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MCQ (0.5 अंक)

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Question 11 Mark
निम्नलिखित में से कौन सा एक प्रारम्भक प्रकूट है?
Answer
(b) प्रोटीन विश्लेपण के लिए जिंक फिंगर विश्लेपण का प्रयोग किया जाता है। जिंक फिंगर प्रोटींस, प्रोटीन का सुपर समूट टै जिनका संबंध पादप वृद्धि तथा विकास से है।
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Question 21 Mark
डी.एन.ए. अंगुलिछापी की किसी भी तकनीक के लिए निम्नलिखित में से किस एक की आवश्यकता नहीं होती?
Answer
(a) पॉलीसम अथवा पॉलीराइबोसम mRNA अणु तथा दो या दो अधिक राइबोसम्स का एक संमिश्रण है, जोकि सक्रिय ट्रांसलेशनल प्रक्रिया के दौरान निर्मित टोता है। सन् 1963 के समय इसे इर्गोसोम्स कहा जाता था। परंतु बाद में जोनाथन वार्नर तथा अलेक्स रिच ने पॉली सम नाम दिया।
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Question 31 Mark
राइबोसोम का एक संकुल जो आरएनए के एकल रज्जुक के साथ जुड़ा टोता टै, क्या कटलाता है?
Answer
(c) सहप्रभाविता की स्थिति में, दोनों युग्मविकल्पी स्वतंत्र रूप से विपम युग्मनज में अभिव्यक्त होते हैं।
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Question 41 Mark
एक बहुप्रभावित जीन:
Answer
(c) चारगैफ का नियम RNA के लिए नहीं है।
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Question 51 Mark
सटप्रभाविता दर्शाने वाली जीन में क्या होता है?
Answer
(c) एक बदुप्रभावित जीन एक व्यप्टि में बहुत प्रकार के लक्षणों को नियंत्रित करता है।
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Question 61 Mark
निम्नलिखित में से कौन सा RNA पर लागू नहीं टोता?
Answer
(b) मानव जीनोम अनुक्रमण (अनुक्रमक) हेतु जीवाणु कृत्रिम गुणसूत्र (BAC) एवं यीस्ट कृत्रिम गुणसूत्र (YAC) वाहक प्रयोग किए जाते हैं। $BAC$ एक DNA निर्मित प्रकार्य उर्वर प्लाज्मिड पर आधारित वैक्टर है, जिसका उपयोग जीवाणु में क्लोनिंग एवं स्थानान्तरण में किया जाता है।
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Question 71 Mark
निम्नलिखित मे से कौन गलत सुमेलित है ?
Answer
(d) एक निरर्थक उत्परिवर्तन पालीपेप्टाइड संश्लेषण को अवरूद्ध कर देता है जिसका कारण है विनाशक या निरर्थक कोडान का बनना जैसे-ATT(UAA), ATC (UAG), ACT (UGA). इश्चेरिचिया कोलाई के लैक्टोज या लैक आपरॉन में सरंचनात्मक जीन (Z, $Y , A )$ होते हैं। यदि $Y$ कोड पाली पेप्टाइड शृंखला को समाप्त करते हैं तब मात्र ' $Z$ ' जीन का उत्पादन $\beta$ गेलेक्टोज के निर्माण हेतु प्रेरित करता है।
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Question 81 Mark
रूपांतरण की खोज किसके द्वारा की गयी ?
Answer
(a) अनुलेखन में DNA टेम्पलैट से RNA का संश्लेषण होता है। एक समय में केवल एक ही DNA रज्जु RNA में अनुलेखित होता है। इसमें तीन प्रक्रिया होती है। प्रारम्भिकरण (DNA से RNA पॉलिमरेज का जुड़ना) दीर्घीकरण (DNA के लघु खण्ड/अंश का विकास) एवं समापन (अनुलेखन समापन क्रम की पहचान एवं RNA पॉलीमरेज की मुक्ति)।
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Question 91 Mark
सही विकल्प का चयन करें
RNA के संश्लेषण टेम्पलेट DNA रज्जु के की दिशा रीडिंग की दिशा
Answer
(c) रूपान्तरण की खोज फ्रेडरिक ग्रिफिथ एक ब्रिटिश मेडिकल ऑफिसर ने की। उन्होने न्यूमोकोकस जीवाणु के दो स्ट्रेन संक्रामक (smooth or virulent strain) एंव असंक्रामक (rough or non-virulent strain) को चूहों पर प्रयोग किया। उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला यदि $R$ स्ट्रेन को कुछ $S$ स्ट्रेन के पदार्थो के द्वारा रूपांतरित कर दिया जाए तो वे स्ट्रेन $R$ स्ट्रेन को संक्रामक बना सकते हैं तथा वे भी संक्रामक पॉलीसैकेरॉइड बनाने में सक्षम हो जायेंगे।
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Question 101 Mark
मानव जीनोम अनुक्रमण के लिए आमतौर पर प्रयुक्त वाहक है
Answer
(a) RNA पॉलीमरेज एक दिशा $\left(5^{\prime} \rightarrow 3^{\prime}\right)$ में बहुलीकरण उत्प्रेरित करता है एवं सूत्र जिसके ध्रुवीयता $\left(3^{\prime} \rightarrow 5^{\prime}\right)$ टेम्पलेट के जैसे कार्य करता है।
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Question 111 Mark
उस कोशिका में कौन-सा/से एंजाइम उत्पन्न होगा/होंगे जिसके लेक $Y$ जीन में निरर्थक उत्परिवर्तन है?
Answer
(b)
इस प्रश्न में, $A$ अनुलेखन, $B$ - भाषान्तरण $C$ फ्रैसिस क्रिक (केन्द्रीय डॉग्मा) है। यह सूचना DNA का mRNA (अनुलेखन) की ओर एक दिशीय प्रवाह है। इसके उपरांत $mRNA$ में उपस्थित सूचना का डिकोडिंग होता है, इसके फलस्वरूप पालीपेष्टाइड शृंखला अथवा प्रोटीन (भाषान्तरण) का निर्माण होता है।
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Question 121 Mark
दिया गया आरेख DNA के आनुवांशिक विचार की एक महत्वपूर्ण संकल्पना दर्शाता है। रिक्त स्थानों ( $A$ से लेकर तक) की पूर्ति कीजिए:
Answer
(d) VNTR (वेरीएबल नम्बर ऑफ टेन्डम रीपीटस DNA सेटेलाइट का प्रकार) DNA फिंगर प्रिंटिंग का आधार हैं।
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Question 131 Mark
निम्नलिखित चार कथनों (A-D) को पढ़िए -
(A) ट्रान्सक्रिपनन (अनुलेखन) में एडीनोसीन यूरैसिल के साथ जोड़ा बनाता है।
(B) रिप्रैसर द्वारा lac आपेरॉन के नियमन को धनात्मक नियमन कहते हैं।
(C) मानव जीनोम में लगभग 50,000 जीन होते हैं।
(D) हीमोफीलीया एक लिंग सहलग्न अप्रभावी रोग है। उपरोक्त कथनों में कितने कथन सही है?
Answer
(d) स्प्लाइसियोंसोम $hn - RNA$ से इन्ट्रॉन्स को काट कर हटाता है तथा DNA लाइगेज़ द्वारा एक्जॉन्स को जोड़ा जाता है, इसे स्प्लाइसिग कहते है।
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Question 141 Mark
वह क्या चीज है जो DNA फिंगरप्रिंटिंग का आधार होती है?
Answer
(a) कथन (A) और (D) सही हैं। रिप्रैसर द्वारा $l a c$ आपेरॉन के नियमन को ऋणात्मक नियमन कहते हैं। मानव जीनोम में लगभग 20,000 25,000 जीन होते हैं।
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Question 151 Mark
अनुलेखन के दौरान इन्ट्रोनों के हटा दिये जाने तथा एक्सॉनों के एक निश्चित क्रम में जोड़े जाने की क्रिया को क्या कहते हैं?
Answer
(b) यदि DNA के एक रज्जुक के नाइट्रोजीनस क्षार का अनुक्रम ATCTG है तो उसके पूरक RNA रज्जुक में UAGAC अनुक्रम होगा। DNA में 2 प्यूरीन्स (एडेनीन और ग्वानीन) तथा 2 पिरीमिडीन्स (सायटोसीन तथा थायमीन) उपस्थित होते है। RNA में थायमीन के स्थान पर यूरेसिल उपस्थित होता है।
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Question 161 Mark
न्यूक्लियोप्लाज्म से RNA पोलीमरंज III को निकाल दिया जाना किसके संश्लेषण को प्रभावित करेगा?
