Questions

कहानी[6M]

🎯

Test yourself on this topic

15 questions · timed · auto-graded

Question 16 Marks
चतुर बंदर
Answer
समुद्र-तट पर विशाल जामुन वृक्ष पर एक वानर रहता था। एक दिन समुद्र से निकलकर कोई मगर उस पेड़ के नीचे रेत पर लेट गया, वानर ने उसे जामुन के फल दिये। इस तरह उन दोनों में मित्रता हो गई। एक दिन मगर वानर के पास गया और बोला कि मेरी पत्नी तुमसे मिलना चाहती है। तुम मेरी पीठ पर बैठकर समुद्र के बीच में उससे मिलने चलो। वानर उसकी बातों में आ गया तथा उसकी पीठ पर बैठ गया। बीच समुद्र में जाने पर मगर ने कहा कि मेरी पत्नी तुम्हारा हृदय खाना चाहती है, इसीलिए मैंने तुम्हारे साथ छल किया है। वानर ने चतुराई से कहा कि मेरा हृदय पेड़ पर रखा रहता है। तुमने पहले नहीं बताया। वापस चलो, मैं पेड़ से अपना हृदय ले आता हूँ। मूर्ख मगर वानर की बात मान गया। वह उसे वापिस ले आया। तब वानर शीघ्रता से उसकी पीठ से उतरकर पेड़ पर चढ़ गया और बोला कि अरे मूर्ख, विश्वासघाती! दूर हट जा, फिर कभी इस पेड़ के नीचे मत आना।
View full question & answer
Question 26 Marks
वाचाल कछुआ
Answer
किसी तालाब में दो हंस और एक कछुआ रहते थे। वे आपस में घनिष्ठ मित्र थे। एक बार वर्षा नहीं होने के कारण तालाब सूखने लगा। इससे कछुआ बहुत चिंतित हुआ। तब उसके मित्र हंसों ने कहा कि यहाँ से थोड़ी दूर पर एक और तालाब है, जो पानी से भरा हुआ है। कछुए ने वहाँ जाने के बारे में सहमति दे दी। लेकिन वहाँ जाने का कोई मार्ग नहीं सूझ रहा था। अचानक उसके दिमाग में एक विचार आया। उसने अपने मित्रों से कहा कि एक लकड़ी को तुम दोनों दोनों तरफ से पकड़कर उड़ चलो। मैं उसे बीच से पकड़कर तुम्हारे साथ दूसरे तालाब तक पहुँच जाऊँगा। सभी को यह विचार अच्छा लगा। उन्होंने ऐसा ही किया। जब वे आकाश मार्ग से जा रहे थे तब कछुए ने कुछ कहने के लिए अपना मुँह खोला। जैसे ही उसने अपना मुँह खोला वह जमीन पर गिर पड़ा और मर गया।
View full question & answer
Question 36 Marks
खरगोश और चूहा
Answer
एक बार की बात है कि नर्मदा नदी के घने जंगल में बहुत से जानवर रहते थे। वे आपस में झगड़ते ही रहते थे। एक दिन उन्होंने निश्चय किया कि हमें अपना राजा चुनना चाहिए। इस बात पर सभी राजा बनने को तैयार हो गये। तभी एक लोमड़ी वहाँ आयी और उसने शोर का कारण पूछा। शोर का कारण बताने के बाद सभी ने उस लोमड़ी को अपना राजा चुन लिया। दूसरे ही दिन खरगोश और चूहा बिल को लेकर आपस में झगड़ने लगे। वे न्याय के लिए राजा लोमड़ी के पास गये। दोनों ने अपनी व्यथा राजा को सुनाई लेकिन लोमड़ी राजा ने कहा कि अब मैं बूढ़ा हो गया हूँ इसलिए कम सुनाई देता है। तुम दोनों अपनी बात पास आकर कहो। जैसे ही वे दोनों लोमड़ी राजा के पास गये, लोमड़ी ने उन दोनों को बारी-बारी से पकड़ कर और मार कर खा लिया।
View full question & answer
Question 46 Marks
शेर और हिरण
Answer
एक दिन एक जंगल में एक हिरण घास चर रहा था। अचानक वहाँ एक शेर आ गया। शेर को देखकर हिरण बुरी तरह घबरा गया। लेकिन उसने हिम्मत बटोरकर कहा कि हे महाराज! आपका स्वागत है। मैं जानता हूँ कि आप मुझे मारकर खाने आए हो लेकिन मेरी एक अन्तिम इच्छा है। क्या आप उसे पूरा करेंगे? शेर ने उससे उसकी अन्तिम इच्छा पूछी तब हिरण ने बताया कि मेरी आँख में कुछ गिर गया है, क्या आप उसे निकाल देंगे? हाँ करते हुए जैसे ही शेर ने अपना मुँह उसके सिर के पास बढ़ाया, हिरण ने शेर के इतनी जोर की टक्कर मारी कि शेर दूर जाकर गिरा। तभी हिरण पूरी ताकत से वहाँ से भाग खड़ा हुआ और शेर देखता ही रह गया।
