Question
लोभ का फल

Answer

किसी नगर में कौड़ीमल नाम का एक व्यक्ति रहता था। वह बहुत कंजूस था। वह पैसे के लिए बुरे से बुरे काम करने के लिए तैयार हो जाता था। संयोगवश उसे एक ऐसी मुर्गी मिल गई जो रोजाना एक सोने का अण्डा देती थी। कौड़ीमल सोने के अण्डे को बेचकर पैसा इकट्ठा करने लग गया। फिर भी उसका लोभ कम नहीं हुआ। एक दिन उसने सोचा कि इस मुर्गी के पेट में बहुत सारे अण्डे भरे हुए हैं।
आजकल सोने का भाव अच्छा चल रहा - है, क्यों न इसका पेट चीरकर सारे अण्डे निकाल लिए जाएँ। वह यह भी न जान सका कि मुर्गी के पेट में चीरने से वह मर जायेगी। अगले दिन सवेरे उठते ही कौड़ीमल ने मुर्गी का पेट चीर डाला। इसके पेट में सोने के अण्डे तो नहीं मिले पर मुर्गी अवश्य मर गई। कौड़ीमल हाथ मलकर पछताता रह गया। शिक्षा-लोभ का फल बुरा होता है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free