Answer
(d) $23 sr$ RNA एक जीवाणु कोशिका में उत्प्रेरक की तरह कार्य करता है।
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Question 171 Mark
निम्नलिखित में से कौन सा एक भाग DNA में अनुलेखन इकाई का भाग नहीं होता है?
Answer
(a) RNA पोलीमरंज III द्वारा युकंरियोंट्स में $t$-RNA बनता है।
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Question 181 Mark
यदि DNA के एक रज्जुक के नाइट्रोजन क्षार का अनुक्रम $ATCTG$ है तो उसके पूरक RNA रज्जुक में क्या अनुक्रम होगा?
Answer
(a) अनुलेखन की इकाई प्रोमोटर (Promoter), संरचनात्मक जीन (structural gene) तथा समापक (Terminator) का बना होता है।
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Question 191 Mark
एक जीवाणु कोशिका में निम्नलिखित में से कौन-सा एक उत्प्रेरक का भी काम करता है?
Answer
(d) पौलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला के भीतर फॉस्फोडाइएस्टर सहलग्नताऐं एक न्यूक्लियोटाइड को एक अन्य न्यूक्लियोटाइड से जोड़ने का काम करती है। यह एक न्यूक्लियोटाइड के सुगर घटक के कार्बन पर उपस्थित फॉस्फेट ग्रुप को अगले न्यूक्लियोटाइड के सुगर घटक के कार्बन के मध्य संबंध स्थापित करता है।
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Question 201 Mark
पौलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखता के भीतर $3^{-}-5$ ' फॉस्फोडाइएस्टर सहलग्नताऐं किनको जोड़ने का काम करती हैं?
Answer
(c) लैक (Lac) ओपेरोन में एक नियामक जीन (i) तथा तीन संरचनात्मक जीन $( z , y$ तथा $a)$ होते हैं। जीन $z \beta$-गैलेक्टोसिडेज को कोडित करता है जो लैक्टोज को ग्लैक्टोज एवं ग्लूकोज में बांट देता है। जीन $y$, परमियेज को कोडित करता है जो कोशिका के अंदर $\beta$-गलैक्टोसिडेज की भेदन शक्ति को बढ़ाता है, जीन $a$ ट्रांसएसिटाइलेज को कोडित करता है। ये तीनों जीन $(z, y$, तथा $a)$ लैक्टोज उपापचय के लिए आवश्यक होते हैं।
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Question 211 Mark
lac ओपेरोन में क्या-क्या होते हैं?
Answer
(d) परीक्षार्थ संकरण में एक प्रभावी लक्षण प्ररूप वाले जीव तथा अप्रभावी समयुग्मी जनक के बीच क्रॉस कराया जाता है। इसका उपयोग किसी जीव के जीन प्रारूप की जानकारी के लिए किया जाता है।
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Question 221 Mark
वह संकरण जिसमें किसी जीव (जो प्रभावी लक्षण प्ररूप दर्शाता हो) का जीन प्ररूप जानने हेतु अप्रभावी जनक के साथ संकरण किया जाता हो, क्या कहलाता है?
Answer
(d) एचआईवी वायरस सेंट्रल डोग्मा का अनुसरण नहीं करता है। सेंट्रल डोग्मा में सूचना का प्रवाह एकरेखीय होता है जो डीएनए से एमआरएनए (mRNA) तथा फिर प्रोटीन को होता है। एम आरएनए $\stackrel{\text { ट्रांसलेशन }}{\longrightarrow}$ प्रोटीन
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Question 231 Mark
निम्नलिखित में से कौन सा एक पहलू है जो आनुर्वशिक कोड की एक स्पष्ट विशिष्टता नहीं है?
Answer
(c) जैकब तथा मोनॉड ने सर्वप्रथम ई. कोलाई में लैक एक प्रोमोटर, एक ऑपरेटर तथा तीन संरचनात्मक जीन, $z , y$, एवं $a$ होते हैं जो क्रमशः $\beta$ गैलेक्टोसीइेज, परिमियेज तथा ट्रांसएलिराइलेज नामक एंजाइम को कोड करते हैं। लैक रेगुलेटर जीन, जिसे $i$ से सूचित करते हैं, रिप्रेशर को कोडित करता है। इंड्यूसर के अनुपस्थिति में रिप्रेशर लैक ऑपरेटर जीन के साथ संयुक्त होता है, जो आर एन ए पॉलीमरेज को प्रोमोटर के साथ जुडने से रोकता है जिसके फलस्वरूप संरचनात्मक जीन ट्रांसक्राइब होता है।
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Question 241 Mark
निम्नलिखित में से कौन सा एक है जिसमें आण्विक जीवविज्ञान के सेंट्रल-डॉग्मा का अनुसरण नहीं होता?
Answer
(b) आनुवांशिक कोड असंदिग्ध तथा विशिष्ट होते हैं। इसमें किसी एक विशेष कोडोन के लिए कोई संदिग्धता नही होती है। अतः एक विशिष्ट कोडोन हमेशा ही एक समान एमिनो एसिड को कोडित करता रहता है।
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Question 251 Mark
"लैक ओपैरौन" से संबंधित नीचे दिये जा रहे चार कथनों (i-iv) में से दो सही कथन चुनिए।
(i) ग्लूकोज अथवा गैलेक्टोज, रिप्रेसर (दमनकर) के साथ आबंध बनाकर उसे निष्क्रिय कर सकते हैं।
(ii) लैक्टोज की अनुपस्थिति पर रिप्रेसर, ऑपरेटर (प्रचालक) जीन के साथ आबंधित हो जाता हैं।
(iii) $z$-जीन पर्मिएज का कोडन करता है।
(iv) इसका स्पष्टीकरण फ्रैंकोइस जैकब तथा जैक मोनॉड ने किया था।
सही कथन कौन से हैं?
Answer
(d) निरेनबर्ग तथा मथाई (1961) ने प्रयोगों से सिद्ध किया कि एक अमीनो अम्ल तीन नाइट्रोजनी क्षारों द्वारा परिभाषित होता है। तीन नाइट्रोजनी क्षारों की श्रृंखला जो एक अमीनो अम्ल को परिभाषित करती है उसे ट्रिपलेट कूट कहते हैं। निरेनबर्ग तथा मथाई के प्रयोगों से पता चलता है कि अनुवांशिक कूट एक ट्रिप्लेट है।ctivate Windows
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Question 261 Mark
DNA की अर्धसंरक्षी प्रतिकृति सर्वप्रथम किसमें प्रदर्शित की गयी थी :
Answer
(d) अनुलेखन इकाई में इन्ट्रानों को निकाला जाना तथा एक्सानों को सुनिश्चित क्रम में जोड़ा जाना स्प्लाइसिंग कहलाता है। आण्विक जीव विज्ञान में स्प्लाइसिंग अनुलेखन के बाद आर. एन.ए. में परिवर्तन है जिसमें इन्ट्रानों को निकाला जाता है तथा एक्सानों को जोड़ा जाता है।
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Question 271 Mark
आनुर्वंशिक कोड के विषय में कौन-सी बात सत्य नहीं हैं :
Answer
(d) थियोडोर ओ. डियनर ने 1971 में पोटैटो स्पीन्डल ट्यूबर विरिऑड, (PSTVd) की खोज की जो कि अभी तक पहचाना गया पहला विरिऑड है। PSTVd एक छोटा, वृत्ताकार आर.एन.ए. होता है। डों. डियनर ने पाया कि पोटैटो कण स्पिंडल ट्यूबर बीमारी का रोगाणु एक विषाणु नहीं है जैसा कि पहले समझा जाता था, बल्कि एक उससे भी छोटा मुक्त आर.एन.ए. कण है।
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Question 281 Mark
T.O.Diener ने खोज की थी एक :
Answer
(d) अगुणित कोशा के केन्द्रक में अयुग्मित गुणसूत्रों का एक सेट होता है। (एकगुणसंख्या को $X$ से प्रदर्शित किया जाता है। अर्धसूत्रण के फलस्वरूप बनी जनन कोशाएं एकगुणित होती है। एकगुणित उत्परिवर्तन अध्ययनों के लिए द्विगुणितों से अधिक उपयुक्त होते हैं। ऐसा सभी उत्परिवर्तनों, प्रभावी एवं अप्रभावी के प्रकटन के कारण होता है।
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Question 291 Mark
