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MCQ

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35 questions · self-marked practice — reveal the answer and mark yourself.

Question 11 Mark
आहार-नाल के किस भाग में भोजन अंतिम रूप में पचता है?
Answer
पाचन का अधिकांश भाग छोटी आंत में पूरा होता है। पाचन क्रिया मुँह-गुहा से शुरू हो करके छोटी आँत में अन्तिम रूप में पचता है।
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Question 21 Mark
आयोडीन घोल की कुछ बूँदें चावल के पानी में डाली गईं। चावल का पानी नीले-काले रंग का हो गया। इससे पता चलता है कि चावल के पानी में
Answer
चावल के पानी का नीला-काला हो जाना स्टार्च की उपस्थिति को सुनिश्चित करता है क्योंकि स्टार्च आयोडीन के साथ नीले-काले रंग का जटिल यौगिक बनाता है।
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Question 31 Mark
आहार-नाल का कौन-सा भाग यकृत से पित्त रस प्राप्त करता है?
Answer
पित्त रस हरा अथवा नीले-भूरे रंग का द्रव है, जो यकृत द्वारा स्रावित होता है तथा हेप्टो-पैंक्रिएटिक नली द्वारा आहार-नाल की छोटी आँत वाले हिस्से में आता है।
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Question 41 Mark
आमाशय का अस्तर निम्नलिखित में से एक की उपस्थिति के कारण सुरक्षित बना रहता है। सही उत्तर चुनिए।
Answer
आमाशय में श्लेष्मा का अस्तर पाया जाता है। श्लेष्मा, आमाशय के अस्तर में उपस्थित ग्रन्थियों द्वारा स्रावित आंत्रीय रस में पाया जाता है। यह HCl युक्त अपने स्राव से आमाशय के अस्तर की रक्षा करने में सहायता करता है क्योंकि HCl प्रकृति में संक्षारक होता है। यदि श्लेष्मा का स्राव न हो, तो HCl आमाशय के अस्तर को नुकसान पहुँचाकर अल्सर के निर्माण को प्रेरित करता है।
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Question 51 Mark
यदि लार में लार-ऐमाइलेज की कमी हो, तब मुख-गुहा में कौन-सी घटना प्रभावित होगी?
Answer
यदि लार में लार-ऐमाइलेज की कमी हो, तब मुख-गुहा स्टार्च का पाचन नहीं होगा क्योंकि लार-ऐमाइलेज मुँह-गुहा में स्टार्च को पचाकर सर्करा में बदलता है।
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Question 61 Mark
मानव के आहार-नाल के विभिन्न भागों का सही क्रम कौन-सा है?
Answer
मनुष्य की आहारनाल में अंगों का क्रम है- मुख $\rightarrow$ ग्रसिका $\rightarrow$ आमाशय $\rightarrow$ छोटी आँत $\rightarrow$ बड़ी आँत $\rightarrow$ गुदा
मनुष्य में पाचन, पाचन तन्त्र द्वारा होता है जिसमें आहार नाल एवं उससे सम्बन्धित ग्रथियाँ सम्मिलित हैं।
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Question 71 Mark
मानवों के ऊतकों में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण पायरूवेट अम्ल किस कोशिकांग के भीतर लैक्टिक अम्ल में बदल जाता है?
Answer
लैक्टिक अम्ल, अवायवीय श्वसन द्वारा माँसपेशियों में बनता है तथा यह प्रक्रिया जीवद्रव्य में संपन्न होती है।
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Question 81 Mark
हमारे शरीर में मूत्र का सही मार्ग चुनिए-
Answer
मानव शरीर में एक जोड़ी वृक्क पाए जाते हैं जहाँ मूत्र निर्माण होता है। एक जोड़ी मूत्रवाहिनी नामक छोटी माँसल वाहिनी वृक्क से लेकर मूत्राशय तक फैली रहती हैं जो मूत्र को मूत्राशय में पहुँचाती है। मूत्र मूत्राशय से मूत्रमार्ग द्वारा शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है।
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Question 91 Mark
ऑक्सीजन की कमी से क्रिकेट के खिलाड़ियों की पेशियों में प्रायः खिंचाव उत्पन्न होने लगता है। ऐसा इस कारण होता है-
Answer
श्वसन क्रिया माँसपेशियों में ऊर्जा का एकमात्र स्रोत है। किसी कठोर शारीरिक क्रियाकलाप के दौरान, ऑक्सीजन की सीमित आपूर्ति वायवीय श्वसन का समर्थन नहीं करती है और मांसपेशियों पायरुवेट को लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित करती हैं जिससे मांसपेशियों में लैक्टिक अम्ल का संग्रह प्रेरित होता है तथा इसी के परिणामस्वरूप माँसपेशियों में जकड़न (ऐंठन) होने लगती है।
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Question 101 Mark
निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही हैं?
