आज दुनिया संगणक के हाथ में है। आज का युग संगणक का है। संगणक मानव मस्तिष्क की एक अद्भुत खोज है। इसे चमत्कारों का खजाना कहा जाए, तो अतिशयोक्ति न होगी। आज मनुष्य की जिज्ञासा ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में जो क्रांति की है, उसके केंद्र में संगणक का महत्त्वपूर्ण योगदान है।
आज हालत यह है कि संगणक मनुष्य का स्थानापन्न बन गया है। मनुष्य जटिल समस्याओं का हल खोजने के लिए संगणक का मुँह जोहता दिखाई देता है। जो काम मनुष्य नहीं कर सकते, वे सारे काम बिना त्रुटि संगणक कर रहा है।
संगणक आज हमारे दैनिक जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बन गया है।
यदि संगणक न होता, तो रेल टिकट, आरक्षण तथा बैंकों, कारखानों, प्रयोगशालाओं, शोध संस्थानों, अस्पतालों, विभिन्न कार्यालयों, पुस्तकालयों, खेल, विज्ञान, समाचारपत्रों, मुद्रण कला, विभिन्न चैनलों आदि का काम जितनी तेजी से हो रहा है, उतनी तेजी से न हो पाता ।
आज के जमाने में यह कल्पना बिलकुल नहीं की जा सकती कि संगणक न हों। बल्कि संगणक में नित नवीन शोध हो रहे हैं और संगणक की नई-नई पीढ़ियाँ आती जा रही हैं। अब वह दिन दूर नहीं, जब संगणक वे सारे काम करने लगेगा, जो मनुष्य कर रहा है। वैसे अधिकांश कार्य आज रोबोट कर ही रहा है।