होली को रंगों का त्योहार भी कहते हैं। होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस त्योहार का सम्बन्ध भक्त प्रहलाद की कथा से माना जाता है। सन्ध्या के समय होली जलायी जाती है। उसमें नये अनाज की बालियों को सेंका जाता है। अगले दिन धुलण्डी होती है। सभी लोग रंग, अबीर, गुलाल आदि से खेलते हैं और अपनी खुशी प्रकट करते हैं। इस दिन सभी लोग आपसी मतभेद भुलाकर गले मिलते हैं। घरों में मिठाई तथा अच्छे पकवान परोसे जाते हैं। होली का त्योहार आपसी मेल-जोल, प्रेम और भाईचारे को बढ़ाने वाला है।