  1. पायरूवेट को यीस्ट की सहायता से ईथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में बदला जा सकता है।
  2. वायवीय जीवाणुओं में किण्वन होता है।
  3. माइटोकॉन्ड्रिया में किण्वन होता है।
  4. किण्वन अवायवीय श्वसन का ही एक रूप है।
Answer
यीस्ट एककोशिकीय जीव है, जो इथेनॉल का किण्वन करते हैं। प्रथम चरण में ग्लूकोज के 1 अणु का विखण्डन होकर 2 अणु पाइरूवेट बनते हैं। यह क्रिया जीवद्रव्य में होती है। सीमित मात्रा में ऑक्सीजन की उपलब्धता के कारण, पाइरूवेट जीवद्रव्य में बना रहता है। जहाँ पाइरूवेट डीकार्बोक्सिलेज तथा ऐल्कोहॉल डीहाइड्रोजिनेज एंजाइम अवायवीय श्वसन का दूसरा चरण चलाते हैं तथा इथेनॉल और कार्बन डाई ऑक्साइड उत्पन्न करते हैं।
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Question 111 Mark
पाचन क्षेत्र में भोजन के साथ मिलने वाला पहला एंजाइम कौन-सा है?
Answer
पाचन क्रिया का प्रारम्भ मुखगुहा से हो जाता है जहाँ लार ग्रन्थियाँ लार उत्पन्न करती हैं। लार में ऐमाइलेज एंजाइम पाया जाता है। अतः ऐमाइलेज पाचन क्षेत्र में भोजन के साथ मिलने वाला पहला एंजाइम है। लार ग्रन्थियों द्वारा स्रावित लार में ऐमाइलेज एंजाइम की उपस्थिति के कारण स्टार्च का पाचन प्रारम्भ हो जाता है। शेष सभी एंजाइम जैसे पेप्सिन, ट्रिप्सिन तथा अन्य पाचक एंजाइम आमाशय के अस्तर में उपस्थित ग्रन्थियों द्वारा स्रावित किए जाते हैं।
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Question 121 Mark
अधिकांश पौधे नाइट्रोजन को किस रूप में अवशोषित करते हैं?
