती के लिए सर्वाधिक उर्वर भूमि की आवश्यकता पड़ती थी। शेष बची भूमि अन्य फसल उगाने के लायक नहीं होती थी।
(3) उन्हें अपनी जमीन के एक निश्चित हिस्से पर नील की खेती करनी पड़ती थी। अतः दूसरी फसलों के लिए उनके पास जमीन का एक छोटा हिस्सा ही बचता था। इससे उनकी क खाद्यान्न की आवश्यकता पूरी नहीं होती थी।
(4) नील की खेती के लिए अतिरिक्त मेहनत तथा समय की आवश्यकता होती थी। फलतः दूसरी अन्य फसलों के लिए उनके पास श्रम और समय की कमी पड़ जाती थी।
(5) नील की खेती मिट्टी की सारी ताकत खींच लेती थी। नील की कटाई के बाद वहाँ धान की खेती नहीं की जा सकती थी।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

जल उपलब्धता की समस्या को स्पष्ट करते हुए जल संसाधनों के संरक्षण के उपायों को स्पष्ट कीजिए।
राजस्थान राज्य में चलायी जा रही स्वास्थ्य सम्बन्धी योजनाओं का विवरण दीजिए।
घरेलू हिंसा पर नया कानून किस तरह बना, महिला संगठनों ने इस प्रक्रिया में अलग-अलग तरीके से क्या भूमिका निभाई, उसे अपने शब्दों में लिखिये।
राजस्थान में उत्तराधिकार संघर्ष के प्रमुख कारण क्या थे? इसमें मराठों के हस्तक्षेप से क्या परिणाम निकले?
1854 के 'वुड्स डिस्पैच' की मुख्य विशेषताओं की व्याख्या कीजिए।
भारतीय संविधान के मुख्य लक्षणों की विवेचना कीजिये।
कम्पनी का शासन भारतीय राजाओं के शासन से किस तरह अलग था?
वारेन हेस्टिंग्स द्वारा न्याय के क्षेत्र में किए गए सुधारों पर टिप्पणी कीजिए।
संसद का गठन किस प्रकार होता है?
राजस्थान राज्य में चलायी जा रही कृषि सम्बन्धी योजनाओं का विवरण दीजिए।