Question
मेरा प्रिय हिंदी लेखक (विवरणात्मक)

Answer

     हिंदी में अनेक महान लेखक हैं। सबकी अपनी-अपनी विशेषताएँ हैं। किंतु इन सबमें मुझे सबसे अधिक प्रिय हैं हिंदी के उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी।
     प्रेमचंद जी लोकजीवन के कथाकार हैं। किसानों, हरिजनों और दलितों के जीवन पर उन्होंने अपनी कलम चलाई है। किसानों के दुख, उनके जीवन-संघर्ष, उन पर जमींदारों द्वारा किए जाने वाले जुल्म आदि को उन्होंने स्वाभाविक ढंग से पढ़े-लिखे समाज के सामने रखा है।
     प्रेमचंद जी की कहानियाँ सरल, सरस और मार्मिक हैं। 'कफन', 'बोध', 'ईदगाह', 'सुजान भगत', 'नमक का दारोगा', 'शतरंज के खिलाड़ी', 'बड़े घर की बेटी', 'दूध का दाम', 'पूस की रात' आदि कहानियों में प्रेमचंद जी की स्वाभाविक और रोचक शैली के दर्शन होते हैं। उनके उपन्यास भी बेजोड़ हैं। 'गोदान' तो किसानों के जीवन का महाकाव्य ही है। 'गवन' में मध्यवर्ग के समाज का मार्मिक चित्रण हुआ है। 'रंगभूमि', 'सेवासदन', 'निर्मला' आदि उपन्यासों ने प्रेमचंद जी और उनकी कला को अमर बना दिया है। 34821
      प्रेमचंद जी का चरित्र-चित्रण अनूठा है। चलती फिरती, मुहावरेदार भाषा उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। गांधी जी के विचारों का प्रेमचंद जी पर बड़ा भारी असर पड़ा है।
      प्रेमचंद जी के साहित्य में राष्ट्रीय जागरण का महान संदेश और हमारे सामाजिक जीवन के आदर्शों का निरूपण है। देशप्रेम के आदर्शों की झलक है।
   लोकजीवन के ऐसे महान कथाकार और सच्चे साहित्यकार प्रेमचंद जी यदि मेरे प्रिय लेखक हों तो इसमें क्या आश्चर्य?

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