  1. प्रोटीन
  2. नाइट्रेट एवं नाइट्राइट
  3. यूरिया
  4. वायुमंडलीय नाइट्रोजन
Answer
प्रोटीन तथा अन्य यौगिकों के संश्लेषण के लिए नाइट्रोजन एक आवश्यक तत्व है। पौधे इसे अकार्बनिक नाइट्रेट्स अथवा नाइट्राइट्स के रूप में ग्रहण करते हैं। पौधों द्वारा नाइट्रोजन का अन्तर्ग्रहण अकार्बनिक यौगिकों अर्थात, यूरिया द्वारा भी किया जाता है। जिसे जीवाणुओं (बैक्टीरिया) द्वारा वायुमंडलीय नाइट्रोजन की सहायता से बनाया जाता है।
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Question 131 Mark
सही कथन चुनिए।
  1. विषमपोषी प्राणी अपने भोजन का संश्लेषण स्वयं नहीं करते हैं।
  2. विषमपोषी प्राणी प्रकाश/संश्लेषण प्रक्रिया के लिए सौर ऊर्जा प्रयुक्त करते हैं।
  3. विषमपोषी प्राणी अपने भोजन का संश्लेषण स्वयं करते हैं।
  4. विषमपोषी प्राणी कार्बन डाइऑक्साइड और जल को कार्बोहाइड्रेटों में बदलने में समर्थ होते हैं।
Answer
विषमपोषी जीव अकार्बनिक पदार्थों जैसे $\ce{CO2}$ तथा जल से अपना भोजन स्वयं संश्लेषित नहीं कर सकते हैं क्योंकि इनमें सौर ऊर्जा को ग्रहण करने के लिए क्लोरोफिल नहीं होती है। ये अपने भोजन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से स्वपोषी जीवों पर आश्रित होते हैं। स्वपोषी जीव, प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया द्वारा $($सौर ऊर्जा के प्रयोग से$)$ अपना भोजन स्वयं संश्लेषित करते हैं। उदाहरण$-$ हरे पादप।
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Question 141 Mark
पौधों में रंध्रों का खुलना तथा बंद होना निर्भर होता है-
Answer
पर्णरंध्र (स्टोमेटा) पत्ती की सतह पर उपस्थित सूक्ष्म रंध्र हैं, जो श्वसन गैसों के विनिमय तथा वाष्पोत्सार्जन के लिए खुलते तथा बंद होते हैं। रंध्रों का खुलना और बंद होना द्वार कोशिकाओं पर निर्भर होता है। द्वार-कोशिकाओं में जब जल अन्दर जाता है तो वे फूल जाती है और रंध्र खुल जाता है। इसी प्रकार जब द्वार-कोशिकाओं द्वारा खुले हुए रंध्र से अतिरिक्त जल वाष्पीकृत हो जाता है (वाष्पोत्सर्जन क्रिया द्वारा) तो वे सिकुड़ती है और रंध्र बंद हो जाता है। इस प्रकार पौधों में रंध्रों का खुलना और बंद होना द्वार कोशिकाओं के अंदर उपस्थित जल पर निर्भर होता है।
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Question 151 Mark
उस घटना का चयन कीजिए जो प्रकाश-संश्लेषण में नहीं होती है:
Answer
कार्बन का कार्बन डाई ऑक्साइड में उपचयन (ऑक्सीकरण) कोशिकीय श्वसन में होता है। शेष सभी विकल्प प्रकाश संश्लेषण में घटित होते हैं। प्रकाश संश्लेषण में तीन घटनाएँ समाहित हैं अर्थात् क्लोरोफिल द्वारा प्रकाश ऊर्जा का अवशोषण तदोपरांत् जल के अणुओं का हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन में विखण्डन तथा कार्बन डाई ऑक्साइड का कार्बोहाइड्रेट्स में अपचयन (ऑक्सीकरण)।
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Question 161 Mark
निम्नलिखित समीकरणों में से कौन$-$से समीकरण को प्रकाश$-$संश्लेषण प्रक्रिया का समीकरण माना जाता है?
Answer
प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया इस प्रकार व्यक्त की जा सकती है।
$\ce{6CO2+ 12H2O} +$ क्लोरोफिल $+$ सूर्य का प्रकाश $\rightarrow \ce{C6H{12}O6+ 6O2+ 6H2O}$
प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसमें क्लोरोफिल रखने वाले जीव सूर्य के प्रकाश को ऊर्जा के स्रोत की भांति प्रयोग करते हैं। कार्बन डाईऑक्साइड कार्बन का मुख्य स्रोत तथा जल वायुमण्डलीय कार्बन डाई$-$ऑक्साइड को कार्बनिक यौगिक $($कार्बोहाइड्रेट$)$ में परिवर्तित करने के लिए इलेक्ट्रॉन दाता का कार्य करता है।
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Question 171 Mark
स्वपोषी में निचित रहने वाली आंतरिक (कोशिकीय) ऊर्जा किस रूप में होती है?
