प्रस्तावना - वायु-मण्डल पर्यावरण का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। मानव जीवन के लिए वायु का होना आवश्यक है। प्राणदायिनी वायु ऑक्सीजन यदि शुद्ध नहीं होगी तो वह प्राण देने की बजाय प्राण ही हर लेगी।
वायु प्रदूषण के कारण - शहरीकरण और औद्योगीकरण की प्रवृत्ति के कारण कारखानों से बड़ी मात्रा में निकलने वाले धुएँ, गैस एवं कचरे से व पराली जलने से वायुमण्डल दूषित हो रहा है। मोटरगाड़ियों के दूषित धुएँ के कारण वायु में जहरीले तत्त्व मिल जाते हैं। सड़कों के किनारे, गलियों एवं खुले स्थानों पर गन्दे जल-मल के कारण वायु - प्रदूषण बढ़ता है। वनों व वृक्षों की कटाई के कारण भी वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
वायु प्रदूषण को रोकने के उपाय -
- वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कारखानों को शहरी क्षेत्र से दूर स्थापित किया जाना चाहिए।
- शहरीकरण की प्रक्रिया को रोकने के लिए गाँव व कस्बों में रोजगार के साधन उपलब्ध कराये जाने चाहिए।
- वनों व वृक्षों की कटाई रोकी जानी चाहिए।
- खुले में कचरा व पराली जलाने पर रोक लगानी चाहिए।
उपसंहार - वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कठोर नियम बनाए जाने चाहिए और पेड़-पौधे लगाने की अनिवार्यता की जानी चाहिए।