View full question & answer
Question 56 Marks
हाथी और दर्जी
Answer
एक हाथी था। वह रोजाना पानी पीने के लिए नदी पर जाता था। रास्ते में एक दर्जी की दुकान थी। दर्जी उस हाथी को खाने के लिए कुछ-न-कुछ देता था। एक दिन दुकान पर दर्जी का लड़का बैठा था। हाथी आया तो लड़के ने हाथी की सूंड में सुई चुभो दी। हाथी गुस्सा हो गया। वह नदी पर गया। उसने पानी पिया फिर अपनी सूंड में गन्दा पानी भर लिया। लौटते हुए दर्जी की दुकान में उसने वह गन्दा पानी फेंक दिया। दर्जी के कपड़े खराब हो गये। उसे जैसा का तैसा फल मिला।
View full question & answer
Question 66 Marks
भेड़िया आया, भेड़िया आया###गडरिया जो झूठ बोला
Answer
एक बार एक गडरिया लड़का था। वह प्रतिदिन भेड़ों को चराने ले जाता था। एक दिन उसे गाँव वालों से मजाक करने की सूझी। वह चिल्लाया' भेड़िया आया, भेड़िया आया, सहायता करो।' गाँव वाले दौड़कर वहाँ आये। वहाँ कोई भेड़िया नहीं था। गडरिया उन पर हँसा। वे नाराज हुए और वापस लौट गए। अगले दिन गडरिये ने फिर से ऐसा ही किया। उस दिन भी गाँव वाले नाराज होकर चले गये। कुछ दिनों बाद वहाँ एक भेड़िया आया। गडरिया सहायता के लिए बार-बार चिल्लाया। उसकी सहायता के लिए कोई नहीं आया। भेड़िये ने गडरिये को मार दिया। उसे झूठ बोलने का फल मिला।
View full question & answer
Question 76 Marks
सोने के अण्डे देने वाली मुर्गी और आदमी###लालची आदमी
Answer
एक बार एक आदमी था। उसके पास एक मुर्गी थी। वह उसे रोज सोने का एक अण्डा देती थी। वह आदमी लालची था। उसने रोज सोने के एक अण्डे की बजाय एक साथ ही सोने के सारे अण्डे प्राप्त करने की सोची। उसने उस मुर्गी के पेट को काट दिया। वहाँ कोई अण्डा नहीं था। सोने के अण्डे देने वाली उसकी मुर्गी मर गई थी। वह बहुत दुःखी हुआ।
View full question & answer
Question 86 Marks
लालची कुत्ता
Answer
एक बार एक कुत्ता था। वह बहुत लालची था। उसे एक हड्डी का टुकड़ा मिला। उसे लेकर वह एक पुल पार कर रहा था। उसने पानी में अपनी परछाईं देखी। उसने सोचा कि वहाँ दूसरा कुत्ता है। वह हड्डी के उस टुकड़े को भी लेना चाहता था। उसने भौंकने के लिए अपना मुँह खोला। उसका हड्डी का टुकड़ा पानी में गिर गया। वह बहुत दुःखी हुआ।
View full question & answer
Question 96 Marks
खरगोश और कछुआ
Answer
एक जंगल में एक खरगोश और एक कछुआ रहते थे। खरगोश कछुए की धीमी चाल पर हँसता था। एक दिन कछुए ने खरगोश से एक रेस (दौड़) लगाने को कहा। खरगोश बहुत तेज दौड़ा और आगे आकर एक पेड़ के नीचे आराम करने लगा और सो गया। कछुआ धीरे लेकिन निरन्तर चलता रहा। वह लक्ष्य पर पहुँच गया। जागने पर खरगोश बहुत तेज दौड़ा। उसने देखा कि कछुआ पहले ही दौड़ जीत चुका था।
View full question & answer
Question 106 Marks
शेर और चूहा
Answer
एक शेर पेड़ के नीचे सो रहा था। एक चूहा शेर के शरीर पर खेलने लगा। शेर जाग गया। उसने चूहे को पकड़ लिया। चूहे ने शेर से उसे छोड़ देने की प्रार्थना की। शेर दयालु था। उसने चूहे को छोड़ दिया। चूहे ने मुसीबत में उसकी सहायता करने का वचन दिया। एक दिन शेर शिकारियों के जाल में फँस गया। वह सहायता के लिए दहाड़ा। चूहा वहाँ आया और उसने अपने पैने दाँतों से जाल को काट दिया। शेर आजाद हो गया। अब वे अच्छे दोस्त बन गये।
View full question & answer
Question 116 Marks
प्यासा कौआ
Answer
