उपभोक्ता' की परिभाषा-उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के अनुसार उपभोक्ता को निम्न प्रकार से परिभाषित किया गया है-
1. माल का उपभोक्ता-वह व्यक्ति जो प्रतिफल के बदले कोई माल खरीदता है जिसका भुगतान कर दिया हो अथवा भुगतान का वचन दिया हो अथवा उसका आंशिक भुगतान कर दिया हो तथा आंशिक भुगतान का वचन दिया हो अथवा उसका भुगतान अस्थगित या विलम्बित भुगतान विधि के अनुसार करने का वचन दिया हो।
2. सेवाओं का उपभोक्ता-वह व्यक्ति जो प्रतिफल के बदले किन्हीं सेवाओं को भाड़े पर प्राप्त करता है या उपभोग करता है तथा जिसका भुगतान कर दिया हो अथवा करने का वचन दिया हो अथवा उसका आंशिक भुगतान कर दिया हो तथा आंशिक भुगतान का वचन दिया हो अथवा उसका भुगतान स्थगित या विलम्बित विधि के अनुसार करने का वचन दिया हो। इसमें ऐसी सेवाओं से लाभान्वित होने वाला व्यक्ति भी. सम्मिलित है, जिसने पहले वाले व्यक्ति की अनुमति से सेवाओं का उपभोग किया है, लेकिन इसमें वह व्यक्ति सम्मिलित नहीं है जो इन सेवाओं को किसी व्यापार के उद्देश्य से प्राप्त करता है।