उन प्रयोगों के कर्ता कौन थे जिनमें DNA को तोड़ा-फोड़ा और निस्संदेह रूप में खोजा गया कि आनुवंशिक कोड एक " ट्रिप्लेट" होता है :
Answer
(a) DNA की अर्धसंरक्षी प्रतिकृति सर्वप्रथम एशंरेशिया कोलाई में प्रदर्शित की गई थी। ई.कोलाई एक सामान्य प्रकार का जीवाणु है जो कि गाय के मांस तथा सब्जियों जैसे भोजन में पाया जाता है। इन जीवाणुओं के बारे में विचित्र बात यह है कि ये हमारे लिए हमेशा हानिकारक नहीं होते हैं। ई. कोलाई साधारणत: हमारी आंत में रहता है जहां यह हमारे शरीर में खाए गए भोजन को तोड़ने तथा पचाने में सहायता करता है।
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Question 301 Mark
ट्रांस्क्रिपशन (अनुलेखन) इकाई में इन्ट्रॉनों को निकाला जाता है और एक्सानों को सुनिश्चित क्रम में जोड़ा जाना क्या कहलाता है :
Answer
(d) अनुवांशिक कोड में न्यूक्लियोटाइड्स के 64 त्रिक होते हैं। इन त्रिकों को कोडोन कहते हैं। तीन कोडोनों को छोड़कर हर कोडोन प्रोटीन संश्लेषण के लिए आवश्यक 20 अमीनो अम्लों के कोड का कार्य करता है। ज्यादातर अमीनोअम्लों के लिए एक से अधिक कोडोन होते हैं। अनुवांशिक कोड आर.एन.ए, या डी.एन.ए. कोडोन की तरह व्यक्त किए जाते हैं।
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Question 311 Mark
उत्परिवर्तन अध्ययनों के लिए द्विगुणितों की तुलना में अगुणित अधिक उपयुक्त होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि:
Answer
(c) एक RNA अणु जिसका क्षार अनुक्रम किसी जीन के लिप्यंतरित RNA का पूरक हो जैसे m-RNA। अतः एक प्रत्यर्थ RNA अपने पूरक क्षार अनुक्रम वाले m-RNA के साथ क्षार युग्मन कर सकता है। इससे राइबोसोम्स के $m$-RNAतक न पहुँच पाने के कारण अथवा दोहरे सूत्र वाले RNA अणु के राइबोन्यूक्लिएज एन्जाइम द्वारा विघटन के कारण, जीन की अभिव्यक्ति रूक जाती है। प्रत्यर्थ RNA एवं DNA दोनों को रोगजनक जीन्स में सुधार करके चिकित्सीय रूप में प्रयुक्त किया जा सकता है।
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Question 321 Mark
DNA अणु के भीतर:
Answer
(d) प्यूरीन एक कार्बनिक नाइट्रोजनी बेस है जो जल में अल्पविलेय है। यह जैविक रूप से महत्वपूर्ण व्यूतपन्नों के एक समूह, एडीनीन एवं ग्वानीन, का निर्माण करता है जो कि न्यूक्लीक अम्लों (DNA एवं RNA)तथा न्यूक्लिोओटाइड्स में पाए जाते हैं।
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Question 331 Mark
न्यूक्लिइक अम्लों के नाइट्रोजनी बेसों के किस एक जोड़े को उसके आगे दी गयी श्रेणी के साथ गलत मिलाया गया है।
Answer
(b) $GCU$ से एलैनीन प्रकट होता है किंतु GUU से वैलीन प्रकट होता है।
UAG, UGA एवं UAA समापन कोडान हैं।
$AUG$ सबसे व्यापक आरंभन कोडान है जिससे मिथियोनीन प्रकट होता है।
$U U A$ से ल्यूसीन प्रकट होता है किंतु $UCA$ से सेरीन प्रकट होता है।
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Question 341 Mark
प्रत्यर्थ प्रौद्योगिकी क्या है?
Answer
(d) DNA अणु के भीतर दो रज्जुक होते हैं जो कि एक दूसरे के प्रतिसमांतर चलते हैं एक $5^{\circ} \rightarrow 3$ दिशा में एवं दूसरा $3^{\prime} \rightarrow 5^{\prime}$ दिशा में)। दोनों श्रृंखला के थाइमीन (एक पिरिमिडीन) के ठीक सम्मुख होत है। इसी प्रकार साइटोसीन (एक पिरिमिडीन) ग्वानीन (एक पिरिडीन) के सम्मुख होता हे। इसके फलस्वरूप बड़े आकार की प्यूरीन एवं लघुआकार की पिरिमिडीन के मध्य एक ताला-कुँजी प्रकार की व्यवस्था हो जाती है। हाइड्रोजन बंध के द्वारा इस व्यवस्था को प्रबलित किया जाता है।
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Question 351 Mark
निम्नलिखित में से किस एक जोड़े के कोडॉनों को उनके प्रकार्य अथवा विशिष्ट ऐमीनो अम्ल के संकेतन के साथ सही मिलाया गया है?
Answer
(d) मानव पुनर्योंजित पुनरावर्ती DNA लाइब्रेरी से एक अति संरक्षित पुनरावर्ती DNA का अनुक्रम ( TTA GGA) पृथक किया गया है। टीलोमरेज गुणसूत्रों के सिरों को सील कर देता है।
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Question 361 Mark
ट्रांसक्रिपिन (अनुलेखन) के दौरान RNA पॉलीमरेज पूर्ण एंजाइम, एक जीन उन्नायक के साथ बन्धन करता है और एक काठी जैसी संरचना प्राप्त कर लेता है। इसका DNA -बन्धन अनुक्रम क्या है?
Answer
(c) डी.एन. ए. अनुक्रम मानव जीन्स के एक सेट की क्रमिक अभिव्यक्ति है, क्योंकि जीन्स, डी.एन. ए. अनुक्रम (sequence) का कार्यात्मक अंश है।
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Question 371 Mark
एक जीन- एक एंजाइम सम्बन्ध सर्वप्रथम किसमें स्थापित किया गया था?
Answer
(d) आर.एन. ए. पॉलीमरेज के लिए डी. एन.ए. के बंधन अभिक्रम (binding sequence) को TATA बॉक्स कहते हैं।
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Question 381 Mark
मानव जीनों के एक सेट की क्रमिक अभिव्यक्ति तब होती है जब एक स्टेरॉइड अणु निम्नलिखित में से किस एक के साथ बन्धन बना लेता है?
Answer
(a) mRNA का संश्लेषण DNA द्वारा शरीर की आवश्यकता के आधार पर किया जाता है। यह $m$-RNA अणु केन्द्रक से बाहर आकर राइबोसोम से जुड़कर प्रोटीन संश्लेषण में भाग लेता है। $t - RNA$ साइटोसोल में उपस्थित अमीनो अम्ल $m$-RNA टेम्पलेट पर लाता है। किसी प्रोटीन की पॉलीपेप्टाइड शृंखला का निर्धारण m-RNA द्वारा किया जाता है।
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Question 391 Mark
सुकेन्द्रकी कोशिकाओं में डी एन ए किस प्रकार समाया हुआ होता है।
Answer
(a) ओकाजाकी खन्ड DNA के भीतर DNA लाइगेज एन्जाइम के द्वारा बंधे होते हैं। DNA न्यूक्लिओटाइड्स विलयन में RNA प्राइमर को प्रतिस्थापित कर DNA श्रृंखला में वृद्धि होती है। प्रतिकरण सदैव 5 ' $\rightarrow 3^{\prime}$ दिशा में होता हैं जिसका संश्लेषण DNA साँचे पर $3^{\prime} \rightarrow 5^{\prime}$ दिशा में होता है और जो $3^{\prime} \rightarrow 5^{\prime}$ दिशा में वृद्धि करती हुई DNA की पिछली श्रृंखला से जुड़ता है।
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Question 401 Mark
टेलोमीयर पुनरावर्ती DNA अनुक्रम सुकेन्द्रकी गुणसूत्रों के कार्य का नियंत्रण करते हैं, क्योंकि ये
Answer
(b) न्यूक्लिओसोम मॉडल गूणसूत्रों का निर्माण करने वाले क्रोमैटिन पदार्थ में डी.एन.ए. एवं हिस्टोन प्रोटीन्स की व्यवस्था की व्याख्या करता है।
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Question 411 Mark
अंग विभेदन का आण्विक आधार, ट्रांसक्रिप्न (अनुलेखन) में किसके द्वारा मॉडुलन पर आधारित होता है?
