असफलता से उनका हौसला कम न हुआ। असफलता के आईने में उन्होंने अपनी कमियों और कमजोरियों को देखा और उन्हें दूर किया। दृढ संकल्प से वे फिर आगे बढ़े और एक दिन सफलता के शिखर पर पहुंच गए। सच कहा जाए तो उनकी प्रारंभिक असफलता उनकी सफलता के ताले को खोलने की कुंजी बन गई। इस प्रकार यदि असफलता से हताश न हुआ जाए तो वह सफलता की प्रबल प्रेरणा और उसका सोपान बन सकती है।