समय और अवसर कभी नहीं ठहस्ते- समय रुकता नहीं है। जिसे उसका उपयोग उठाना है, उसे तैयार होकर उसके आने की अग्रिम प्रतीक्षा करनी चाहिए। जो समय के निकल जाने पर । उसके पीछे दौड़ते हैं, वे जिंदगी में सदा घिसटते-पिटते रहते हैं। समय सम्मान माँगता है। इसलिए कबीर ने कहा है-
काल करै सो आज कर, आज करै सो अब।
पल में परलय होयगा, बहुरि करेगा कब॥
समय का सदपयोग कैसे – समय के सदुपयोग का अर्थ है-उचित अवसर पर उचित कार्य पूरा कर लेना। जो लोग आज का काम कल पर और कल का काम परसों पर टालते रहते हैं, वे एक प्रकार से अपने लिए जंजाल खड़ा करते चले जाते हैं। मरण को टालते-टालते एक दिन सचमुच मरण आ ही जाता है। जो व्यक्ति उपयुक्त समय पर कार्य नहीं करता, वह समय को नष्ट करता है। एक दिन ऐसा आता है, जबकि समय उसको नष्ट कर देता है। जो छात्र पढ़ने के समय नहीं पढ़ते, वे परिणाम आने पर रोते हैं।
दुरुपयोग के परिणाम- समय का कोई विकल्प नहीं है। जो मनुष्य समय को नष्ट करता है, समय उसे नष्ट कर देता है। जो छात्र समय रहते परिश्रम नहीं करता, उसका एक वर्ष ही नष्ट नहीं होता, बल्कि जीवन में निराशा और उदासी भी घर कर जाती है। ठीक समय पर घायल का उपचार न किया जाए तो उसकी मृत्यु हो सकती है।
समय का सदपयोग करने वालों के कछ उदाहरण सभी महान पुरुषों ने समय का सही उपयोग किया है। लता ने अपनी गायन-प्रतिभों को पहचाना और पूरा जीवन ही इस कला के नाम कर दिया। परिणामस्वरूप आज वह सर्वोच्च स्थान पर सुशोभित है। अब्दुल कलाम हों या सचिन, सानिया हो या सोनिया-सभी ने उचित समय का सदुपयोग करके ही सफलता पाई है।
सफलता समय की नामी है. वास्तव में सफलता समय की दासी है। जो जाति समय का सम्मान करना जानती है, वह अपनी शक्ति को कई गुना बढ़ा लेती है। यदि सभी गाड़ियाँ अपने निश्चित समय से चलने लगें तो देश में कितनी कार्यकुशलता बढ़ जाएगी। यदि कार्यालय के कार्य ठीक समय पर संपन्न हो जाएँ, कर्मचारी समय के पाबंद हों तो सब कार्य सुविधा से हो सकेंगे। अतः हमें समय की गंभीरता को समझना चाहिए।
फैक लिन का कथन है- ‘तुम्हें अपने जीवन से प्रेम है, तो समय को व्यर्थ मत गँवाओ क्योंकि जीवन इसी से बना है।’ समय को नष्ट करना जीवन को नष्ट करना है। समय ही तो जीवन है। ईश्वर एक बार एक ही क्षण देता है और दूसरा क्षण देने से पहले उसको छीन लेता है।