Answer
(a) इसको आनुवांशिकीविद् जार्ज डब्ल्यू. बीडल एवं ई. एल. टेटम द्वारा प्रतिपादित किया गया था। इसके अनुसार जीवधारी में प्रत्येक जीन एक विशिष्ट एन्जाइम के उत्पादन को नियंत्रित करता है। ये एन्जाइम्स उन क्रियाओं को उत्प्रेरित करते हैं जिनसे जीन का फीनोटाइप बनता है।
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Question 421 Mark
DNA श्रृंखला वृद्धि में ओकाजाकी खण्ड
Answer
(c) DNA श्रृंखला से प्रोटीन अनुक्रम के निर्माण की प्रक्रिया को अनुलेखन कहते हैं जिसमें RNA पालीमरेज श्रृंखला तीन प्रकार की होती है।
(i) RNA पालीमरेज I
(ii) RNA पालीमरेज II
(iii) RNA पालीमरेज III
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Question 431 Mark
टीलोमेरेज एक एन्जाइम है जो कि-
Answer
(c) $CO -60$ से प्राप्त गामा किरणों $\left(\gamma_0{ }^{\circ}\right)$ का प्रयोग सामान्यतः फसलीय पौधों में म्यूटाजेनेसिस को प्रेरित करने के लिए किया जाता है क्योंकि उच्च ऊर्जा युक्त होती है।
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Question 441 Mark
प्रोटीन संश्लेषण में, अमीनो अम्ल श्रृंखला का निर्धारण किसकी शृंखला द्वारा होता है-
Answer
(a) कोशिकाद्रव्यी लक्षण वाले जीन, गुणसूत्रों में बाहर की तरफ होते हैं। कोशिका द्रव्य में वे, गुणसूत्रों जीनों की तरह अपने विशेषकों को अनुवांशिक करते हैं। युग्मनज निर्माण में, कोशिका द्रव्य माता के अण्डे से प्राप्त होता है। अतः कोशिकाद्रव्यी गुण मातृत्व दिशा से प्राप्त होते हैं अतः इसी कारण कोशिकाद्रव्यी अनुवांशिकता, मातृत्व अनुवांशिकता कहलाती है।
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Question 451 Mark
निम्न में से किस प्रकार की अनुवांशिक विधि में, सन्ततियों में मातृत्व प्रभाव किसके द्वारा सर्वाधिक होगा?
Answer
(c) बीडल व टाटम ने 'एक-जीन-एक-एन्जाइम' वाद प्रस्तुत किया जिसके अनुसार किसी जीवित कोशिका में गुणसूत्रों पर उपस्थित जीन्स, रेखीय क्रम में होते हैं। एक जीन, एक विशेष एन्जाइम ( प्रोटीन) के संश्लेषण को नियंत्रित करता है जो कि दर्शरूप लक्षणों के लिए जिम्मेदार होता है।
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Question 461 Mark
एक-जीन-एक-एन्जाइम परिकल्पना प्रस्तुत किया गया?
Answer
(c) टीलोमेरेज, राइबोन्यूक्लियो प्रोटीन होती है जो DNA में टीलोमीयर्स के धनी रज्जुओं का संश्लेषण करती है।
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Question 471 Mark
अनुलेखन के दौरान होलोएन्जाइम RNA पॉलीमरेज DNA शृंखला से जुड़ जाता है तथा DNA की संरचना उस बिन्दु पर काठी के समान हो जाती है। इस शृंखला को कहते हैं?
Answer
(b) आपरान्स, अनुवांशिक पदार्थों के खण्ड होते हैं जो नियमकारी इकाई या इकाईयों के रूप में कार्य करते हैं। जिन्हें सक्रिय व निष्क्रिय किया जा सकता है। एक आपरॉन एक से लेकर अनेक संरचनात्मक जीनों (लेक आपरॉन में तीन) से बना होता है। ये वे जीन्स हैं जो mRNA का उत्पादन पॉलीपेप्टाइडों/प्रोटीनों/एन्जाइमों के निर्माण के लिए करते हैं। $z$ ( $\beta$-गैलेक्टोसिडेज एन्जाइम उत्पन्न करता है जो लेक्टोज को ग्लूकोज व गैलेक्टोज में तोड़ता है) $y$-( गेलेक्टोसाइड परमियेज उत्पन्न करता है जो लेक्टोज के प्रवेश के लिए आवश्यक होती है) A (थायोगेलेक्टोसाइड ट्रान्सएसीटाइलेज एन्जाइम को उत्पन्न करता है)। आपरॉन के तीन संरचनात्मक जीन, एकल पॉलीसिस्ट्रोनिक mRNA उत्पन्न करता है।
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Question 481 Mark
जीन अभियान्त्रिकी द्वारा जीवाणुओं में मानव प्रोटीन का उत्पादन सम्भव है, क्योंकि-
Answer
(c) रिवर्स ट्रान्सक्रिप्टेज (RNA निर्भर-DNA पॉलीमेरेज) कुछ रेट्रोवाइससों में पाया जाता है e.g. HIV विषाणु
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Question 491 Mark
केवल लेक्टोज ऊर्जा स्रोत वाले माध्यम में, लेक आपरॉन के उत्परिवर्तित $z$ जीनयुक्त इ.कोलाई वृद्धि नहीं कर सकते क्योंकि-
Answer
(a) DNA फिन्गर प्रिन्टिग DNA के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों जो कि प्रत्येक जीव के अभिलाक्षणिक गुण होते हैं, के न्यूक्लियोटाइड श्रृंखलाओं को निर्धारित (पहचान) करने के लिए उपयोग की जाती है। DNA में नानसिस्ट्रोनिक अतिपरिवर्तनीय बारम्बारिक श्रृंखलाएं होती हैं जिन्हें VNTR कहते हैं। DNA फिन्गरप्रिटिग में इन्हीं VNTR की पहचान की जाती है।
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Question 501 Mark
निम्न में से कौन DNA के संश्लेषण के लिए RNA का टेम्पलेट के रूप में प्रयोग करता है?
Answer
(b) 28 क्षार-जोड़े ट्रान्सक्रिपिन आरम्भ स्थल होते हैं जो TATA बॉक्स के रूप में होते हैं। 40 क्षारों के पश्चात TATA बॉक्स LAAT बॉक्स के रूप में प्रदर्शित होते हैं। दोनों शृंखलाएं, यूकेरियोटिक प्रोमोटर्स में पहचान स्थल के रूप में कार्य करती है ( प्रोकेरियोट्स की अपेक्षा यूकेरियोटिक जीनों में ट्रान्सक्रिप्शन एक जटिल प्रक्रिया होती है)
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Question 511 Mark
फसलीय पौधों में म्यूटाजेनेसिस सामान्यतः उत्प्रेरित किया जाता है-
Answer
(d) अनुवांशिक कूट सार्वत्रिक होता है। इसका अर्थ हुआ कि दिया हुआ त्रिपलेट कोडॉन, यूकेरियोटिक माइटोकान्ड्रिया को छोड़कर, सभी जीवधारियों में समान अमीनो अम्ल के लिए कूट बनाते हैं।
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Question 521 Mark
एक उत्परिवर्तन घटना में, जब एडिनिन का प्रतिस्थापन ग्वानिन द्वारा हो तो यह उदाहरण होता है-
Answer
(b)
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Question 531 Mark
उच्च जीवधारियो में होने वाला क्रॉसिंग ओवर जो अनुवांशिक पुनर्संयोजन में परिणामित होता है, सम्पन्न होता है-
Answer
(c) ट्रान्जीशन में एक प्यूरीन क्षार का प्रतिस्थापन अन्य प्यूरीन क्षार ( $A$ का $G$ से या उल्टा) से होता है। ट्रान्सवर्जन में एक प्यूरीन क्षार का प्रतिस्थापन पाइरिमीडीन क्षार से या इसका उल्टा होता है। फ्रेमशिफ्ट उत्परिवर्तन में कोडॉनों का क्रम, न्यूक्लियोटाइड्स के निवेशन या विलोपन के कारण बदल जाता है। DNA के टेम्पलेट पर RNA का बनना ट्रान्जीशन कहलाता है।
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Question 541 Mark
यूकेरियोटिक गुणसूत्रों के टीलोमियर्स कौन-सी छोटी श्रृंखलाओं में बने होते हैं
Answer
(c) चारग्राफ के अनुसार प्यूरीन्स व पाइरिमीडीन्स समान मात्रा में होते हैं। प्यूरीन एडिनिन, पाइरिमीडीन थायमिन के बीच समअणुक होता है जबकि प्यूरीन ग्वानिन, पाइरिमीडीन, साइटोसिन के साथ समअणुक होता है। क्षार-अनुपात $=\frac{A+T}{C+G}$ किसी प्रजाति के लिए विशिष्ट होता है।