Answer
स्वपोषी जीवों में, आंतरिक (कोशिकीय) ऊर्जा स्टार्च के रूप में संचित रहती है। यद्यपि कार्बोहाइड्रेट्स, जैविक प्रक्रियाओं के लिए, कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान करने के लिए मुख्य ईंधन का कार्य करते हैं। प्रकाश संश्लेषण के द्वारा उत्पन्न शर्करा (ग्लूकोज), जिसका प्रयोग प्रत्यक्ष रूप से नहीं हो पाता है, स्टार्च (मण्ड) के रूप में पौधों में संचित हो जाती है। यह संचित भोजन, जीवों को आवश्यकता होने पर ऊर्जा प्रदान करता है।
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Question 181 Mark
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
  1. जीव समय के साथ वृद्धि करते हैं
  2. जीवों को अपने शरीर में होने वाली टूट-फूट की मरम्मत करते रहना चाहिए तथा उसे अपनी संरचना को बनाए रखना चाहिए।
  3. कोशिकाओं में अणुओं की गति नहीं होती है।
  4. ऊर्जा जैव प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक है।
Answer
कोशिका किसी जीव की मूल संरचनात्मक तथा कार्यात्मक इकाई है। जीव सुसंगठित संरचनाएँ है। इनमें ऊतक हो सकते हैं, ऊतकों में कोशिकाएँ होती हैं। कोशिकाओं में सूक्ष्म अवयव (कोशिकांग) होते हैं। प्रत्येक कोशिका अणुओं द्वारा निर्मित होती है। ये सभी अनु उपापचय में सम्मिलित होते हैं और एक कोशिकांग से दूसरे कोशिकांग में स्थानांतरित होते है। इस तरह सभी जीव अणुओं की गति दर्शाते हैं।
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Question 191 Mark
ऊतकों से बाहर आने वाले रुधिर में किसकी मात्रा अपेक्षाकृत अधिक हो जाती है?
Answer
ऊतकों से बाहर आने वाले रुधिर में से ऊतकों द्वारा ऑक्सीजन को ले लिया जाता है और कार्बन डाइऑक्साइड को रुधिर में छोड़ दिया जाता है। इस तरह शरीर के ऊपरी भाग से ऊपरी महाशिरा सिर, वक्ष तथा भुजाओं से विऑक्सीकृत रुधिर को एकत्र करके दाऐं आलिंद में प्रविष्ट हो जाती है जबकि शरीर के निचले भाग से निचली महाशिरा रुधिर को एकत्र करती है। दोनों महाशिराएँ विऑक्सीकृत रुधिर को दाएँ आलिंद में ले जाती हैं। अतः ऊतकों से बाहर आने वाले रुधिर में कार्बन डाई ऑक्साइड $(CO_2)$ की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है।
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Question 201 Mark
प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होनेवाली ऑक्सीजन कहाँ से प्राप्त होती है?
Answer
प्रकाश-संश्लेषण प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाली ऑक्सीजन जल से प्राप्त होती है। जब प्रकाश संश्लेषण के दौरान ऊर्जा को क्लोरोफिल द्वारा अवशोषित किया जाता है तो इस ऊर्जा की मदद से जल को हाइड्रोजन आयनों और ऑक्सीजन में तोड़ा जाता है।
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Question 211 Mark
वृक्कों की निस्यंदक इकाइयों को कहते हैं-
Answer
वृक्क हमारे उत्सर्जन तंत्र का मुख्य अंग होते हैं। प्रत्येक वृक्क में कार्यात्मक तथा संरचनात्मक निस्यंदन इकाई जो निस्यंदन, पुनरावशोषण तथा स्त्रावण का कार्य करती है, नेफ्रॉन कहलाती है। मूत्रवाहिनी पतली माँसल वाहिनी होती है जो वृक्क तथा मूत्राशय को जोड़ती है तथा मूत्र को मूत्राशय में पहुँचाती है। मूत्रमार्ग मूत्र को शरीर से बाहर त्याग देता है।
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Question 221 Mark
धमनियों का वर्णन करने के लिए सही कथन चुनिए:
  1. इनकी भित्तियाँ मोटी और प्रत्यास्थ होती हैं, इनमें रुधिर उच्च दाब के साथ बहता है, ये विभिन्न अंगों से रुधिर एकत्रित करके वापस हृदय में पहुँचाती हैं।
  2. इनकी भित्तियाँ पतली होती हैं और इनके भीतर कपाट होते हैं, इनमें रुधिर कम दाब के साथ बहता है, और ये रुधिर को हृदय से दूर शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाती हैं।
  3. इनकी भित्तियाँ मोटी एवं प्रत्यास्थ होती हैं, इनमें रुधिर कम दाब के साथ बहता है, ये रुधिर को हृदय से ले जाकर शरीर के विभिन्न भागों में पहुँचाती हैं।
  4. इनकी भित्तियाँ मोटी एवं प्रत्यास्थ होती हैं, इनमें रुधिर उच्च दाब के साथ बहता है और ये रुधिर को हृदय से दूर शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाती हैं।
Answer
धमनियाँ वे रुधिर वाहिनियाँ हैं जो रुधिर को हृदय से दूर विभिन्न अंगों तक पहुँचाने का कार्य करती हैं। धमनियों की मोटी, मजबूत तथा प्रत्यास्थ (लचीली) भित्तियाँ हृदय से आने वाले उच्च दाब वाले रुधिर को शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाने के लिए संशोधित होती हैं।
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Question 231 Mark
निम्नलिखित कशेरुकी समूह/समूहों में हृदय ऑक्सीजनित रुधिर को शरीर के विभिन्न भागों में पंप नहीं करता?
Answer
मछलियों में हृदय अनॉक्सीकृत रुधिर को गलफड़ों में भेजता है जहाँ से ऑक्सीकृत रुधिर विभिन्न अंगों को परिसंचरित होता है।
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Question 241 Mark
जीवों के निम्नलिखित वर्गों में से किस वर्ग के जीव खाद्य पदार्थों को शरीर के बाहर ही पचाकर उसका अवशोषण कर लेते हैं?
Answer
ये मृतोप्जीवी हैं तथा मृतोप्जीवियों में पाचन अन्तर्ग्रहण से पूर्व होता है। ये मृत पदार्थ में उपस्थित जटिल कार्बनिक अणुओं को तोड़कर उन्हें अपने शरीर के बाहर ही सरल पदार्थों में परिवर्तित कर देते हैं और तत्पश्वचात उन्हें अवशोषित करते हैं।
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Question 251 Mark
एकल परिसंचरण, अर्थात् शरीर में होकर एक चक्र के दौरान रुधिर का हृदय में होकर केवल एक बार प्रवाहित होना, निम्नलिखित में से किन में पाया जाता है?
Answer
हिप्पोकैपंस, एक्जोसीटस, ऐनाबस महावर्ग मत्स्य से संबंधित हैं। मछलियों में द्विवेश्मीय हृदय तथा एकल परिसंचरण पाया जाता है। एकल परिसंचरण के दैरान रुधिर हृदय से 1 चक्र में 1 बार ही होकर गुजरता है। जबकि उभयचरों तथा सरीसृपों में त्रिवेश्मीय हृदय तथा पक्षियों और स्तनधारियों में चार वेश्मों वाला हृदय तथा दोहरा परिसंचरण पाया जाता है।
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Question 261 Mark
संकुचन के दौरान निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना हदय के भीतर रुधिर को वापस विपरीत दिशा में बहने से रोकती है?
Answer
संकुचन के दौरान हृदय के भीतर स्थित कपाट रुधिर को वापस विपरीत दिशा में बहने से रोकते हैं। दोनों निलयों के मध्य तथा उनसे संबंधित रुधिर वाहिनियों में उपस्थित अर्द्धचन्द्राकार कपाट निलयों की तथा उनसे संबंधित रुधिर वाहिनियों में रुधिर को वापस विपरीत दिशा में बहने से रोकते हैं। इसी प्रकार, अलिन्द तथा निलय के मध्य उपस्थित कपाट रुधिर के प्रवाह को निंयत्रित करते हैं तथा आलिंद में रुधिर को वापस बहने से रोकते हैं। इस तरह हृदय कुशलता पूर्वक अपना कार्य कर पता है।
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Question 271 Mark
हृदय के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है?
