प्रस्तावना - विद्यालयों में हर वर्ष वार्षिकोत्सव का आयोजन किया जाता है। जिनमें भाग लेने से छात्रों में नवीन उत्साह, स्फूर्ति तथा सजगता आ जाती है।
उत्सव की तैयारियाँ - विद्यालय में वार्षिकोत्सव की सूचना से सभी छात्र उत्सव की तैयारी में जुट गये। विद्यालय के मैदान में एक बड़ा पाण्डाल व मंच बनाया गया और अभिभावकों को निमन्त्रण-पत्र भेजे गये।
विविध कार्यक्रम - वार्षिकोत्सव के अवसर पर वादविवाद प्रतियोगिता, अन्त्याक्षरी एवं एकल गायन प्रतियोगिता प्रारम्भ हुई। इसके बाद लम्बी कूद, ऊंची कूद आदि का आयोजन हुआ। इन सभी कार्यक्रमों के बाद मुख्य अतिथि का भाषण हुआ और पुरस्कार वितरण किया गया। अन्त में प्रधानाध्यापकजी ने सभी आगन्तुकों को धन्यवाद दिया।
उपसंहार - वार्षिकोत्सव के आयोजन से जहाँ विद्यालय की गतिविधियों का पता चलता है, वहाँ छात्रों में परस्पर सहयोग, संगठन आदि गुणों का विकास भी होता है।