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Question 551 Mark
ट्रान्सजैनिक्स में, लक्षित ऊतक में ट्रांसजीन का प्रकटन निर्धारित किया जाता है-
Answer
(d) प्रतिलिपीकरण ओरी (ori) पर प्रारम्भ होता है। दोनों तरफ बढ़ता है। एक दिशीय प्रतिलिपिकरण बिरले ही होता है।
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Question 561 Mark
पोषण में वन्य रूप जिसको अतिरिक्त वृद्धि कारक की आवश्यकता नहीं होती, कहलाता है-
Answer
(b) ट्रान्सजैनिक जीव, अनुवांशिक रूप से रूपान्तरित जीव होते हैं।
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Question 571 Mark
DNA फिन्गर प्रिंटिग (DNA छाप) होती है-
Answer
(d) पोषणकारी उत्परिवर्तन जिन्हें अतिरिक्त वृद्धिकर्ता कारक की आवश्यकता होती है, आक्जोट्राफ कहलाते हैं। दर्शरूप जीन में बाह्य भौतिकीय प्रकटन होता है
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Question 581 Mark
किसी प्रजाति के लिए कौन-सा अनुपात स्थिर रहता है
Answer
(b) क्रॉसिंग ओवर समजात गुणसूत्रों के दो नान-सिस्टर क्रोमेटिड्स के मध्य होता है। समजात गुणसूत्र बाइवेलेन्ट बनाते हैं। क्रॉसिंग ओवर केन्द्रक के गुणसूत्रों के मध्य होता है।
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Question 591 Mark
जीवाणु गुणसूत्र के प्रतिलिपिकरण के दौरान, DNA संश्लेषण का आरम्भ प्रतिलिपिकरण उद्गम स्थल से होता है तथा-
Answer
(d) टीलोमीयर्स, गुणसूत्रों के न सटने वाले समापन सिरे होते हैं। इसमें हेटरोक्रोमेटिन व रिपीटीटिव DNA होता है।
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Question 601 Mark
यदि जीनों का एक गुच्छ सहलग्नता व्यवहार प्रदर्शित करे तो वे
Answer
(a) लाइगेज एन्जाइम दो ऐसे अणुओं के जो ATP के अपघटन से जुड़े होते हैं के संघनन को उत्प्रेरित करता है। DNA लाइगेज DNA के छोटे टुकड़ों को जोड़ने में प्रयोग किया जाता है।
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Question 611 Mark
प्रोकेरियोट्स में अनुवादन आरंभन के दौरान, GTP अणु की आवश्यकता होती है
Answer
(b) रेग्युलेटर एक जीन होता है जो आपरेटर जीन की सक्रियता को दमित करने के लिए जैव रसायन का उत्पादन करता है। प्रोमोटर वे जीन्स होते हैं जो RNA पॉलीमेरेज को जुड़ने के लिए स्थल उपलब्ध कराते हैं जो संरचनात्मक जीनों के अनुलेखन के लिए आवश्यक होता है।
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Question 621 Mark
निम्न में से कौन-सा कूट, प्रोटीन संश्लेषण में आरम्भन या समापन कूट के रूप में, अपनी विशिष्टता के साथ, अमीनो अम्ल से सुमेलित है?
Answer
(d) mRNA के ट्रान्सलेशन के दौरान आरम्भन काम्पलेक्स निर्माण के लिए GTP की आवश्यकता होती है। प्रोकेरियोट्स में आरंभक $AUG$ फार्माइल मिथयोनिन के लिए कूट बनाता है।
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Question 631 Mark
लेक आपरॉन में 'लैक' से क्या अभिप्राय है?
Answer
(d) सहलग्नता में जीन साथ होते हैं साथ ही पीढ़ी-दर-पीढ़ी अनुवांशिक होते हैं। सहलग्न जीन्स स्वतंत्र अपव्यूहन नहीं प्रदर्शित करते। चूंकि वे समान गुणसूत्र पर उपस्थित होते हैं।
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Question 641 Mark
क्या होगा यदि जीन कूटन प्रक्रिया में, 50 अमीनो अम्ल वाले पॉलीपेप्टाइड में 25 वाँ कोडॉन (UAU), उत्परिवर्तित होकर UAA हो जाए?
Answer
(a) AUG संभारन कोडॉन होता है। UCG, UUU व UGU क्रमशः सेरीन, फिनाइलएलेनीन व सिस्टीन के लिए कूट बनाते हैं।
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Question 651 Mark
अनुवांशिक कूट शब्दकोष में, 20 आवश्यक अमीनो अम्लों के कूटों के लिए कितने कोडॉनों की आवश्यकता होगी?
Answer
(b) UAA बाधा कोडॉन होता है अत: अमीनो अम्ल पर पॉलीपेप्टाइड का संश्लेषण रुक जाता है। 24 अमीनो अम्ल का एक पॉलीपेप्टाइड बनता है।
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Question 661 Mark
किसी आनुवांशिक कूट के पुनर्डत्पादन के लिए जिम्मेदार होता है-
Answer
(d) 64 कोडॉनों में, 3 कोडॉन असंगत होते हैं। इसलिए केवल 61 कोडानों 20 आवश्यक अमीनो अम्लों (पॉलीपेप्टाइडों) के निर्माण में भाग लेते हैं।
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Question 681 Mark
अनुलेखन के दौरान, DNA स्थल जिस पर RNA पॉलीमेरेज आकार जुड़ता है, कहलाता है?
Answer
(b) इ.कोलाई में लेक्टोज आपरॉन उपचयी मार्ग होता है जिससे संरचनात्मक जीन्स निष्क्रिय रहते हैं जब तक कि प्रेरक (लेक्टोज) माध्यम में उपस्थित न हो।
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Question 691 Mark
64 कोडॉनों में से, 61 कोडॉन 20 प्रकार के अमीनो अम्लों के लिए कूट बनाते हैं। इसे कहते हैं-
Answer
(b) रेग्युलेटर जीन एक जैव रसायन का उत्पादन करता है जो आपरेटर जीन की सक्रियता का दमन करता है। प्रोमोटर जीन, RNA पॉलीमेरेज को जुड़ने के लिए स्थान उपलब्ध कराता है जो कि संरचनात्मक जीनों के अनुलेखन के लिए आवश्यक होता है। संरचनात्मक जीन्स वे होते हैं जो पॉलीपेप्टाइड संश्लेषण के लिए $mRNA$ का अनुलेखन करते हैं।
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Question 701 Mark
इ.कोलाई में लेक्टोज उपापचय के दौरान, दमनकारक जुड़ता है-
Answer
(c) न्यूक्लिक अम्ल के प्रति रज्जु प्रति विरिआन, अनुवांशिक सूचना की मात्रा होती है 3 से 300 किलो क्षारें।
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Question 711 Mark
RNA में टूटन के पश्चात निम्न में से कौन एक्सॉन खण्ड से जुड़ता है-
Answer
(a) मौसमी पृथकीकरण में दो वेराइटी को विभिन्न मौसम में होने वाले जनन काल के आधार पर पृथक किया जा सकता है। व्यवहारिक पृथकीकरण में जन्तु के प्रजनन व्यवहार अर्थात मैथुन के समय के व्यवहार में अन्तर होने से मैथुन नहीं हो पाता है। यांत्रिक पृथकीकरण में जन्तु के प्रजनन अंग की स्थिति आकार, तथा संरचना में परिवर्तन होने से प्रजनन नहीं हो पाता है।
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Question 721 Mark
जेकब व मोनोड ने इ.कोलाई में लेक्टोज उपापचय का अध्ययन कर आपरॉन परिकल्पना प्रस्तुत की। आपरॉन परिकल्पना निम्न में से किस के ऊपर लागू होती है-
Answer
(a) 64 कोडॉनों में से केवल 3 को ही बाधा कूटक कहा जाता है। अमीनो अम्लों के लिए एक से अधिक कोडॉन होते हैं। अनुवांशिक कूट नान-ओवर लैपिंग होते हैं। तीन निकटस्थ न्यूक्लियोटाइड्स या क्षारें केवल एक अमीनो अम्ल के लिए कूट बनाते हैं। वोबलिंग से अभिप्रायः तीसरे क्षार की ह्रासता से होता है।
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Question 731 Mark
किस जीवाणु पर सर्वप्रथम रूपान्तरण प्रयोग किये गये?
