राजस्थान के प्रमुख पर्व-त्योहार- 'गणगौर' राजस्थान का प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार चैत्र माह के पहले दिन से चैत्र सुदी चार तक चलता है। कुंवारी कन्याएँ अच्छा वर पाने के लिए तथा विवाहित स्त्रियाँ अखण्ड सौभाग्य के लिए गणगौर की पूजा करती हैं। चैत्र सुदी तीन तथा चार को जगह-जगह गणगौर की सवारी पूरे लवाजमे के साथ निकाली जाती है। इस अवसर पर मनोरंजन के अनेक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं। राजस्थान में गणगौर और तीज के अलावा अन्य कई पर्व आते हैं। यहाँ शीतलाष्टमी का पर्व भी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
इसे राजस्थानी में 'बास्योडा' भी कहा जाता है। राजस्थान में बैसाख शुक्ला तृतीया को आखातीज (अक्षय तृतीया) का त्योहार भी बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन किसान नई फसल का स्वागत करते हैं। काश्तकारों के घरों में ज्यादातर विवाह भी इसी दिन होते हैं। इस त्योहार का भी राजस्थान के सांस्कृतिक जीवन में अत्यधिक महत्त्व है।
उपसंहार-पर्वो, त्योहारों एवं मेलों की दृष्टि से राजस्थान का विशिष्ट स्थान है। भारत में हिन्दू समाज में जो प्रसिद्ध त्योहार मनाये जाते हैं, उनको यहाँ भी उसी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। परन्तु गणगौर, तीज, शीतलाष्टमी आदि कुछ ऐसे त्योहार हैं, जिन्हें केवल राजस्थान के लोग ही मनाते हैं।
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