  1. बायाँ अलिंद शरीर के विभिन्न भागों से ऑक्सीजनित रुधिर शरीर प्राप्त करता है, जबकि दायाँ अलिंद फेफड़ों में विऑक्सीजनित रुधिर प्राप्त करता है।
  2. बायाँ निलय ऑक्सीजनित रुधिर को शरीर के विभिन्न भागों में पंप कर देता है, जबकि दायाँ निलय विऑक्सीजनित रुधिर को फेफड़ों में पंप कर देता है।
  3. बायें अलिंद में से ऑक्सीजनित रुधिर दाएँ निलय में चला जाता है जो इस रुधिर को शरीर के विभिन्न भागों में भेज देता है।
  4. दायाँ अलिंद शरीर के विभिन्न भागों से विऑक्सीजनित रुधिर प्राप्त करता है, जबकि बायाँ निलय ऑक्सीजनित रुधिर को शरीर के विभिन्न भागों में पंप कर देता है।
Answer
रक्त बायें अलिन्द से दाऐं निलय में प्रवेश करता है तथा पल्मोनरी धमनी विऑक्सीकृत रक्त को दाऐं निलय में फुफ्फुसों में ऑक्सीकरण के लिए ले जाती है।
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Question 281 Mark
श्वसन के दौरान, गैसों का विनिमय कहाँ होता है?
Answer
श्वसन के दौरान गैसों का विनिमय फेफड़ों की कूपिकाओं में होता है। कूपिकाएँ गुब्बारे के आकर की संरचनाएँ होती हैं। कूपिकाओं की दीवारें अत्यन्त पतली होती हैं तथा यह अत्यन्त पतली रुधिर कोशिकाओं के जाल द्वारा घिरी रहती हैं। फेफड़ों में लाखों कूपिकाओं की उपस्थिति के कारण गैसों के विनिमय के लिए बड़ा सतही क्षेत्रफल प्राप्त होता है।
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Question 291 Mark
अंतःश्वसन के दौरान वायु-प्रवाह का सही मार्ग कौन-सा है?
Answer
अंतःश्वसन के दौरान, श्वसन के लिए वायु को नासाद्वार द्वारा शरीर में खींचा जाता है, जहाँ से वायु ग्रसनी में पहुँचती है। यहाँ से वायु कंठ से होते हुए श्वासनली तथा अन्ततः फुफ्फुसों के अंदर की संरचनाओं यानि कूपिकाओं तक पहुँचती है, जहाँ गैसीय विनिमय होता है।
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Question 301 Mark
श्वसन के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन$-$सा/से कथन सही हैं?
  1. अन्तःश्वसन के दौरान, पसलियाँ भीतर की ओर चली जाती हैं और डायफ्राम ऊपर की ओर उठ जाता है।
  2. कूपिकाओं के भीतर, गैसों का विनिमय होता है, अर्थात् कूपिकाओं की वायु की ऑक्सीजन विसरित होकर रुधिर में पहुँच जाती है, और रुधिर की कार्बन डाइऑक्साइड विसरित होकर कूपिकाओं की वायु में चली जाती है।
  3. हीमोग्लोबिन में ऑक्सीजन की अपेक्षा कार्बन डाइऑक्साइड के प्रति अधिक बन्धुता होती है।
  4. कूपिकाओं के कारण गैसों के विनिमय के लिए अधिक सतही क्षेत्रफल उपलब्ध हो जाता है।
Answer
मानव फुफ्फुस $($फेफड़ों$)$ में कूपिकाएँ गुब्बारे जैसी संरचनाएँ हैं जो गैसों के विनियम के लिए सतही क्षेत्रफल प्रदान करती हैं। कूपिकाओं के अस्तर में रुधिर वाहिनियों का जाल पाया जाता है। वायु फुफ्फुस की विस्तारित कूपिकाओं में भर जाती है। रुधिर शेष शारीरिक भागों से, $\ce{CO2}$ को मुक्त करने के लिए, कूपिकाओं में लाता है तथा कूपिकाओं में उपस्थित $\ce{O2}$ रुधिर में विसरित शरीर के सभी भागों तक पहुँचाई जाती है।
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Question 311 Mark
वायवीय श्वसन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन$-$सा कथन सबसे उपयुक्त है?