Answer
(b) प्रोकेरियोट्स की अपेक्षा यूकेरियोट्स में जीन नियमन अधिक जटिल होता है।
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Question 741 Mark
यदि DNA में थायमिन की प्रतिशत $20 \%$ हो तो ग्वानिन की प्रतिशतता होगी।
Answer
(b) किसी जीव के अनुवांशिक पदार्थ में परिवर्तन होने को रूपांतरण कहते हैं जो कि बाह्य जीनों के प्रवेश के कारण होता है।
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Question 751 Mark
$m - RNA$ के एक्सॉन भाग में कूट होते हैं-
Answer
(c) चारगफ के नियम के अनुसार प्यूरीन और पाईरीमिडीन क्षारों का अनुपात बराबर होता है। $A = T , C \equiv G$ यदि $T =20 \%$ तब $A =20 \%$ तथा $C$ और $G$ होगा $30 \%, 30 \%$
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Question 761 Mark
नई जाति के निर्माण में निम्न में कौन सा अत्याधिक महत्वपूर्ण है
Answer
(a) एक्सान्स $mRNA$ के संकेतक भाग होते हैं।
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Question 771 Mark
DNA के टुकड़ों को जोड़ने के लिए किस एन्जाइम का प्रयोग किया जाता है-
Answer
(c) RNA पॉलीमेरेज नये DNA को संश्लेषित करता है। रज्जुक RNA प्राइमेज प्राइमर का निर्माण करता है।
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Question 781 Mark
कभी-कभी जीन व सिस्ट्रोन समानार्थक शब्द के रूप में प्रयोग किये जाते हैं क्योंकि-
Answer
(c) सिस्ट्रॉन DNA के खण्ड होते हैं जो एक पॉलीपेप्टाइड के संश्लेषण को विशिष्टीकृत करते हैं।
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Question 791 Mark
आरगेनोजेनेसिस (अंग जनन) के दौरान, वे जीन जो इस प्रक्रिया का नियमन विभिन्न स्तरों व विभिन्न समय पर करते हैं, होते हैं-
Answer
(b) इन्ट्रॉस, DNA पर असंकेतक शृंखलाएं होती हैं जबकि एक्जान्स संकेतक शृंखलाएं होती हैं।
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Question 801 Mark
लेडरबर्ग के रेप्लिका प्रयोग में स्ट्रेप्टोमाइसीन प्रतिरोधी स्ट्रेन किस माध्यम में बनता है?
Answer
(a) पूर्णमाध्यम तथा स्ट्रेप्टोमाइसीन
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Question 811 Mark
डी.एन.ए. टेम्पलेट पर, किस दिशा में mRNA का संश्लेषण होता है-
Answer
(a) उत्परिवर्तन अचानक होने वाले अनुवांशिकीय परिवर्तन होते हैं जो अनुवांशिक तंत्र में विकसित होते हैं। प्राकृतिक चयन भिन्नात्मक उत्पादन के आधार पर कार्य करता है।
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Question 821 Mark
निम्न में से किस कारण से पृथक जनसंख्या में एलील की बारम्बारता परिवर्तित हो सकती है-
Answer
(a) नकारात्मक (दम्नकर) आपरॉन में, दमनकर-सहदमनक आपरेटर से जुड़ता है। मुक्त दमनकर आपरेटर से नहीं जुड़ता।
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Question 831 Mark
नकारात्मक आपरॉन में-
Answer
(b) जीन उत्परिवर्तन, जीन प्रकटन में परिवर्तन होता है। जो कि संख्या शृंखला और न्यूक्लियोटाइडों के प्रकारों में परिवर्तन के कारण होता है।
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Question 841 Mark
न्यूक्लिक अम्ल में प्रति रज्जुक प्रतिविरिआन अनुवांशिक सूचना की मात्रा होती है-
Answer
(b) पूर्ण माध्यम तथा स्ट्रेप्टोमाइसीन
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Question 851 Mark
प्रोटीन संश्लेषण घटित होता है-
Answer
(d) पॉलीजीन एक जीन होता है, जिसका एकल प्रभावी एलील किसी विशेषक के एक गुण को प्रकट करता है। लीथल (घातक) जीन्स, प्रकट होकर आवश्यक पदार्थों के उत्पादन को रोक देते हैं जो कि जीवधारी के अस्तित्व के लिए आवश्यक होते हैं।
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Question 861 Mark
प्रयोगशाला में 'वृहत्मूषक' का विकास सम्भव हो सका-
Answer
(c) गुणसूत्र के दो अंतिम सिरे टीजोमर्स कहलाते हैं।
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Question 871 Mark
साधारणतः उत्परिवर्तन उत्पन्न करते हैं-
Answer
(a) मानवों के अगुणित जीनोम में क्षार युग्मों की संख्या होती है $2.9 \times 10^9$
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Question 881 Mark
टीलोमेरेज द्वारा क्रोमोसोम्स में सम्पन्न एक कार्य-
Answer
(a) राइबोसोम्स प्रोटीन संश्लेषण के स्थल होते हैं। माइटोकान्ड्रिया अर्द्ध स्वतंत्र अंग होने के कारण, अपने लिए प्रोटीन संश्लेषण खुद ही करता है।
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Question 891 Mark
डी.एन.ए. में उपस्थित AGCT निम्न में किस से संयुग्मित होता है-
Answer
(b) पॉलीमेरेज एन्जाइम नये DNA रज्जुओं को संश्लेषित करता है। लाइगेज DNA खण्डों को जोड़ता है। ट्रान्सक्रिप्टेज, ट्रान्सक्रिशन से जुड़ा होता है। एन्डोन्यूक्लिऐज DNA शृंखलाओं से जुड़ा होता है। तथा विशिष्ट स्थलों पर विदलन करता है।
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Question 901 Mark
निम्न में से कौन जीन अभियान्त्रिकी से संबंधित है-
Answer
(b) प्लाज्मिड शब्द का प्रयोग लेडरबर्ग (1952) द्वारा किया गया था। ये जीवाणु कोशिकाओं में DNA के अतिरिक्त घेरे होते हैं जो एक कोशिका से अन्य कोशिका में जीन का स्थानान्तरण करती हैं। इनका प्रयोग अनुवांशिक अभियांत्रिकी में होता है।
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Question 911 Mark
मानवों के अगुणित जीनोम में कितने क्षार युग्म होते हैं।
Answer
(a) आपरेटर जीन को सक्रियता का दमन करने के लिए नियामक जीन एक जैव-रसायन का उत्पादन करता है।
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Question 921 Mark
न्यूमोकोकस प्रयोग सिद्ध करता है कि-
Answer
(a) DNA में, एडीनिन सदैव थायमिन से तथा ग्वानिन सदैव साइटोसिन से जुड़ा होता है। इसे पूरक क्षार जोड़ा बनाना कहते हैं।
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Question 931 Mark
आपरॉन धारणा के अनुसार, नियंत्रक जीन्स कार्य करते हैं-
Answer
(a) न्यूमोकोकस पर ग्रिफिथ के प्रयोग ने सिद्ध किया कि DNA अनुवांशिक पदार्थ होता है।
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Question 941 Mark
यूकेरियोटिक जीनोम, प्रोकेरियोटिक जीनोम से अलग होता है क्योंकि
Answer
(d) यूकेरियोट्स के RNA में अकूटित मध्यवर्ती खण्ड होते हैं जिन्हें इन्ट्रोन्स कहा जाता है। काटकर व आवश्यक (संकेतिक) कूटिक श्रृंखलाओं ( एक्सान्स) को जोड़कर इन्ट्रान्स हटाने की प्रक्रिया को स्प्लाइसिंग कहते हैं।
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Question 951 Mark
DNA के 'रासायनिक चाकू' है-
Answer
(c) हाटस्पाटस नामक शब्द का सर्वप्रथम उपयोग बेन्जर ने उन स्थलों के लिए किया जो अधिक उत्परिवर्तन योग्य थे। 1978 में किये गये अध्ययन से पता चला कि 5-मिथाइल साइटोसिन अवशेष प्रत्येक हाट स्पोट पर पाया जाता है
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Question 961 Mark
निम्न में से किसके द्वारा DNA को विदलित कर DNA पुनसंयोजन को पूर्ण किया जाता है-
Answer
(c) लाइगेज, DNA के दो खण्डों को जोड़ता है। प्राइमेज, RNA प्राइमर के संश्लेषण को प्रारम्भ करता है। एक्सोन्यूक्लिऐज DNA को अंतिम सिरों पर तोड़ता है।
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Question 971 Mark
