Question
जैसे को तैसा।

Answer

किसी जंगल में सारस और गीदड़ रहते थे। स्वभाव भिन्न होते हुए भी वे दोनों गहरे दोस्त थे। एक दिन गीदड़ ने सारस को खाने की दावत पर बुलाया। सारस के आने पर गीदड़ ने बड़ी-सी थाली में खीर परोसकर उसके सामने रख दी। सारस ने थाली में से खीर खाने की कोशिश की। मगर चोंच के न डूबने से वह खीर का एक-एक चावल उठाकर खाने लग गया।
इस बीच गीदड़ सारी खीर चट कर गया। बेचारा सारस भूखा लौटा। उसने चलते-चलते अगले दिन गीदड़ को खाने का न्यौता दिया। दूसरे दिन गीदड़ ठीक समय पर सारस के यहाँ पहुँच गया। सारस ने लम्बी सुराही में खीर परोस रखी थी, सारस मजे से सारी खीर खा गया। गीदड़ का मुँह सुराही में घुस नहीं सकता था। उसे सुराही के बाहर लगे खीर के चावलों से ही संतोष करना पड़ा। गीदड़ खिसियाकर लौट गया। शिक्षा-किसी से बुरा व्यवहार न करो।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free