Answer
वायवीय श्वसन अर्थात् माइटोकॉन्ड्रिया में ग्लूकोज के पूर्ण विखण्डन द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड जल तथा बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा का उत्पादन होता है। ग्लूकोज का पायरुवेट में विखण्डन ग्लाइकोलाइसिस कहलाता है। यह एक ऑक्सीजन स्वायत्त मार्ग है जो कोशिकाद्रव्य में घटित होता है। ग्लाइकोलाइसिस के पश्चात्, पायरूवेट कोशिकाद्रव्य से माइट्रोकॉन्ड्रिया में प्रवेश करता है तथा शृंखलात्मक अभिक्रियाओं द्वारा ऑक्सीकृत होकर भारी मात्रा में ऊर्जा $\ce{(ATP), CO_2}$ तथा जल बनाता है।
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Question 321 Mark
यीस्ट में अवायवीय अभिक्रियाओं का सही क्रम क्या होता है?
Answer
यीस्ट एककोशिकीय ससमीकेन्द्रकीय (यूकैरियोटिक) जीव है जो ऐथेनॉल का किण्वन करता है। प्रथम चरण में ग्लूकोज कोशिका के कोशिकाद्रव्य में पायरूवेट में परिवर्तित होता है। ऑक्सीजन की सीमित उपलब्धता के कारण, पायरूवेट कोशिकाद्रव्य में बचा रहता है। जहाँ पायरूवेट डीकार्बोक्सिलेज तथा ऐल्कोहॉल डीहाइड्रोजिनेज एंजाइम द्वितीय चरण चलाते हैं। यह चरण अवायवीय श्वसन का होता है तथा इसमें एथेनॉल तथा कार्बन डाईऑक्साइड उत्पन्न होते हैं।
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Question 331 Mark
चूने के पानी से भरी परखनली में जब मुँह द्वारा फूँका जाता है तब चूने का पानी किसकी मौजूदगी के कारण दूधिया हो जाता है?
Answer
श्वसन के दौरान हम कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड गैस चूने के पानी के साथ अभिकृत होकर कैल्शियम कार्बोनेट बनाती है। अघुलनशील कैल्शियम कार्बोनेट सफेद रंग प्रकट होने के लिए उत्तरदायी है।
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Question 341 Mark
अग्नाशय रस का कार्य निम्नलिखित में से कौन-सा है?
Answer
अग्न्याशय रस का स्रावण करता है जिसमें निम्नलिखित पाचक एंजाइम निहित होते हैं- ऐमाइलेज़, लाइपेज़, ट्रिप्सिन। ऐमाइलेज़ स्टार्च का विखण्डन करता है, ट्रिप्सिन प्रोटीनों का पाचन करता है तथा लाइपेज पित्त रास द्वारा पायसीभूत की गयी वसाओं का विखण्डन करता है।
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Question 351 Mark
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन स्वपोषी जीवों के लिए सही नहीं है?
  1. वे कार्बोहाइड्रेटों का संश्लेषण कार्बन डाइऑक्साइड और जल से तथा सूर्य के प्रकाश एवं क्लोरोफिल की उपस्थिति में कर लेते हैं।
  2. वे कार्बोहाइड्रेटों को स्टार्च के रूप में भंडारित रखते हैं।
  3. वे कार्बन डाइऑक्साइड और जल को सूर्य के प्रकाश की अनुपस्थिति में कार्बोहाइड्रेटों में बदल लेते हैं।
  4. वे आहार शृंखलाओं में पृथक पोषी स्तर बनाते हैं।
Answer
स्वपोषी जीव बाहरी संसार से अपना भोजन प्राप्त करते हैं तथा ऊर्जा के रूप में संचित करते हैं। स्वपोषी जीव कार्बन डाई ऑक्साइड तथा जल को प्राप्त कर उसे सूर्य के प्रकाश तथा क्लोरोफिल की उपस्थिति में कार्बोहाइड्रेट में परिवर्तित करते हैं।
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