हाट स्पोट्स पर स्वतः बिन्दु उत्परिवर्तन के लिए कौन सा क्षार जिम्मेदार होता है।
Answer
(a) आपरेटर जीन, आपरॉन को कार्य करने देते हैं।
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Question 981 Mark
वे जीन्स जो संरचनात्मक जीनों के प्रतिलिपिकरण की प्रक्रिया को बन्द व शुरू करने में जुड़े होते हैं, कहलाते हैं-
Answer
(d) इन्ट्रान्स DNA की असंकेतक शृंखलाएं होती हैं। एक्जान्स संकेतिक शृंखलाएं होती हैं। सिस्ट्रान इकाई संकेतक श्रृंखला होती है जो प्रोटीन के लिए कूट बनाते हैं।
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Question 991 Mark
डी.एन.ए. के वे घटक जो स्थिति परिवर्तन कर सकते हैं कहलाते हैं-
Answer
(c) यूकेरियोट्स में DNA में हिस्टोन युक्त काम्पलेक्स होता है।
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Question 1001 Mark
ट्रांसलेशन के कौन से पद में उच्च ऊर्जा फास्फेट बंधन का प्रयोग नहीं होता-
Answer
(a) DNA फिन्गर प्रिन्टिग वह तकनीक है जिसका उपयोग DNA के कुछ विशिष्ट स्थलों की न्यूक्लियोटाइड श्रृंखलाओं को पहचानने (निर्धारित) के लिए किया जाता है। यह विशिष्ट क्षेत्र प्रत्येक व्यक्ति (जीव) के लिए अलग होते हैं।
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Question 1011 Mark
यूकेरियोट्स में, mRNA के लिप्यन्तरण के पश्चात् इसके पोलीपेप्टाइड मे रूपान्तरित होने के पूर्व इसके कुछ न्यूक्लियोटाइड हट जाते (विस्थापित) हैं। $mRNA$ से विस्थापित हुए न्यूक्लियोटाइड कहलाते हैं
Answer
(d) यूकेरियोट्स में ट्रांसक्रिशिन के दौरान पहचानने व आरम्भन के लिए पृथक (भिन्न) प्रोटीन कारक हिस्सा लेते हैं। वे ट्रांसक्रिशन कारक कहलाते हैं। सहएन्जाइम अप्रोटीनिक कार्बनिक सहकारक होते हैं जो कि होलोएन्जाइम्स की कार्यात्मकता के दौरान एपोएन्जाइमस से ढीले ढंग से जुड़ जाते हैं।
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Question 1021 Mark
श्रृंखला समापन करने वाले तीन कूटक हैं-
Answer
(d) $Mg ^{2+}$ व ATP की उपस्थिति में, अमीनो अम्लों की सक्रियता के दौरान, एक अमीनो अम्ल, अमीनोएसिल t-RNA सिन्थेटेज नामक विशिष्ट एन्जाइम से जुड़ जाता है। पाइरोफास्फेट मुक्त होकर व विखंडित होकर ऊर्जा मुक्त करता है। राइबोसोम इस प्रकार गति करता है जिससे $A$-स्थल का पेप्टिडिल युक्त, t-RNA, P-स्थल के निकट आ जाता है जिससे एक नया कोडॉन $A$-स्थल को दर्शित हो जाता है पेप्टिडिल ट्रांसफेरेज प्रक्रिया में GTP द्वारा ऊर्जा उपलब्ध करायी जाती है
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Question 1031 Mark
यदि एक पूर्ण रेडियोएक्टिव द्विकुण्डलित DNA अणु का रेडियोएक्टिविता विहीन माध्यम में दो चक्रों में प्रतिलिपिकरण हो, तो परिणामित 4 अणुओं में रेडियोएक्टिविता की अवस्था क्या होगी ?
Answer
(d) समापन कूटक बाधा चिन्ह होते हैं जो पालीपेप्टाइड संश्लेषण का समापन करते हैं। ये हैं UAA (ओक्रे), UAG (एम्बर), UGA (ओपल), कूटकों का निर्धारण DNA की क्षार शृंखला द्वारा किया जाता है। थायमिन RNA में अनुपस्थित होती है।
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Question 1041 Mark
किसी जीव के विकास के दौरान, एक जीन का उत्पाद अन्य जीन को सक्रिय करने के लिए आवश्यक होता है। ऐसे जीन उत्पाद कहलाते हैं।
Answer
(a) बहुगुणित एलील्स बहुगणित अल्टरनेटिव होते हैं अथवा एक ही जीन के एलील्स होते हैं जो एक ही जाति की आबादी में पाये जाते हैं। बहुजीन एक जीन होता है जिसका एकल प्रभावी एलील विशेषक की केवल एक इकाई को व्यक्त करता है। बहुजीन वे जीन्स होते हैं जो कि मात्रात्मक वंशागति का नियन्त्रण करते हैं आन्कोजीन्स केन्सरकारी जीन्स होते हैं।
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Question 1051 Mark
किसी गुण सूत्र के समान स्थानों पर होने वाले भिन्न उत्परिवर्तन उत्पन्न करते हैं
Answer
(a) DNA प्रतिलिपिकरण अर्द्धसंरक्षी होता है, जैसे प्रत्येक प्रतिलिपिकरण में एक पैतृक कुण्डल(वलय) वहीं रहता है तथा एक नया कुण्डल बनता है। इस प्रकार पैतृक DNA अणु का आधा भाग अगली पीढ़ी में पहुंचता है।
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Question 1061 Mark
DNA फिन्गर प्रिन्टिग का आधार है :-
Answer
(d) हेलीकेज एन्जाइम DNA हेलिक्स को अकुण्डिलत कर DNA रज्जुओं में खोलता है। पोलीमेरेज नये DNA रज्जुओं को संश्लेषित करता है।
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Question 1071 Mark
ओकाजाकी खण्ड निम्न में किस अवस्था के दौरान दिखायी पड़ते हैं-
Answer
(c) प्रोटीन संश्लेषण के दौरान t-RNA एक ग्राही अणु के रूप में कार्य करता है, जो अमीनो अम्ल को $m$-RNA टेम्पलेट तक ले जाता है। इस पर प्रतिकूटन होता है, जो $m - RNA$ पर विशिष्ट कूटकों को पहचानता है।
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Question 1081 Mark
न्यूक्लिक अम्ल के दो रज्जुओं के सिरों (छोरों) को जोड़ने वाला एन्जाइम है-
Answer
(b) समापन कूटक (त्रिपलेट) बाधा चिन्ह होते हैं जो पॉलीपेप्टाइड संश्लेषण का समापन करता है। समापन कूटक होते हैं- UAA, UAG व UGA
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Question 1091 Mark
ट्रांसलेशन (स्थिति परिवर्तन) समापनकर्ता ट्रिपलेट है-
Answer
(c) लैंगिक रज्जु जिन पर, DNA टेम्पलेट के विपरीत गमन के कारण, DNA की छोटी खांचें ही बनती हैं, DNA का प्रतिलिपिकरण असतत होता है। DNA की छोटी खांचें ऑकाजाकी खण्ड कहलाती है।
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Question 1101 Mark
निम्न में किसकी अरक्षित अवस्था में, प्रतिकूटक, अयुग्मित ट्रिपलेट क्षारें होती हैं-
Answer
(b) लेक आपरॉन एक प्रोमोटर जीन, एक आपरेटर जीन व एक संरचनात्मक जीन से मिलकर बना होता है। तीन संरचनात्मक जीन होते हैं जिन्हें $Z$, $Y$ व $\alpha$ कहा जाता है जो $\beta$-गेलेक्टोसाइडेज, लेक परमियेज व ट्रान्सएसीटाइलेज नामक एन्जाइमों के लिए कूट बनाते हैं। यह एक प्रेरक योग्य आपरॉन का उदाहरण है।
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Question 1111 Mark
यदि ऊसर इ. कोलाई कोशिकाएं ग्लूकोज युक्त माध्यम में उगायी जाएं तत्पश्चात इन्हें ऐसे माध्यम में हस्तान्तरित कर दिया जाए जहां शर्करा के रूप में लेक्टोज हो, निम्नलिखित परिवर्तनों में से कौन से परिवर्तन होंगे-
Answer
(b)
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Question 1121 Mark
एक वातावरणीय कारक जो, आपरॉन से प्रतिलिपिकरण प्रेरित करता है।
Answer
(c) जीन का वह क्षेत्र जो mRNA का भाग बन जाता है तथा प्रोटीनों में अन्य क्षेत्र के लिए कूट होता है, एक्जोन्स कहलाता है।
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Question 1131 Mark
लेक (लाक्षा) आपरॉन उदाहरण है-
Answer
(b) 'प्रेरक' एक वातावरणीय कारक होता है जो एक आपरॉन से अनुलेखन का आरम्भन करता है। प्रेरक या प्रभावी अणु छोटे होते हैं जो एक नियमित प्रोटीन से जुड़ सकते हैं।
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Question 1141 Mark
विभाजित जीनों में, कूट शृंखलाक्रम कहलाते हैं-
Answer
(c) सामान्य ग्लूकोज माध्यम में उगाये गये इशरीशिया कोलाई को लेक्टोज युक्त माध्यम में स्थानान्तरित करने पर लेक आपरॉन प्रेरित हो जाता है।