एक कौआ था। उसे बहुत प्यास लगी थी। उसने एक घड़ा देखा। घड़े में थोड़ा-सा पानी था। उसने एक तरकीब सोची। पास में पड़े हुए एक कंकड़ को उठाया और उसे घड़े में डाल दिया। पानी कुछ ऊपर आया। इसी तरह वह कंकड़ उठाकर घड़े में डालता गया। अन्त में पानी ऊपर आ गया। कौए ने पानी पीया और उड़ गया। खुश होकर उसने कहा कि मेहनत का फल मीठा होता है।
View full question & answer
Question 126 Marks
भूखी लोमड़ी/खट्टे अंगूर
Answer
एक लोमड़ी बाग में घूमने गयी। घूमते-घूमते उसे भूख लग गयी। उसने अंगूर की बेल देखी। अंगूरों के गुच्छे काफी ऊपर लगे थे। उनको देखकर उसके मुँह में पानी आ गया। लोमड़ी ने छलाँग लगाई पर ऊपर तक न पहुँच पाई। उसने बार-बार प्रयास किया लेकिन वह अंगूर न पा पाई। अन्त में उसने कहा- छोड़ो, अंगूर खट्टे हैं।
View full question & answer
Question 136 Marks
चालाक लोमड़ी
Answer
एक जंगल में एक लोमड़ी रहती थी। एक दिन भूख लगने पर वह भोजन की खोज में निकली और एक बाग में पहुँची। बाग में उसने एक पेड़ की डाल पर एक कौआ बैठा देखा। कौए की चोंच में रोटी का एक टुकड़ा था। वह रोटी का टुकड़ा पाने का उपाय सोचने लगी। वह कौए से बोली, "कौए भैया! तुम बहुत सुन्दर हो। तुम्हारी बोली भी बहुत मीठी है। मैं तुम्हारी मीठी बोली सुनना चाहती हूँ। कृपया मेरे लिए एक गीत गाइये।" कौआ लोमड़ी की बातें सुनकर बहुत प्रसन्न हुआ। उसने गीत गाने के लिए जैसे ही अपनी चोंच खोली, उसके मुँह से रोटी का टुकड़ा नीचे गिर गया। लोमड़ी उस रोटी के टुकड़े को लेकर जंगल में भाग गयी। बेचारा कौआ देखता ही रह गया।
View full question & answer
Question 146 Marks
एकता में शक्ति
Answer
एक किसान के चार पुत्र थे। वे आपस में लड़ते-झगड़ते रहते थे। इससे किसान बहुत चिंतित रहता था। एक दिन किसान बीमार हो गया। उसने अपने चारों पुत्रों को बुलाया। उनके सामने एक लकड़ी का गट्ठर रखते हुए उसने अपने पुत्रों से उसे तोड़ने के लिए कहा, लेकिन कोई भी पुत्र उस गठ्ठर को तोड़ नहीं पाया। अब किसान ने उन्हें एक-एक लकड़ी को तोड़ने के लिए कहा। उन्होंने आसानी से लकड़ियाँ तोड़ दीं। अब किसान ने उन्हें समझाया कि जब तक लकड़ियाँ एक साथ थीं उन्हें कोई तोड़ नहीं पाया। इसी प्रकार यदि तुम भी एक साथ रहोगे तो तुम्हें कोई हरा नहीं पाएगा। किसान पुत्रों को यह बात समझ आ गई। अब उन्होंने लड़ाई-झगड़ा बंद कर दिया और मिलकर रहने लगे।
View full question & answer
Question 156 Marks
चतुर खरगोश
Answer
किसी वन में कोई घमण्डी सिंह रहता था। वह प्रतिदिन अनेक मृगों और खरगोशों आदि को मारता था। एक दिन वन में रहने वाले सभी पशुओं ने सिंह के पास जाकर कहा कि आप जंगल के राजा हैं। हम सब आपकी प्रजा हैं। हम आपके पास रोजाना एक जानवर भेज देंगे, आप उसे आराम से खायें। ऐसा तय होने पर प्रतिदिन एक पशु सिंह के पास जाने लगा। एक दिन चतुर खरगोश की बारी आयी। वह सिंह के पास काफी देर से पहुँचा। पूछने पर उसने सिंह को बताया कि रास्ते में एक दूसरा शेर मिल गया। उसने मुझे रोक लिया था। मैं उससे प्राण बचाकर आपके पास आया हूँ। यह बात सुनकर सिंह क्रोधित हुआ और खरगोश को साथ लेकर चला। एक कुएँ के पास जाकर खरगोश ने कहा कि वह शेर इसी में रहता है। सिंह ने कुएँ में देखा, उसमें उसे अपनी परछाई दिखी। सिंह ने उसे दूसरा शेर समझा और गुस्से में आकर कुएँ में कूद गया तथा पानी में डूबकर मर गया।
View full question & answer
कहानी[6M] - हिन्दी STD 5 Questions - Vidyadip