Question
यदि मैं शिक्षक होता

Answer

प्रस्तावना - मनुष्य एक सचेतन प्राणी है। इसलिए उसके मन में कुछ न कुछ आकांक्षाएँ जन्म लेती रहती हैं। मेरे मन में भी आकांक्षा है कि यदि मैं शिक्षक होता तो क्या करता?
आदर्श अध्यापक का स्वरूप - मैं एक आदर्श शिक्षक बनने का ही प्रयास करता। क्योंकि शिक्षक विद्यार्थियों और समाज के लिए हर दृष्टि से आदर्श होता है। उसके प्रत्येक कार्य प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शिक्षार्थी और समाज पर प्रभाव डालते हैं।
छात्रों का मार्गदर्शक - मैं शिक्षक के रूप में शिक्षार्थियों की पढ़ाई पर पूरा ध्यान देता। उनके उज्ज्वल भविष्य का ध्यान रख उनके साथ पुत्रवत् व्यवहार कर सच्चरित्र एवं कर्तव्यनिष्ठा की शिक्षा देता।
उपसंहार - शिक्षक देश के भावी नागरिकों का निर्माता होता है। यदि मैं अध्यापक होता तो मैं एक आदर्श शिक्षक के गुणों को अपनाकर अपने दायित्वों को अच्छी तरह संभालता। शिक्षक के लिए उसका छात्र ही सब कुछ होता है।

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