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Question 1151 Mark
डी.एन.ए, टेम्पलेट श्रृंखलाक्रम, CTGATAGC, mRNA पर प्रतिलिपित होगा, इस शृंखला क्रम में-
Answer
(b) अनुलेखन के दौरान DNA टेम्पलेट से पूरक RNA बनता है तथा थायमिन यूरेसिल द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है।
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Question 1161 Mark
A-T, G-C युग्मन के अलावा, DNA की क्षारें एकान्तरित संयोजन की स्थिति में मिल सकती हैं, यह व्यवस्था कहलाती है-
Answer
(c) कोडॉनों की संख्या 64 होती है। प्रत्येक कोडॉन में 3 क्षारें होती हैं जिससे प्रत्येक में रूपान्तरण या ट्रान्सवर्जन हो सकता है $\left(1 \times 3^2=549\right)$
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Question 1171 Mark
प्रतिलिपिकरण फार्क (चिमटों) के समान डी.एन.ए. डबल हेलिक्स को खोलने में मदद करने वाला प्रोटीन है-
Answer
(a) DNA हेलिक्स के प्रतिलिपिकरण के दौरान DNA गाइरेज, DNA के अकुण्डलन में भाग लेता है।
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Question 1181 Mark
निम्न में से कौन प्रोटीन संश्लेषण में भाग नहीं लेता-
Answer
(d) असंगत कोडॉन (UAA, UGA या UAG) के अमीनो एसिल या $A$ स्थल पर पहुंचने पर प्रोटीन संश्लेषण रुक जाता है।
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Question 1191 Mark
रिवर्स ट्रॉसक्रिप्टेस है-
Answer
(a) लेक आपेरान एक प्रेरणयोग्य आपेरान तंत्र होता है जो अनुवांशिक पदार्थ का नियमन करता है। अनुवांशिक पदार्थ सामान्यतः निष्क्रिय रहता है परन्तु किसी प्रेरक (लेक्टोस) की उपस्थिति में कार्यात्मक हो जाता है।
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Question 1201 Mark
अमीनो अम्ल कूटकों में, संभावित क्षार प्रतिस्थापनों की संख्या है-
Answer
(d) प्रतिलोम ट्रान्सक्रिप्टेज की सहायता से RNA जीनोम के ऊपर DNA का निर्माण प्रतिलोम अनुलेखन या समापनता कहलाता है।
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Question 1211 Mark
यूकेरियोट्स में प्र4ोटीन संश्लेषण का 'प्रारम्भिक कूटक' है-
Answer
(d) संभारन कोडॉन वह कूटक होता है जो प्रोटीन संश्लेषण को आरम्भ करता है। मिथयोंनिन के लिए वे AUG तथा वेलीन के लिए GUG होते हैं।
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Question 1221 Mark
असमान नाइट्रोजन क्षारों से युक्त डी.एन.ए, की सर्वाधिक संभावित बनावट होगी-
Answer
(a) $DNA$ के एक रज्जुक में पूरक क्षार जोड़े नहीं होंगे, अतः नाइट्रोजिनस क्षारें संख्या में असमान होंगी।
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Question 1231 Mark
डी.एन.ए, के प्रतिलिपीकरण के दौरान, इसके सूत्रों को अलग-अलग करता है-
Answer
(c) अनवाइनडेज या हेलीकेज DNA के रज्जुओं को अलग-अलग करने में भाग लेता है। प्रोकेरियोट्स में, हेलीकेज या अनवाइनडेज के साथ-साथ गाइेज भी इस कार्य में भाग लेता है।
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Question 1241 Mark
चूंकि अधिकतर अमीनो अम्ल एक से अधिक कूटक द्वारा प्रतिनिधित्व किये जाते हैं, अतः जेनेटिक कूट है-
Answer
(c) सभी अमीनो अम्ल (केवल ट्रिप्टोफेन व मिथयोंनिन) को छोड़कर एक से अधिक कूटकों (कोडॉनों) द्वारा विशिष्टीकृत होता है। अतः वह ह्रासित होते हैं।
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Question 1251 Mark
न्यमोकोकस का रूपान्तरित सिद्धान्त जो, एवरी, मेकलिएड व मकार्टी द्वारा खोजा गया, था-
Answer
(b) ग्रिफिथ ने न्यूमोकोकस पर प्रयोग करते है हुए खोजा कि DNA रूपान्तरणकारी रसायन होता है, इसकी पुष्टि एवरी, मेक्लिएड व मकार्टी ने की।
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Question 1261 Mark
डी.एन.ए, में न्यूक्लियोटाइड शृंखला क्रम देखा जा सकता है-
Answer
(a) 1953 में विल्किन्स ने DNA के चित्रों को $X$-रे क्रिस्टिलोग्राफी तकनीक से प्राप्त किया जिसके आधार पर वाटसन व क्रिक ने DNA के द्विकुण्डलित प्रारूप को विकसित किया।
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Question 1271 Mark
डी.एन.ए. आधारीय ( मूलभूत) अनुवांशिक पदार्थ है' इस कथन को सिद्ध किया-
Answer
(d) हर्शे व चेज (1952) ने इशरीशिया कोलाई पर प्रयोग करके सिद्ध किया कि DNA अनुवांशिक पदार्थ होता है।
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Question 1281 Mark
ट्रॉसलेशन की प्रक्रिया कहलाती है-
Answer
(b) प्रोटीन संश्लेषण, राइबोसोमों पर होता है, इसलिए इन्हें प्रोटीन कारखाना भी कहते हैं।
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Question 1291 Mark
${ }^{15} N$ से चिन्हित इर्शिशिया कोलाई को ${ }^{14} N$ माध्यम में उगाया जाता है, तो प्रथम पीढ़ी बैक्टीरिया के डी.एन.ए अणु के दो स्ट्रेन्ड (सूत्र) रखेंगे-
Answer
(a) ${ }^{14} N$ माध्यम में, एक पीढ़ी के पश्चात जीवाणु का DNA, भारी व हल्के बैण्डों के बीच अवस्थित हो जाता है। अर्द्धपरिमित DNA प्रतिलिपिकरण के कारण।
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Question 1301 Mark
डी.एन.ए, प्रतिलिपिकरण के अध्ययन हेतु प्रयोग लाया गया प्रायोगिक पदार्थ था-
Answer
(a) DNA के अर्द्धसंरक्षी प्रतिलिपीकरण के अध्ययन के लिए मीसेलसन व स्टाल (1958) ने, नाइट्रोजन के समस्थानिक युक्त अमोनियम क्लोराइड पर इशरीशिया कोलाई को उगाया।
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Question 1311 Mark
खुराना द्वारा सर्वप्रथम व्याखित ट्रिपलेट कूटक (कोडॉन) है-
Answer
(b) हर गोविन्द खुराना ने सर्वप्रथम सिस्टीन व वेलीन त्रिपलेट कूटकों को व्याख्यायित किया।
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Question 1321 Mark
एक न्यूक्लियोटाइड बना होता है-
Answer
(c) न्यूक्लियोटाइड DNA की ईकाई है जो कि नाइट्रोजनी क्षारों (प्यूरीन्स व पाइरिमीडीन्स) शर्करा (पेन्टोज) व फास्फेट की बनी होती है
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Question 1331 Mark
डी.एन.ए, से आर एन.ए, को अनुवांशिक सूचना हस्तांतरण (प्रवाह) की प्रक्रिया/ आर एन.ए, का डी.एन.ए, से बनना, कहलाती है-
Answer
(b) प्रोटीन संश्लेषण के मुख्य सिद्धान्त के अनुसार सूचना का प्रवाह एक दिशीय होता है अर्थात
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Question 1341 Mark
जेनेटिक शब्दकोश में, 64 कूटक (कोडॉन) होते हैं, क्योंकि
Answer
(d) अनुवांशिक कोड ट्रिपलेट होता है। 64 कोडॉन 20 अमीनो अम्लों को कोड करता है। अतः 44 कोडॉन अधिक होते हैं। अतः एक अमीनो अम्ल एक से अधिक कोडॉन द्वारा कोड होता है।
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Question 1351 Mark
डी.एन.ए, प्रतिलिपिकरण होता है-
Answer
(b) DNA के अर्द्धपरिमित प्रतिलिपिकरण में, प्रत्येक प्रतिलिपि में एक कुण्डल पुराना व एक कुण्डल नया होता है।
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Question 1361 Mark
अनुवांशिक कूट बना होता है (अनुवांशिक कूट में होते हैं)-
Answer
(b) अनुवांशिक कूट एक संबंध होता है जो कि DNA की पॉलीपेप्टाइड चेन की अमीनो अम्ल शृंखला व DNA की क्षार शृंखला के मध्य होता है। इसमें एडिनिन, ग्वानिन, साइटोसिन व थायमिन होते हैं
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